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Deoria News: किराएदारों का होगा सत्यापन, बदमाशों से भरवाए जा रहे बांड
Mon, 19 Jan 2026 01:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 19 Jan 2026 01:10 AM IST
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देवरिया। जिले के शहरी क्षेत्र में रहने वाले किराएदारों का पुलिस सत्यापन कराएगी। इसके लिए मकान मालिकों के जरिए किराएदारों का विवरण जुटाया जाएगा। इससे किसी अन्य जिले से आकर छिपने वाले अपराधियों की जानकारी मिल सकेगी।
इसके अलावा चोरी, लूट और छिनैती जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुराने अपराधियों से एक बांड भरवाया जा रहा है, जिसमें उन्हें अपनी गतिविधि की जानकारी देनी होगी। इस अभियान की शुरूआत भी बिहार बार्डर वाले सीओ सर्किल सलेमपुर, भाटपाररानी और बरहज से की जा रही है।
इस पहल का उद्देश्य बाहर से आकर छिपकर रहने वाले दूसरे जिलों और प्रांतों के बदमाशों की पहचान करना और समय रहते उनकी गतिविधियों पर नजर रखना है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कई बार आपराधिक घटनाओं की जांच में यह तथ्य सामने आता है कि वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी किराए के मकानों में रह रहे थे। देवरिया जिला बिहार का बार्डर है और यहां शराब व पशु तस्करी में लिप्त तमाम अपराधी आते-जाते रहते हैं।
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अभियान के तहत जिले के सभी थानों की पुलिस टीमों को अपने-अपने क्षेत्रों में किराए पर रहने वाले लोगों का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं। मकान मालिकों से कहा जा रहा है कि वे अपने यहां रहने वाले किराएदारों का पूरा विवरण उपलब्ध कराएं। इसमें पहचान पत्र, स्थायी पता, मोबाइल नंबर और कार्यस्थल की जानकारी शामिल है। बिना सत्यापन के किराए पर कमरा या मकान देने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
इसके साथ ही पुलिस उन लोगों से भी बांड भरवा रही है, जिनका आपराधिक इतिहास रहा है या जिनकी गतिविधियां संदिग्ध पाई गई हैं। पुलिस का कहना है कि बांड भरवाने का मकसद उन्हें अपराध से दूर रखना और भविष्य में किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल होने पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करना है। बांड भरने वाले व्यक्तियों की नियमित निगरानी की जाएगी और उनकी आवाजाही व संपर्कों पर नजर रखी जाएगी।
इस अभियान से दूसरे जिलों और राज्यों से आकर जिले में छिपकर रहने वाले अपराधियों की पहचान आसान होगी। अक्सर ऐसे बदमाश किराए के मकानों में नाम बदलकर या फर्जी पहचान के सहारे रहते हैं और मौका मिलते ही चोरी, लूट या छिनैती जैसी वारदातों को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। सत्यापन की प्रक्रिया सख्त होने से ऐसे लोगों के लिए जिले में ठहरना मुश्किल होगा।
इसी तरह चोरी, लूट या छिनैती की घटना होने पर सबसे पहले बांड भरने वाले और संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों की छानबीन की जाएगी। इससे अपराध के खुलासे में तेजी आएगी और अपराधियों तक पहुंचने में पुलिस को मदद मिलेगी।
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इसके अलावा चोरी, लूट और छिनैती जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुराने अपराधियों से एक बांड भरवाया जा रहा है, जिसमें उन्हें अपनी गतिविधि की जानकारी देनी होगी। इस अभियान की शुरूआत भी बिहार बार्डर वाले सीओ सर्किल सलेमपुर, भाटपाररानी और बरहज से की जा रही है।
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इस पहल का उद्देश्य बाहर से आकर छिपकर रहने वाले दूसरे जिलों और प्रांतों के बदमाशों की पहचान करना और समय रहते उनकी गतिविधियों पर नजर रखना है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कई बार आपराधिक घटनाओं की जांच में यह तथ्य सामने आता है कि वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी किराए के मकानों में रह रहे थे। देवरिया जिला बिहार का बार्डर है और यहां शराब व पशु तस्करी में लिप्त तमाम अपराधी आते-जाते रहते हैं।
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अभियान के तहत जिले के सभी थानों की पुलिस टीमों को अपने-अपने क्षेत्रों में किराए पर रहने वाले लोगों का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं। मकान मालिकों से कहा जा रहा है कि वे अपने यहां रहने वाले किराएदारों का पूरा विवरण उपलब्ध कराएं। इसमें पहचान पत्र, स्थायी पता, मोबाइल नंबर और कार्यस्थल की जानकारी शामिल है। बिना सत्यापन के किराए पर कमरा या मकान देने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
इसके साथ ही पुलिस उन लोगों से भी बांड भरवा रही है, जिनका आपराधिक इतिहास रहा है या जिनकी गतिविधियां संदिग्ध पाई गई हैं। पुलिस का कहना है कि बांड भरवाने का मकसद उन्हें अपराध से दूर रखना और भविष्य में किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल होने पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करना है। बांड भरने वाले व्यक्तियों की नियमित निगरानी की जाएगी और उनकी आवाजाही व संपर्कों पर नजर रखी जाएगी।
इस अभियान से दूसरे जिलों और राज्यों से आकर जिले में छिपकर रहने वाले अपराधियों की पहचान आसान होगी। अक्सर ऐसे बदमाश किराए के मकानों में नाम बदलकर या फर्जी पहचान के सहारे रहते हैं और मौका मिलते ही चोरी, लूट या छिनैती जैसी वारदातों को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। सत्यापन की प्रक्रिया सख्त होने से ऐसे लोगों के लिए जिले में ठहरना मुश्किल होगा।
इसी तरह चोरी, लूट या छिनैती की घटना होने पर सबसे पहले बांड भरने वाले और संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों की छानबीन की जाएगी। इससे अपराध के खुलासे में तेजी आएगी और अपराधियों तक पहुंचने में पुलिस को मदद मिलेगी।