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एटा में प्रदेश भर के हेपेटाइटिस-बी रोगियों का इलाज
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डायलेसिस ।संवाद
- फोटो : ETAH
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एटा। प्रदेश भर के हेपेटाइटिस-बी पॉजिटिव मरीजों को एटा में उपचार मिल रहा है। गोंडा और गाजियाबाद तक के मरीज यहां डायलिसिस कराने आ रहे हैं। यहां अक्तूबर 2020 में चालू हुई मशीन मरीजों के लिए जीवनदायिनी का काम कर रही है। अब तक करीब 600 मरीजों की डायलिसिस हो चुकी है।
मेडिकल कॉलेज में संचालित हीमो डायलिसिस यूनिट में ही सरकारी खर्चे पर हेपेटाइटिस-बी पॉजिटिव मरीजों की डायलिसिस होती है। हैरिटेज संस्था लखनऊ के मैनेजर राजेश गिरि ने बताया कि इससे पहले पीजीआई लखनऊ में मशीन संचालित थी, लेकिन खराब होने के बाद संचालित नहीं हो सकी है। ऐसे में प्रदेश भर के हेपेटाइटिस-बी पॉजिटिव मरीजों को एटा में ही डायलिसिस कराने के लिए आना पड़ता है। निजी अस्पतालों में हेपेटाइटिस-बी मरीजों को डायलिसिस कराने में भारी-भरकम रकम खर्च करनी होती है।
यहां के लोग करा चुके हैं डायलिसिस
जिला अस्पताल स्थित डायलिसिस कराने के लिए सत्यनारायण निवासी बैरावा कलानिया गोंडा, श्यामपती दुर्जनपुर लोहरन पुर्वा गोंडा, ज्योति देवी इटावा, चंद्रदेव निवासी छाता मथुरा, प्रेमपाल निवासी कंपिल फर्रुखाबाद और रामकुमार गाजियाबाद आदि शामिल हैं।
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मेरी पत्नी शशिदेवी (46) हेपेटाइटिस-बी पॉजिटिव हैं। बरेली में निजी अस्पताल में दो बार डायलिसिस कराई तो काफी खर्च हुआ। इसके बाद सरकारी अस्पताल से एटा के लिए रेफर किया गया है। यहां नवंबर से डायलिसिस करा रहे हैं।
राजकुमार, बंगावई, बदायूं
जिला अस्पताल में स्थित हीमो डायलिसिस यूनिट में ही हेपेटाइटिस-बी पॉजिटिव मशीन लगी है। यहां पर प्रदेश भर के मरीज आते हैं। अमांपुर विधायक ममतेश शाक्य के पिता हेपेटाइटिस-बी पॉजिटिव थे। विधायक जी के विशेष सहयोग से जिला को सेवा मिल सकी है।
डॉ. राजेश कुमार अग्रवाल, सीएमएम
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मेडिकल कॉलेज में संचालित हीमो डायलिसिस यूनिट में ही सरकारी खर्चे पर हेपेटाइटिस-बी पॉजिटिव मरीजों की डायलिसिस होती है। हैरिटेज संस्था लखनऊ के मैनेजर राजेश गिरि ने बताया कि इससे पहले पीजीआई लखनऊ में मशीन संचालित थी, लेकिन खराब होने के बाद संचालित नहीं हो सकी है। ऐसे में प्रदेश भर के हेपेटाइटिस-बी पॉजिटिव मरीजों को एटा में ही डायलिसिस कराने के लिए आना पड़ता है। निजी अस्पतालों में हेपेटाइटिस-बी मरीजों को डायलिसिस कराने में भारी-भरकम रकम खर्च करनी होती है।
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यहां के लोग करा चुके हैं डायलिसिस
जिला अस्पताल स्थित डायलिसिस कराने के लिए सत्यनारायण निवासी बैरावा कलानिया गोंडा, श्यामपती दुर्जनपुर लोहरन पुर्वा गोंडा, ज्योति देवी इटावा, चंद्रदेव निवासी छाता मथुरा, प्रेमपाल निवासी कंपिल फर्रुखाबाद और रामकुमार गाजियाबाद आदि शामिल हैं।
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मेरी पत्नी शशिदेवी (46) हेपेटाइटिस-बी पॉजिटिव हैं। बरेली में निजी अस्पताल में दो बार डायलिसिस कराई तो काफी खर्च हुआ। इसके बाद सरकारी अस्पताल से एटा के लिए रेफर किया गया है। यहां नवंबर से डायलिसिस करा रहे हैं।
राजकुमार, बंगावई, बदायूं
जिला अस्पताल में स्थित हीमो डायलिसिस यूनिट में ही हेपेटाइटिस-बी पॉजिटिव मशीन लगी है। यहां पर प्रदेश भर के मरीज आते हैं। अमांपुर विधायक ममतेश शाक्य के पिता हेपेटाइटिस-बी पॉजिटिव थे। विधायक जी के विशेष सहयोग से जिला को सेवा मिल सकी है।
डॉ. राजेश कुमार अग्रवाल, सीएमएम