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स्क्रीनिंग के बाद ही जेल में प्रवेश पा रहे बंदी रक्षक
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स्क्रीनिंग के बाद ही जेल में प्रवेश पा रहे बंदी रक्षक
देवरिया। बंदियों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए जेल में अंदर प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति की स्क्रीनिंग हो रही है। उनसे पूछताछ भी की जा रही है कि कहीं कोई लक्षण तो नहीं है। इसके बाद ही जेल गेट के अंदर उन्हें लिया जा रहा है। बृहस्पतिवार को 55 अस्थाई एवं 50 बंदियों का सैंपल लिया गया। उसकी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद जेल प्रशासन ने राहत की सांस ली।
जेल में देवरिया, कुशीनगर के तकरीबन 1600 बंदी हैं। जो जेल की क्षमता से चार गुना अधिक हैं। बंदियों की अधिक संख्या होने के नाते सामाजिक दूरी का पालन नहीं हो पा रहा है। ऐसे में जेल प्रशासन को संक्रमण की चिंता सताती रहती है। संक्रमण को देखते हुए जेल मुख्यालय ने जेल के अंदर ड्यूटी पर जाने वाले जेल अधिकारियों एवं बंदी रक्षकों एवं अन्य लोगों की हर हाल में जेल गेट पर ही स्क्रीनिंग कराने को कहा है। जेल अधीक्षक केपी त्रिपाठी ने बताया कि संक्रमण से बचाव के लिए खास एहतियात बरती जा रही है। जेल अस्पताल में आक्सीजन का इंतजाम कर लिया गया हैं। चार आक्सीजन कंसट्रेटर मशीन खरीदी जा रही है। पर्याप्त संख्या में दवाएं, थर्मामीटर, आक्सीमीटर खरीदा गया है। बंदियों को दो समय काढ़ा और गर्म पानी दिया जा रहा है। 400 से अधिक बंदियों को टीका लग चुका है। बुजुर्ग बंदियों का खास ध्यान दिया जा रहा है।
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देवरिया। बंदियों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए जेल में अंदर प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति की स्क्रीनिंग हो रही है। उनसे पूछताछ भी की जा रही है कि कहीं कोई लक्षण तो नहीं है। इसके बाद ही जेल गेट के अंदर उन्हें लिया जा रहा है। बृहस्पतिवार को 55 अस्थाई एवं 50 बंदियों का सैंपल लिया गया। उसकी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद जेल प्रशासन ने राहत की सांस ली।
जेल में देवरिया, कुशीनगर के तकरीबन 1600 बंदी हैं। जो जेल की क्षमता से चार गुना अधिक हैं। बंदियों की अधिक संख्या होने के नाते सामाजिक दूरी का पालन नहीं हो पा रहा है। ऐसे में जेल प्रशासन को संक्रमण की चिंता सताती रहती है। संक्रमण को देखते हुए जेल मुख्यालय ने जेल के अंदर ड्यूटी पर जाने वाले जेल अधिकारियों एवं बंदी रक्षकों एवं अन्य लोगों की हर हाल में जेल गेट पर ही स्क्रीनिंग कराने को कहा है। जेल अधीक्षक केपी त्रिपाठी ने बताया कि संक्रमण से बचाव के लिए खास एहतियात बरती जा रही है। जेल अस्पताल में आक्सीजन का इंतजाम कर लिया गया हैं। चार आक्सीजन कंसट्रेटर मशीन खरीदी जा रही है। पर्याप्त संख्या में दवाएं, थर्मामीटर, आक्सीमीटर खरीदा गया है। बंदियों को दो समय काढ़ा और गर्म पानी दिया जा रहा है। 400 से अधिक बंदियों को टीका लग चुका है। बुजुर्ग बंदियों का खास ध्यान दिया जा रहा है।
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