{"_id":"6a3ad582bd0002fea708fb04","slug":"young-man-dies-of-dengue-in-south-africa-body-brought-to-village-deoria-news-c-208-1-deo1023-185285-2026-06-24","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"12 दिन बाद आया शव: दक्षिण अफ्रीका में डेंगू से देवरिया के युवक की मौत, 3 महीने पहले रोजगार के लिए गया था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
12 दिन बाद आया शव: दक्षिण अफ्रीका में डेंगू से देवरिया के युवक की मौत, 3 महीने पहले रोजगार के लिए गया था
Wed, 24 Jun 2026 12:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 24 Jun 2026 12:20 AM IST
सार
थाना क्षेत्र के चकमाधो उर्फ मठिया गांव निवासी 31 वर्षीय बृजेश कुमार पासवान करीब तीन माह पहले रोजगार के लिए दक्षिण अफ्रीका गए थे। वहां वह एक निजी कंपनी में काम करता था। परिजन के मुताबिक, कुछ दिन पहले उसकी तबीयत खराब हुई और जांच में डेंगू की पुष्टि हुई।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दक्षिण अफ्रीका में तीन महीने पहले नौकरी करने गए बरियारपुर क्षेत्र के एक युवक की डेंगू बीमारी से मौत हो गई। मौत के 12 दिन बाद मंगलवार को उसका शव गांव लाया गया तो परिजनों की चीख-पुकार मच गई। गंडक नदी के बैकुंठपुर घाट पर शव अंतिम संस्कार किया गया।
विज्ञापन
थाना क्षेत्र के चकमाधो उर्फ मठिया गांव निवासी 31 वर्षीय बृजेश कुमार पासवान करीब तीन माह पहले रोजगार के लिए दक्षिण अफ्रीका गए थे। वहां वह एक निजी कंपनी में काम करता था। परिजन के मुताबिक, कुछ दिन पहले उसकी तबीयत खराब हुई और जांच में डेंगू की पुष्टि हुई।
विज्ञापन
इसके बाद कंपनी की ओर से अस्पताल में भर्ती कराकर उपचार कराया जा रहा था। उपचार के दौरान 11 जून को उसकी हालत अचानक गंभीर हो गई और मौत हो गई। विदेश में बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। इसके बाद परिजन शव को भारत लाने की प्रक्रिया में जुट गए।
विदेश मंत्रालय और संबंधित कंपनी के सहयोग से सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद 12 दिन बाद उसका शव गांव लाया जा सका। मंगलवार को शव पहुंचते ही घर पर लोगों की भीड़ जुट गई। पत्नी हिरांती देवी, पुत्र विकास और सरस के विलाप से मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
विदेश मंत्रालय और संबंधित कंपनी के सहयोग से सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद 12 दिन बाद उसका शव गांव लाया जा सका। मंगलवार को शव पहुंचते ही घर पर लोगों की भीड़ जुट गई। पत्नी हिरांती देवी, पुत्र विकास और सरस के विलाप से मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।