{"_id":"65dcdc6687b53ab9bf0b2044","slug":"protest-against-chakbandi-deoria-news-c-208-1-sgkp1012-120125-2024-02-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: चकबंदी के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठे पिपरा विठ्ठल गांव के लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: चकबंदी के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठे पिपरा विठ्ठल गांव के लोग
Tue, 27 Feb 2024 12:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 27 Feb 2024 12:15 AM IST
विज्ञापन
फोटो समाचार.....-
जिलाधिकारी को पत्र भेज गांव में चकबंदी रोकने की लगाई गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
भटनी। पिपरा विठ्ठल गांव में चकबंदी के विरोध में सोमवार को ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। इस दौरान चकबंदी अधिकारियों के विरुद्ध नारेबाजी कर प्रस्ताव दोबारा बनाने की मांग की गई।
साथ ही ग्रामीणों ने जिलाधिकारी व चकबंदी आयुक्त को पत्र भेजकर गांव में चकबंदी रोकने और पुराना प्रस्ताव निरस्त करने की बात कही। इसके पहले भी बृहस्पतिवार को ग्रामीणों ने चकबंदी के विरोध में प्रदर्शन कर आपत्ति जताई थी।
भटनी के पिपरा विठ्ठल गांव में लोग 2014 से चकबंदी का विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में एक तरफ छोटी गंडक तो दूसरी ओर पाडुवा नाला है। इसमें गांव की जमीन प्रभावित हुई है। वहीं गांव के रास्ते हथुआ-भटनी के नाम से रेल परियोजना के लिए जमीन भी अधिग्रहण की गई है। गांव के आशीष कुमार सिंह ने बताया कि चकबंदी में गांव चिह्नित होने के बाद ही इसका विरोध शुरू कर दिया गया। कोर्ट में वाद दाखिल करने के बाद इसका मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
विज्ञापन
इसी बीच 22 फरवरी को बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी और ग्राम प्रधान गुपचुप तरीके से गांव में बैठक कराकर चकबंदी के लिए आम सहमति का प्रस्ताव बना लिए। जब इसकी जानकारी ग्रामीणों को हुई तो उन्होंने इसकी शिकायत की लेकिन सुना नहीं गया। इससे परेशान होकर भूख हड़ताल शुरू की गई है।
इस दौरान वीरेंद्र गिरी, पवन कुमार, छठ्ठू यादव, रामनरेश, भजन लाल, हरिशंकर सिंह, संजय गिरी, राजेन्द्र यादव, कृष्ण कुमार, जयप्रकाश यादव, बीरबल, चंद्रिका यादव आदि शामिल रहे।
इस संबंध में ग्राम प्रधान अशोक कुमार सिंह ने बताया कि चकबंदी गांव हित में है। इसके चलते गांव में विकास कार्य अवरुद्ध है। बृहस्पतिवार को जिला बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी के समक्ष ग्रामीणों ने आम सहमति से चकबंदी कराने का प्रस्ताव पारित किया। कुछ लोग गंवई राजनीति में इसका विरोध कर रहे हैं।
विज्ञापन
जिलाधिकारी को पत्र भेज गांव में चकबंदी रोकने की लगाई गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
भटनी। पिपरा विठ्ठल गांव में चकबंदी के विरोध में सोमवार को ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। इस दौरान चकबंदी अधिकारियों के विरुद्ध नारेबाजी कर प्रस्ताव दोबारा बनाने की मांग की गई।
साथ ही ग्रामीणों ने जिलाधिकारी व चकबंदी आयुक्त को पत्र भेजकर गांव में चकबंदी रोकने और पुराना प्रस्ताव निरस्त करने की बात कही। इसके पहले भी बृहस्पतिवार को ग्रामीणों ने चकबंदी के विरोध में प्रदर्शन कर आपत्ति जताई थी।
विज्ञापन
भटनी के पिपरा विठ्ठल गांव में लोग 2014 से चकबंदी का विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में एक तरफ छोटी गंडक तो दूसरी ओर पाडुवा नाला है। इसमें गांव की जमीन प्रभावित हुई है। वहीं गांव के रास्ते हथुआ-भटनी के नाम से रेल परियोजना के लिए जमीन भी अधिग्रहण की गई है। गांव के आशीष कुमार सिंह ने बताया कि चकबंदी में गांव चिह्नित होने के बाद ही इसका विरोध शुरू कर दिया गया। कोर्ट में वाद दाखिल करने के बाद इसका मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
विज्ञापन
इसी बीच 22 फरवरी को बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी और ग्राम प्रधान गुपचुप तरीके से गांव में बैठक कराकर चकबंदी के लिए आम सहमति का प्रस्ताव बना लिए। जब इसकी जानकारी ग्रामीणों को हुई तो उन्होंने इसकी शिकायत की लेकिन सुना नहीं गया। इससे परेशान होकर भूख हड़ताल शुरू की गई है।
इस दौरान वीरेंद्र गिरी, पवन कुमार, छठ्ठू यादव, रामनरेश, भजन लाल, हरिशंकर सिंह, संजय गिरी, राजेन्द्र यादव, कृष्ण कुमार, जयप्रकाश यादव, बीरबल, चंद्रिका यादव आदि शामिल रहे।
इस संबंध में ग्राम प्रधान अशोक कुमार सिंह ने बताया कि चकबंदी गांव हित में है। इसके चलते गांव में विकास कार्य अवरुद्ध है। बृहस्पतिवार को जिला बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी के समक्ष ग्रामीणों ने आम सहमति से चकबंदी कराने का प्रस्ताव पारित किया। कुछ लोग गंवई राजनीति में इसका विरोध कर रहे हैं।