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उर्वरक विक्रेताओं ने जताई नाराजगी
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उर्वरक विक्रेताओं ने जताई नाराजगी
देवरिया। यूरिया काला बाजारी के आरोप में सचिव और दुकानदारों पर हुुई कार्रवाई से उर्वरक विक्रेताओं में नाराजगी है। उत्तर प्रदेश संयुक्त सहकारी समिति कर्मचारी संघ ने डीएम को मांग पत्र देकर भेदभाव का आरोप लगाया और रजिस्टर पर दर्ज किसानों के आधार कार्ड व नाम से सत्यापन कराने की मांग की।
संगठन के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र नाथ यादव ने कहा कि कोरोना काल में किसान पॉश मशीन पर अंगूठा लगाने से परहेज करते थे। इस लिए सचिव व उर्वरक विक्रेता रजिस्टर पर इनका आधार कार्ड नंबर और नाम पता लिखने के बाद यूरिया देते थे। मशीन में स्टाक का एकनालेज न होने के कारण स्टाक मशीन में रहता नहीं है। लेकिन किसान उर्वरक लेने के लिए दबाव बनाने लगते हैं। किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए सामान्य तरीके से आधार नंबर व किसान का पता समिति वितरण रजिस्टर पर अंकित कर उनका हस्ताक्षर कराकर उर्वरक दिया जाता है। यूरिया की मात्रा को मशीन से खारिज करने के लिए अज्ञानता वश कुछ सचिव व कर्मचारी अधिक मात्रा में यूरिया खारिज कर देते हैं, जबकि वितरित स्टाक का वितरण रजिस्टर समिति पर उपलब्ध है। रजिस्टर से यूरिया वितरण का सत्यापन कराया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क फेल होने के कारण पॉश मशीन नहीं चलता है और खराब हो जाता है। मशीन बनाने वाले मैकेनिक देवरिया में नहीं है। इसलिए समय से मशीन ठीक नहीं हो पाता है।
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देवरिया। यूरिया काला बाजारी के आरोप में सचिव और दुकानदारों पर हुुई कार्रवाई से उर्वरक विक्रेताओं में नाराजगी है। उत्तर प्रदेश संयुक्त सहकारी समिति कर्मचारी संघ ने डीएम को मांग पत्र देकर भेदभाव का आरोप लगाया और रजिस्टर पर दर्ज किसानों के आधार कार्ड व नाम से सत्यापन कराने की मांग की।
संगठन के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र नाथ यादव ने कहा कि कोरोना काल में किसान पॉश मशीन पर अंगूठा लगाने से परहेज करते थे। इस लिए सचिव व उर्वरक विक्रेता रजिस्टर पर इनका आधार कार्ड नंबर और नाम पता लिखने के बाद यूरिया देते थे। मशीन में स्टाक का एकनालेज न होने के कारण स्टाक मशीन में रहता नहीं है। लेकिन किसान उर्वरक लेने के लिए दबाव बनाने लगते हैं। किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए सामान्य तरीके से आधार नंबर व किसान का पता समिति वितरण रजिस्टर पर अंकित कर उनका हस्ताक्षर कराकर उर्वरक दिया जाता है। यूरिया की मात्रा को मशीन से खारिज करने के लिए अज्ञानता वश कुछ सचिव व कर्मचारी अधिक मात्रा में यूरिया खारिज कर देते हैं, जबकि वितरित स्टाक का वितरण रजिस्टर समिति पर उपलब्ध है। रजिस्टर से यूरिया वितरण का सत्यापन कराया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क फेल होने के कारण पॉश मशीन नहीं चलता है और खराब हो जाता है। मशीन बनाने वाले मैकेनिक देवरिया में नहीं है। इसलिए समय से मशीन ठीक नहीं हो पाता है।
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