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Deoria News: परवाना फर्जीवाड़ा के मास्टरमाइंड की पहुंच गोरखपुर तक
Tue, 18 Feb 2025 12:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 18 Feb 2025 12:29 AM IST
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देवरिया/एकौना। आपदाग्रस्त क्षेत्र के रिकाॅर्ड ऑपरेशन में गए गांवों में जमीनों के खारिज दाखिल में फर्जीवाड़ा हो रहा है। परवाना फर्जीवाड़ा के मास्टरमाइंड की पहुंच गोरखपुर तक बताई जा रही है।
भू-माफिया, एआरओ न्यायालय से बिना किसी आदेश के फर्जी परवाना जारी कर राजस्व अभिलेख में जमीनों पर दूसरे का नाम दर्ज करा ले रहे हैं।
रुद्रपुर तहसील में गोरखपुर के सहायक अभिलेख अधिकारी की कोर्ट से आए 11 परवाना फर्जी पाए गए। आदेश के बाद नाम चढ़वाने (अमलदरामद) के लिए जारी परवानों का तहसीलदार चंद्रशेखर वर्मा ने सत्यापन कराया तो मामला उजागर हुआ।
जांच में यह भी पता चला है कि फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड एक दलाल है, जो एआरओ कार्यालय गोरखपुर में अधिकारियों से मिलीभगत करके फर्जी परवाना जारी करवा रहा है। जानकारी होने पर काश्तकार तहसीलों का चक्कर लगा रहे हैं। रुद्रपुर के सभी 11 मामलों में काश्तकार को धोखे में रखकर फर्जी आदेश और परवाना जारी कराया गया है।
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फर्जी परवाना के 11 मामले सामने आने के बाद रुद्रपुर तहसील में हड़कंप मच गया है। सक्रिय दलाल भूमिगत होने लगे हैं। लोगों के अनुसार, यहां सक्रिय दलाल का गोरखपुर एआरओ कार्यालय में पहुंच और मिलीभगत है।
कहते हैं वह इस काम में माहिर है। भू-माफिया इसके पास जाते हैं। जब वह फर्जी परवाना जमीन हथियाने की बात करते हैं तो वह तुरंत तैयार हो जाता है। जमीन के हिसाब से वह रकम मांगता है। सौदा तय होने के बाद वह काम करा देता है। फर्जीवाड़े में ज्यादातर मामले ऐसे हैं, जिनमें काश्तकार की मृत्यु हो गई है या वह विदेश चला गया है। किसी ने अपने भाई का हिस्सा अपने नाम कराने के लिए फर्जीवाड़ा किया है। किसी ने अपने पिता की मृत्यु के बाद भाई का हिस्सा अपने नाम करा लिया है। तहसीलदार चंद्रशेखर वर्मा ने बताया कि सभी 11 मामलों में रोक लगा दी गई है।
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भू-माफिया, एआरओ न्यायालय से बिना किसी आदेश के फर्जी परवाना जारी कर राजस्व अभिलेख में जमीनों पर दूसरे का नाम दर्ज करा ले रहे हैं।
रुद्रपुर तहसील में गोरखपुर के सहायक अभिलेख अधिकारी की कोर्ट से आए 11 परवाना फर्जी पाए गए। आदेश के बाद नाम चढ़वाने (अमलदरामद) के लिए जारी परवानों का तहसीलदार चंद्रशेखर वर्मा ने सत्यापन कराया तो मामला उजागर हुआ।
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जांच में यह भी पता चला है कि फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड एक दलाल है, जो एआरओ कार्यालय गोरखपुर में अधिकारियों से मिलीभगत करके फर्जी परवाना जारी करवा रहा है। जानकारी होने पर काश्तकार तहसीलों का चक्कर लगा रहे हैं। रुद्रपुर के सभी 11 मामलों में काश्तकार को धोखे में रखकर फर्जी आदेश और परवाना जारी कराया गया है।
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फर्जी परवाना के 11 मामले सामने आने के बाद रुद्रपुर तहसील में हड़कंप मच गया है। सक्रिय दलाल भूमिगत होने लगे हैं। लोगों के अनुसार, यहां सक्रिय दलाल का गोरखपुर एआरओ कार्यालय में पहुंच और मिलीभगत है।
कहते हैं वह इस काम में माहिर है। भू-माफिया इसके पास जाते हैं। जब वह फर्जी परवाना जमीन हथियाने की बात करते हैं तो वह तुरंत तैयार हो जाता है। जमीन के हिसाब से वह रकम मांगता है। सौदा तय होने के बाद वह काम करा देता है। फर्जीवाड़े में ज्यादातर मामले ऐसे हैं, जिनमें काश्तकार की मृत्यु हो गई है या वह विदेश चला गया है। किसी ने अपने भाई का हिस्सा अपने नाम कराने के लिए फर्जीवाड़ा किया है। किसी ने अपने पिता की मृत्यु के बाद भाई का हिस्सा अपने नाम करा लिया है। तहसीलदार चंद्रशेखर वर्मा ने बताया कि सभी 11 मामलों में रोक लगा दी गई है।