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Deoria News: गोर्रा उफान पर, तटबंधों पर बढ़ा दबाव
Fri, 08 Aug 2025 11:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 08 Aug 2025 11:58 PM IST
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पचलड़ी बेलवा बांध पर रतनपुर गांव के समीप कटान करती गोर्रा नदी।
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर/एकौना। गोर्रा और राप्ती नदियों के जलस्तर में शुक्रवार को भी बढ़ोत्तरी जारी रही। गोर्रा लाल निशान की तरफ बढ़ रही है। राप्ती का तिघरा मराछी बांध पर दबाव बना है। गोर्रा रतनपुर गांव में बोल्डर पिचिंग के पास कटान कर रही है। नदी बांध सटकर बह रही है।
शुक्रवार को गोर्रा नदी 68.90 मीटर और राप्ती 68.40 मीटर पर बह रही थी। दो दिन में दोनों नदियों के जलस्तर में डेढ़ मीटर से अधिक का इजाफा हुआ है। गोर्रा के वेग को देख तटवर्ती गांव के लोग दहशत में हैं। बंधों की जर्जर हालत नदी के खतरे के निशान 70.50 मीटर पर पहुंचने पर भयावह बन सकते है। पिड़रा पुल के एप्रोच के दोनों तरफ बैकरोलिंग कर कटान कर रही गोर्रा अब आबादी की तरफ बढ़ रही है।
साल दर साल नदी खेती योग्य भूमि को काटती जा रही। बंधे और नदी के बीच बसे नरायनपुर और बहोरा दलपतपुर गांव के मकानों को नदी के सीधे ठोकर मारने से खतरा बरकरार है। यहां जलस्तर घटने पर मकानों के नदी में गिरने का खतरा बना है।
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तिघरा मराछी बांध पर राप्ती माझा नरायन, नीबा मठिया, भेड़ी गांव के पास बंधे से सटकर बह रही है। दो साल से राप्ती कटान करते हुए बंधे के पास पहुंच गई है। बंधा कटा तो 52 गांवों में पानी घुस जाएगा। एसडीएम हरिशंकर लाल ने कहा कि सिंचाई विभाग को लगातार बंधों पर निगरानी करते रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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रुद्रपुर/एकौना। गोर्रा और राप्ती नदियों के जलस्तर में शुक्रवार को भी बढ़ोत्तरी जारी रही। गोर्रा लाल निशान की तरफ बढ़ रही है। राप्ती का तिघरा मराछी बांध पर दबाव बना है। गोर्रा रतनपुर गांव में बोल्डर पिचिंग के पास कटान कर रही है। नदी बांध सटकर बह रही है।
शुक्रवार को गोर्रा नदी 68.90 मीटर और राप्ती 68.40 मीटर पर बह रही थी। दो दिन में दोनों नदियों के जलस्तर में डेढ़ मीटर से अधिक का इजाफा हुआ है। गोर्रा के वेग को देख तटवर्ती गांव के लोग दहशत में हैं। बंधों की जर्जर हालत नदी के खतरे के निशान 70.50 मीटर पर पहुंचने पर भयावह बन सकते है। पिड़रा पुल के एप्रोच के दोनों तरफ बैकरोलिंग कर कटान कर रही गोर्रा अब आबादी की तरफ बढ़ रही है।
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साल दर साल नदी खेती योग्य भूमि को काटती जा रही। बंधे और नदी के बीच बसे नरायनपुर और बहोरा दलपतपुर गांव के मकानों को नदी के सीधे ठोकर मारने से खतरा बरकरार है। यहां जलस्तर घटने पर मकानों के नदी में गिरने का खतरा बना है।
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तिघरा मराछी बांध पर राप्ती माझा नरायन, नीबा मठिया, भेड़ी गांव के पास बंधे से सटकर बह रही है। दो साल से राप्ती कटान करते हुए बंधे के पास पहुंच गई है। बंधा कटा तो 52 गांवों में पानी घुस जाएगा। एसडीएम हरिशंकर लाल ने कहा कि सिंचाई विभाग को लगातार बंधों पर निगरानी करते रहने के निर्देश दिए गए हैं।