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Deoria News: छह साल बाद भी बेसहारा प्रतिमा को नहीं मिला न्याय
Fri, 30 Aug 2024 06:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 30 Aug 2024 06:38 AM IST
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देवरिया। महुआडीह थाना क्षेत्र के रामपुर दुबे गांव के पास एक ईंट-भट्ठे पर 2018 में लूट के दौरान एक मजदूर की हत्या हुए छह साल बीत गए। वारदात में शामिल बदमाशों की गिरफ्तारी तो दूर मामले में पुलिस एक सुराग तक का भी पता नहीं लगा सकी। स्थानीय लोग भी अब पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा रहे हैं।
बताया जाता है कि थानाक्षेत्र के रामपुर दुबे गांव घटना के समय रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र में पड़ता था। रामपुर दुबे गांव के पास एक ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे एतवा उरांव, जिला लोहरदंगा, झारखंड के मजदूरों के डेरा पर बदमाशों ने 10 मई, 2018 की आधी रात को डकैती डाली। लूटपाट का विरोध करने पर बदमाशों ने मजदूरों की पिटाई शुरू कर दी। छीनाझपटी में मजदूर चारो उरांव (22) ने एक बदमाश को पहचान लिया।पहचान उजागर होने और अपने को घिरता देख लुटेरों ने चारो उरांव के कनपटी पर पिस्तौल सटाकर गोली मार दी। गोली लगने से मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद बदमाश मौके से भाग निकले। इस बात की जानकारी होते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई। घटना स्थल पर क्षेत्र के कई गांव के लोगों की भारी भीड़ जुट गई।
भट्ठा मालिक ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने केस भी दर्ज कर लिया था। उधर, चारो उरांव की शादी डेढ़ साल पहले ही उसी भट्ठा पर काम कर रही झारखंड की युवती प्रतिमा के साथ हुई थी। उनका एक साल का बेटा दीपक था। पोस्टमार्टम के बाद पति का शव लेकर पीड़िता अन्य मजदूरों के साथ झारखंड लौट गई। तत्कालीन एसपी रोहन पी. कनय ने मामले में सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया था।
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लेकिन, छह साल बीत जाने के बाद भी पुलिस ने चारो उरांव के हत्यारों को पकड़ना तो दूर मामले में एक सुराग तक का भी पता नहीं लगा सकी। लोगों का कहना है कि पुलिस ने इतनी बड़ी वारदात को ठंडे बस्ते में डाल दिया। एसओ रामपुर कारखाना नंदा प्रसाद ने बताया कि मामला पुराना है। इस केस के विषय में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। मामले की जांच कराऊंगा कि कार्रवाई कहां तक पहुंची है।
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बताया जाता है कि थानाक्षेत्र के रामपुर दुबे गांव घटना के समय रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र में पड़ता था। रामपुर दुबे गांव के पास एक ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे एतवा उरांव, जिला लोहरदंगा, झारखंड के मजदूरों के डेरा पर बदमाशों ने 10 मई, 2018 की आधी रात को डकैती डाली। लूटपाट का विरोध करने पर बदमाशों ने मजदूरों की पिटाई शुरू कर दी। छीनाझपटी में मजदूर चारो उरांव (22) ने एक बदमाश को पहचान लिया।पहचान उजागर होने और अपने को घिरता देख लुटेरों ने चारो उरांव के कनपटी पर पिस्तौल सटाकर गोली मार दी। गोली लगने से मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद बदमाश मौके से भाग निकले। इस बात की जानकारी होते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई। घटना स्थल पर क्षेत्र के कई गांव के लोगों की भारी भीड़ जुट गई।
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भट्ठा मालिक ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने केस भी दर्ज कर लिया था। उधर, चारो उरांव की शादी डेढ़ साल पहले ही उसी भट्ठा पर काम कर रही झारखंड की युवती प्रतिमा के साथ हुई थी। उनका एक साल का बेटा दीपक था। पोस्टमार्टम के बाद पति का शव लेकर पीड़िता अन्य मजदूरों के साथ झारखंड लौट गई। तत्कालीन एसपी रोहन पी. कनय ने मामले में सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया था।
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लेकिन, छह साल बीत जाने के बाद भी पुलिस ने चारो उरांव के हत्यारों को पकड़ना तो दूर मामले में एक सुराग तक का भी पता नहीं लगा सकी। लोगों का कहना है कि पुलिस ने इतनी बड़ी वारदात को ठंडे बस्ते में डाल दिया। एसओ रामपुर कारखाना नंदा प्रसाद ने बताया कि मामला पुराना है। इस केस के विषय में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। मामले की जांच कराऊंगा कि कार्रवाई कहां तक पहुंची है।