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जाम लगने पर पुलिस-व्यापारी भिड़े
ब्यूरो अमर उजाला एटा
Updated Wed, 25 Feb 2015 12:00 AM IST
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मारहरा क्षेत्र के कस्बा मोहनपुरा में सोमवार की शाम मटर की मंडी के चलते लगे जाम के कारण व्यापारियों व पुलिस कर्मियों में हाथापाई हो गई। तीन थानों की पुलिस, पीएसी व सीओ सदर मौके पर पहुंच गए। थाना पुलिस ने छह व्यापारियों को हिरासत में लेकर शांति भंग में चालान कर दिया। दूसरी ओर थाना पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों ने मंगलवार को मटर की मंडी में खरीद नहीं की और धरने पर बैठ गए। मटर की खरीद न होने पर गुस्साए किसानों ने कासगंज-सिकंदराराऊ मार्ग पर आधा घंटे तक जाम लगा दिया। बाद में पहुंचे अधिकारियों ने व्यापारियों से बात कर जाम खुलवा दिया।
कस्बा मोहनपुरा में मटर की बड़ी मंडी लगती है। यहां से सैकड़ों गाड़ियों में मटर देश की विभिन्न मंडियों के लिए जाती है। प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों ने बताया कि इस मंडी से प्रतिदिन मंडी समिति को राजस्व के रूप में पांच लाख रुपया जाता है। इसके बाद भी मोहनपुरा में स्थायी मंडी समिति का निर्माण नहीं हुआ है। मटर खरीद की कोई उचित व्यवस्था न होने के चलते कासगंज-सिकंदराराऊ मार्ग पर दिनभर जाम के हालात बने रहते हैं। मोहनपुरा जिला कासगंज का राजस्व गांव है, जबकि थाना मारहरा है।
गत शनिवार को वहां से गुजर रहे कासगंज के जिलाधिकारी जेपी त्रिवेदी ने थाना पुलिस को जाम न लगने के लिए निर्देश दिए थे। बताते हैं कि सोमवार की सायं लगभग साढ़े सात बजे वहां लगे जाम को देखकर तीन पुलिस कर्मी पहुंचे। इस दौरान व्यापारियों से कहासुनी हो गई। हाथापाई तक हो गई। सूचना पर थाना मारहरा के अलावा मिरहची, पिलुआ और पीएसी के साथ क्षेत्राधिकारी सदर राघवेंद्र सिंह चौहान भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने छह व्यापारी धीरेंद्र, भूल सिंह, चंद्रशेखर, रजनेश, राजू व एक अन्य के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई कर चालान कर दिया। इस पर व्यापारी भड़क गए और मंगलवार को खरीद नहीं की। खरीद न होने पर बाहर से आए किसान परेशान हो गए और जाम लगा दिया।
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मटर मंडी से राजस्व के रूप में विभाग को पांच लाख रुपये प्रतिदिन की आय होती है। अव्यवस्थाओं की जानकारी उनके द्वारा उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। व्यापारियों के साथ होने वाली पुलिस कार्रवाई के बारे में उप जिलाधिकारी कासगंज से बात करेंगे और समाधान कराएंगे।
- सत्यपाल सिंह गंगवार, सचिव मंडी समिति, कासगंज
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कस्बा मोहनपुरा में मटर की बड़ी मंडी लगती है। यहां से सैकड़ों गाड़ियों में मटर देश की विभिन्न मंडियों के लिए जाती है। प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों ने बताया कि इस मंडी से प्रतिदिन मंडी समिति को राजस्व के रूप में पांच लाख रुपया जाता है। इसके बाद भी मोहनपुरा में स्थायी मंडी समिति का निर्माण नहीं हुआ है। मटर खरीद की कोई उचित व्यवस्था न होने के चलते कासगंज-सिकंदराराऊ मार्ग पर दिनभर जाम के हालात बने रहते हैं। मोहनपुरा जिला कासगंज का राजस्व गांव है, जबकि थाना मारहरा है।
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गत शनिवार को वहां से गुजर रहे कासगंज के जिलाधिकारी जेपी त्रिवेदी ने थाना पुलिस को जाम न लगने के लिए निर्देश दिए थे। बताते हैं कि सोमवार की सायं लगभग साढ़े सात बजे वहां लगे जाम को देखकर तीन पुलिस कर्मी पहुंचे। इस दौरान व्यापारियों से कहासुनी हो गई। हाथापाई तक हो गई। सूचना पर थाना मारहरा के अलावा मिरहची, पिलुआ और पीएसी के साथ क्षेत्राधिकारी सदर राघवेंद्र सिंह चौहान भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने छह व्यापारी धीरेंद्र, भूल सिंह, चंद्रशेखर, रजनेश, राजू व एक अन्य के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई कर चालान कर दिया। इस पर व्यापारी भड़क गए और मंगलवार को खरीद नहीं की। खरीद न होने पर बाहर से आए किसान परेशान हो गए और जाम लगा दिया।
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मटर मंडी से राजस्व के रूप में विभाग को पांच लाख रुपये प्रतिदिन की आय होती है। अव्यवस्थाओं की जानकारी उनके द्वारा उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। व्यापारियों के साथ होने वाली पुलिस कार्रवाई के बारे में उप जिलाधिकारी कासगंज से बात करेंगे और समाधान कराएंगे।
- सत्यपाल सिंह गंगवार, सचिव मंडी समिति, कासगंज