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बाजारों में है जाम की गंभीर स्थिति
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Thu, 26 Nov 2015 05:43 PM IST
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सहालग शुरू होने के साथ ही नगर में भीड़ और वाहनों का दबाव बढ़ने लगा है। काफी संख्या में लोग खरीदारी को बाजार में उमड़ रहे है। भीड़ और प्रमुख बाजारों में वाहनों के बढ़ते दबाव के कारण जाम के हालात पैदा हो रहे हैं।
विदित हो कि नगर के प्रमुख बाजारों में नो एंट्री की व्यवस्था लागू है। सोरों गेट, नदरई गेट, सहावर गेट, बिलराम गेट आदि प्रमुख मार्गों के प्रवेश द्वार पर ही पुलिसकर्मी व्यवस्था के लिए लगाए हुए हैं। ड्यूटी पर लगे इन पुलिस कर्मियों की ड्यूटी है कि वह किसी भी बड़े वाहन को प्रमुख बाजारों में न जाने दें।
लेकिन प्रभावशाली लोगों के वाहनों को रोकने में पुलिसकर्मी बेबस नजर आते हैं। नतीजा यह होता है जब वाहन बाजार में पहुंचते है तो बड़े जाम का कारण बनते हैं। जाम की सबसे बड़ी समस्या यहां व्यापारियों द्वारा अपने प्रतिष्ठानों के सामने किया गया अतिक्रमण भी है। प्रमुख बाजारों में प्रतिष्ठानों के बाहर दो-दो फुट तक व्यापारियों ने अतिक्रमण कर रखा है। इस पर भी जब इन प्रतिष्ठानों पर ग्राहक पहुंचते है तो उनके वाहन भी सड़क पर आड़े तिरछे खड़े नजर आते है।
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इससे वाहनों का दबाव बढ़ने पर प्रमुख बाजारों में जाम की समस्या उत्पन्न होती है। जाम का प्रमुख कारण बाजारों में दौड़ रहे ईरिक्शा भी है। ईरिक्शा संचालक बाजार में जहां तहां सवारियों को भरने के चक्कर में आड़े-तिरछे रोक देते हैं और बीच रास्ते से ही सवारियों को भरते है। पीछे से आ रहे वाहनों की भी यह संचालक परवाह नहीं करते। कभी-कभी प्रमुख बाजार में जाम के हालात इतने भीषण हो जाते हैं कि यहां पैदल चलने वाले राहगीरों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जाम की प्रमुख समस्या और उसके कारण से प्रशासनिक अधिकारी भी अनभिज्ञ नहीं है क्योंकि प्रतिदिन ही वह इन प्रमुख बाजारों से होकर गुजरते है। शहर की इस प्रमुख समस्या पर किसी भी प्रशासनिक अधिकारी का ध्यान नहीं।
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विदित हो कि नगर के प्रमुख बाजारों में नो एंट्री की व्यवस्था लागू है। सोरों गेट, नदरई गेट, सहावर गेट, बिलराम गेट आदि प्रमुख मार्गों के प्रवेश द्वार पर ही पुलिसकर्मी व्यवस्था के लिए लगाए हुए हैं। ड्यूटी पर लगे इन पुलिस कर्मियों की ड्यूटी है कि वह किसी भी बड़े वाहन को प्रमुख बाजारों में न जाने दें।
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लेकिन प्रभावशाली लोगों के वाहनों को रोकने में पुलिसकर्मी बेबस नजर आते हैं। नतीजा यह होता है जब वाहन बाजार में पहुंचते है तो बड़े जाम का कारण बनते हैं। जाम की सबसे बड़ी समस्या यहां व्यापारियों द्वारा अपने प्रतिष्ठानों के सामने किया गया अतिक्रमण भी है। प्रमुख बाजारों में प्रतिष्ठानों के बाहर दो-दो फुट तक व्यापारियों ने अतिक्रमण कर रखा है। इस पर भी जब इन प्रतिष्ठानों पर ग्राहक पहुंचते है तो उनके वाहन भी सड़क पर आड़े तिरछे खड़े नजर आते है।
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इससे वाहनों का दबाव बढ़ने पर प्रमुख बाजारों में जाम की समस्या उत्पन्न होती है। जाम का प्रमुख कारण बाजारों में दौड़ रहे ईरिक्शा भी है। ईरिक्शा संचालक बाजार में जहां तहां सवारियों को भरने के चक्कर में आड़े-तिरछे रोक देते हैं और बीच रास्ते से ही सवारियों को भरते है। पीछे से आ रहे वाहनों की भी यह संचालक परवाह नहीं करते। कभी-कभी प्रमुख बाजार में जाम के हालात इतने भीषण हो जाते हैं कि यहां पैदल चलने वाले राहगीरों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जाम की प्रमुख समस्या और उसके कारण से प्रशासनिक अधिकारी भी अनभिज्ञ नहीं है क्योंकि प्रतिदिन ही वह इन प्रमुख बाजारों से होकर गुजरते है। शहर की इस प्रमुख समस्या पर किसी भी प्रशासनिक अधिकारी का ध्यान नहीं।