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तेजस्विनी को मिसेज ग्लोबल वर्ल्ड साउथ अफ्रीका का खिताब
deoria
Updated Mon, 24 Sep 2018 12:04 AM IST
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तेजस्विनी सिंह।
- फोटो : amar ujala
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देवरिया। तेजस्विनी सिंह ने दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में आयोजित मिसेज ग्लोबल इंटरनेशनल वर्ल्ड - 2018 में प्रिंसेस श्रेणी की विश्वविजेता का खिताब जीतकर एक बार फिर भारतीय सौंदर्य का लोहा पूरे विश्व में मनवाया है। पांच दिन चली इस कठिन प्रतियोगिता में तेजस्विनी ने हर चरण में सबसे ज्यादा अंक हासिल कर अपने सौंदर्य के साथ बुद्धिमत्ता को दुनिया के सामने साबित किया।
जनपद के लार के खेमादेई निवासी स्व. राम सिंह की बेटी तेजस्विनी सिंह ने यह खिताब हासिल कर जिले को राष्ट्रीय फलक पर ला खड़ा किया है। प्रतियोगिता के कंट्री कल्चर राउंड में तेजस्विनी के कपड़ों में राधा-कृष्ण का समागम एक साथ देखने को मिला। वहीं, भारतीय घाघरे में देश के हर राज्य की खास कला को पिरोया गया। शनिवार देर रात तक चले टैलेंट राउंड में तेजस्विनी ने भारतीय संस्कृति की संवाहक बन कथक व भरतनाट्यम नृत्य प्रस्तुत कर मलयेशिया व रूस की प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए विजेता का ताज अपने नाम किया। जैसे ही स्क्रीन पर भारत का नाम बतौर मुख्य विजेता लिया गया, जोहान्सबर्ग में इंडिया-इंडिया के नारे लगाने लगे। समापन पर उस मंच से भारत का राष्ट्रीय गीत भी बजाया गया।
मां ने बेटियों को दी आगे बढ़ने की प्रेरणा
मूल रूप से खेमादेई गांव की रहने वाली तेजस्विनी वर्तमान में लखनऊ में ऑर्गेनिक ग्रीन नाम से हर्बल निर्माता कंपनी भी चलाती हैं। दो बहनों एवं एक भाई में बीच की तेजस्विनी ने कानपुर से मॉस कम्युनिकेशन का कोर्स किया है। कुछ दिन पत्रकारिता करने के बाद वे सौंदर्य प्रतियोगिताओं में भाग लेने लगीं। उन्हें बचपन से इसका शौक है। लखनऊ में डिजाइनिंग व्यवसाय से जुड़े पति राजसिंह ने भी उन्हें प्रोत्साहित किया। वर्तमान में वह मैनेजमेंट छात्रों के लिए एक किताब भी लिखने की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने बताया कि इस सफलता के पीछे उनकी सालों की कड़ी मेहनत व विषम परिस्थितियों में मां निर्मला सिंह की प्रेरणा ने संबल दिया।
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बिटिया के उपलब्धि पर घर वालों ने मनाई खुशी
तेजस्विनी की मां निर्मला सिंह, चाचा रामइकबाल सिंह, रामाशीष सिंह, मधुश्याम सिंह, राकेश सिंह बघेल, डॉ. शिवेंद्र सिंह बेटी के इस उपलब्धि पर फूले नहीं समा रहे। भाई मानवेंद्र प्रताप सिंह, बड़ी बहन प्रियंका सिंह ने बताया कि विश्वविजेता बनकर उसने दिखा दिया कि पूर्वांचल की बेटियां किसी भी मामले में कम नहीं हैं।
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जनपद के लार के खेमादेई निवासी स्व. राम सिंह की बेटी तेजस्विनी सिंह ने यह खिताब हासिल कर जिले को राष्ट्रीय फलक पर ला खड़ा किया है। प्रतियोगिता के कंट्री कल्चर राउंड में तेजस्विनी के कपड़ों में राधा-कृष्ण का समागम एक साथ देखने को मिला। वहीं, भारतीय घाघरे में देश के हर राज्य की खास कला को पिरोया गया। शनिवार देर रात तक चले टैलेंट राउंड में तेजस्विनी ने भारतीय संस्कृति की संवाहक बन कथक व भरतनाट्यम नृत्य प्रस्तुत कर मलयेशिया व रूस की प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए विजेता का ताज अपने नाम किया। जैसे ही स्क्रीन पर भारत का नाम बतौर मुख्य विजेता लिया गया, जोहान्सबर्ग में इंडिया-इंडिया के नारे लगाने लगे। समापन पर उस मंच से भारत का राष्ट्रीय गीत भी बजाया गया।
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मां ने बेटियों को दी आगे बढ़ने की प्रेरणा
मूल रूप से खेमादेई गांव की रहने वाली तेजस्विनी वर्तमान में लखनऊ में ऑर्गेनिक ग्रीन नाम से हर्बल निर्माता कंपनी भी चलाती हैं। दो बहनों एवं एक भाई में बीच की तेजस्विनी ने कानपुर से मॉस कम्युनिकेशन का कोर्स किया है। कुछ दिन पत्रकारिता करने के बाद वे सौंदर्य प्रतियोगिताओं में भाग लेने लगीं। उन्हें बचपन से इसका शौक है। लखनऊ में डिजाइनिंग व्यवसाय से जुड़े पति राजसिंह ने भी उन्हें प्रोत्साहित किया। वर्तमान में वह मैनेजमेंट छात्रों के लिए एक किताब भी लिखने की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने बताया कि इस सफलता के पीछे उनकी सालों की कड़ी मेहनत व विषम परिस्थितियों में मां निर्मला सिंह की प्रेरणा ने संबल दिया।
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तेजस्विनी की मां निर्मला सिंह, चाचा रामइकबाल सिंह, रामाशीष सिंह, मधुश्याम सिंह, राकेश सिंह बघेल, डॉ. शिवेंद्र सिंह बेटी के इस उपलब्धि पर फूले नहीं समा रहे। भाई मानवेंद्र प्रताप सिंह, बड़ी बहन प्रियंका सिंह ने बताया कि विश्वविजेता बनकर उसने दिखा दिया कि पूर्वांचल की बेटियां किसी भी मामले में कम नहीं हैं।