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रोडरेज में रोडवेज बस चालक की हत्या, विरोध में नौ घंटे चक्का जाम
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Thu, 28 May 2015 11:48 PM IST
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बुधवार रात रोडरेज में रोडवेज बस चालक की बारातियों ने पीट-पीट कर हत्या कर दी और शव सड़क पर फेंक दिया। घटना के विरोध में रोडवेज कर्मियों ने बसें खड़ी कर चक्का जाम कर दिया। रोडवेज के बाहर सवारी भर रही एक निजी बस पर पथराव कर शीशे तोड़ दिए। अलीगढ़ से पहुंचे क्षेत्रीय प्रबंधक का घेराव किया और सूचना मिलने के बाद भी नहीं पहुंचे एआरएम कासगंज को निलंबित करने की मांग की। दोपहर एक बजे एआरएम को हटाने और जूनियर स्टेशन इंचार्ज को निलंबित करने के आश्वासन पर चक्का जाम समाप्त हुआ। गंगा दशहरा पर्व के दौरान नौ घंटे तक चले चक्का जाम के कारण यात्रियों की मुसीबतें बढ़ गई। बरात की बस के चालक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
बरात की बस में सवार लोगों की पिटाई से मारे गए बस चालक रतन कुमार चंदीकरा, बरनाहल मैनपुरी के रहने वाले थे और वह रोडवेज में बतौर चालक संविदा पर कार्य कर रहे थे। बुधवार की रात करीब दस बजे उन्होंने दिल्ली ले जाने के लिए बस निकाली और उसे बस स्टैंड के बाहर खड़ी करने के लिए बैक कर रहे थे। इसी बीच पीछे से आई एक बरात की बस को उन्होंने रुकने का इशारा किया। रोडवेज बस के आगे बढ़ने पर मजबूरन बरात की बस के चालक को बस रोकनी पड़ गई।
इसी पर कुछ बराती बस से उतर आए और रतन कुमार को खींच कर अपनी बस में ले गए और बस में गिरा कर पीटा। पिटाई से उसके शरीर व पेट में आई गंभीर चोटें आई और उसकी मौत हो गई। इसके बाद बराती सड़क पर ही रतन कुमार को फेंक कर फरार हो गए। जब अन्य लोगों को मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने बरात की बस के चालक को दबोच लिया। मौके पर पुलिस भी आ गईं। रतन कुमार को चिकित्सालय ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया गया। रात्रि में कासगंज के एआरएम को कर्मियों ने घटना की सूचना दी, लेकिन
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एआरएम न मौके पर पहुंचे और न ही चिकित्सालय। इसको लेकर रोडवेज में आक्रोश था। उन्होंने चक्का जाम लगा दिया। दोपहर करीब एक बजे क्षेत्रीय प्रबंधक आरिफ सकलैन ने जूनियर स्टेशन इंचार्ज को निलंबित कर दिया और एआरएम को हटाकर लखनऊ अटैच किए जाने की घोषणा की, इसके बाद चक्का जाम समाप्त हुआ।
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बरात की बस में सवार लोगों की पिटाई से मारे गए बस चालक रतन कुमार चंदीकरा, बरनाहल मैनपुरी के रहने वाले थे और वह रोडवेज में बतौर चालक संविदा पर कार्य कर रहे थे। बुधवार की रात करीब दस बजे उन्होंने दिल्ली ले जाने के लिए बस निकाली और उसे बस स्टैंड के बाहर खड़ी करने के लिए बैक कर रहे थे। इसी बीच पीछे से आई एक बरात की बस को उन्होंने रुकने का इशारा किया। रोडवेज बस के आगे बढ़ने पर मजबूरन बरात की बस के चालक को बस रोकनी पड़ गई।
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इसी पर कुछ बराती बस से उतर आए और रतन कुमार को खींच कर अपनी बस में ले गए और बस में गिरा कर पीटा। पिटाई से उसके शरीर व पेट में आई गंभीर चोटें आई और उसकी मौत हो गई। इसके बाद बराती सड़क पर ही रतन कुमार को फेंक कर फरार हो गए। जब अन्य लोगों को मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने बरात की बस के चालक को दबोच लिया। मौके पर पुलिस भी आ गईं। रतन कुमार को चिकित्सालय ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया गया। रात्रि में कासगंज के एआरएम को कर्मियों ने घटना की सूचना दी, लेकिन
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एआरएम न मौके पर पहुंचे और न ही चिकित्सालय। इसको लेकर रोडवेज में आक्रोश था। उन्होंने चक्का जाम लगा दिया। दोपहर करीब एक बजे क्षेत्रीय प्रबंधक आरिफ सकलैन ने जूनियर स्टेशन इंचार्ज को निलंबित कर दिया और एआरएम को हटाकर लखनऊ अटैच किए जाने की घोषणा की, इसके बाद चक्का जाम समाप्त हुआ।