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Deoria News: निवेशकों की आंखों में आंसू, टूटा विश्वास
Fri, 29 Aug 2025 12:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 29 Aug 2025 12:08 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गौरीबाजार। आस्था लाइफ रियलिटीज लिमिटेड नामक चिटफंड कंपनी ने निवेशकों को ऊंचे मुनाफे का झांसा देकर उनकी गाढ़ी कमाई लूट कर संचालक फरार हो गया है।
बुधवार को दर्जनों निवेशक थाने पहुंचकर फूट-फूटकर रोए और पुलिस से कार्रवाई की गुहार लगाई। किसी ने बेटी की शादी के लिए रुपये जमा किए थे तो किसी ने बच्चों की पढ़ाई, इलाज और व्यापार के लिए। अब सबके सपने चकनाचूर हो चुके हैं।
पीड़ित बुजुर्ग महिला पानमती ने थाने पर खड़े होकर कहा कि बेटी की शादी के लिए रुपये जोड़ा था, अब बेटी रो रही है और मैं भी। यह सुनकर मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। मठियामाफी के मनोज कुमार सोनकर ने सब्जी का कारोबार बढ़ाने के लिए 54 हजार रुपये लगाए, जबकि उभांव के वीरेंद्र मौर्य ने घर बनाने का सपना संजोते हुए 1.80 लाख रुपये कंपनी में जमा किए थे। पथरहट की राधिका देवी ने दो लाख और गहिरा (गोरखपुर) की सुनैना यादव ने 60 हजार रुपये बेटी की शादी और घर खर्च के लिए जमा किए थे।
अनन्या ने पिता के सहयोग से 24 हजार रुपये अपनी शिक्षा के लिए जमा किए थे। उन्होंने कहा कि उनके सपनों की किताब अभी खुल भी नहीं पाई थी कि ठगी की इस घटना ने सब कुछ छीन लिया। पीड़ितों ने बताया कि कालाबन निवासी कंपनी संचालक इंद्रासन यादव ने 14 साल पहले कस्बे में कार्यालय खोला था। बेहतर रिटर्न और छह साल में रकम को दोगुना करने का झांसा देकर लोगों को जोड़ा। शुरुआती दिनों में कुछ निवेशकों को रुपेय भी लौटाए गए। इससे लोगों का कंपनी पर विश्वास बढ़ गया। कारोबार बढ़ने पर इंद्रासन ने अपना कार्यालय रामपुर चौराहे के मकान में शिफ्ट किया, मगर धीरे-धीरे भुगतान ठप हो गया।
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जब निवेशकों ने दबाव बनाया तो संचालक ने कहा कि 25 अगस्त को मकान बेचकर सबको भुगतान कर दिया जाएगा। इसके लिए उसने निवेशकों से बांड और सारे दस्तावेज जमा करा लिए। 14 अगस्त को ही उसने 73 लाख रुपये में मकान बेच दिया और रुपये लेकर भाग गया।
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गौरीबाजार। आस्था लाइफ रियलिटीज लिमिटेड नामक चिटफंड कंपनी ने निवेशकों को ऊंचे मुनाफे का झांसा देकर उनकी गाढ़ी कमाई लूट कर संचालक फरार हो गया है।
बुधवार को दर्जनों निवेशक थाने पहुंचकर फूट-फूटकर रोए और पुलिस से कार्रवाई की गुहार लगाई। किसी ने बेटी की शादी के लिए रुपये जमा किए थे तो किसी ने बच्चों की पढ़ाई, इलाज और व्यापार के लिए। अब सबके सपने चकनाचूर हो चुके हैं।
पीड़ित बुजुर्ग महिला पानमती ने थाने पर खड़े होकर कहा कि बेटी की शादी के लिए रुपये जोड़ा था, अब बेटी रो रही है और मैं भी। यह सुनकर मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। मठियामाफी के मनोज कुमार सोनकर ने सब्जी का कारोबार बढ़ाने के लिए 54 हजार रुपये लगाए, जबकि उभांव के वीरेंद्र मौर्य ने घर बनाने का सपना संजोते हुए 1.80 लाख रुपये कंपनी में जमा किए थे। पथरहट की राधिका देवी ने दो लाख और गहिरा (गोरखपुर) की सुनैना यादव ने 60 हजार रुपये बेटी की शादी और घर खर्च के लिए जमा किए थे।
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अनन्या ने पिता के सहयोग से 24 हजार रुपये अपनी शिक्षा के लिए जमा किए थे। उन्होंने कहा कि उनके सपनों की किताब अभी खुल भी नहीं पाई थी कि ठगी की इस घटना ने सब कुछ छीन लिया। पीड़ितों ने बताया कि कालाबन निवासी कंपनी संचालक इंद्रासन यादव ने 14 साल पहले कस्बे में कार्यालय खोला था। बेहतर रिटर्न और छह साल में रकम को दोगुना करने का झांसा देकर लोगों को जोड़ा। शुरुआती दिनों में कुछ निवेशकों को रुपेय भी लौटाए गए। इससे लोगों का कंपनी पर विश्वास बढ़ गया। कारोबार बढ़ने पर इंद्रासन ने अपना कार्यालय रामपुर चौराहे के मकान में शिफ्ट किया, मगर धीरे-धीरे भुगतान ठप हो गया।
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जब निवेशकों ने दबाव बनाया तो संचालक ने कहा कि 25 अगस्त को मकान बेचकर सबको भुगतान कर दिया जाएगा। इसके लिए उसने निवेशकों से बांड और सारे दस्तावेज जमा करा लिए। 14 अगस्त को ही उसने 73 लाख रुपये में मकान बेच दिया और रुपये लेकर भाग गया।