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Deoria News: पैरों में हो रही झनझनाहट तो हो जाए सचेत, बीपी और डॉयबिटिक होने का खतरा
Mon, 26 Aug 2024 02:01 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 26 Aug 2024 02:01 PM IST
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देवरिया। यदि आपके पैरो में झनझनाहट हो रही है तो सचेत हो जाना चाहिए और चेकअप कराएं। डाॅक्टरों का मानना है कि बीपी और शुगर बढ़ने से पैरों में झनझनाहट होती है। नसों के कमजोर होने से यह दिक्कत आती है। मेडिकल कॉलेज में रोजाना करीब 25 से 30 मरीज आ रहे हैं। डॉक्टर दवा के अलावा जांच व सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
अनियमित दिनचर्या और खानपान पर ध्यान न देने से लोग रोग से ग्रसित हो रहे हैं। थोड़ी सी लापरवाही लोगों पर भारी पड़ सकती है। ब्लड प्रेशर और शुगर के भी मरीज बढ़ रहे हैं। इसकी वजह से नसें भी कमजोर होने लगती हैं, जिससे पैरों में झनझनाहट की शिकायत होने लगती है, लेकिन बहुत से लोग इसे नजरंदाज कर देते हैं, जो नुकसानदेह साबित हो सकता है। यह बीपी और शुगर के लक्षण भी हो सकता है। मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग की ओपीडी में मरीजों की भीड़ लग रही है। इसमें 25 से 30 लोग इस तरह की शिकायत लेकर आ रहे हैं, जहां जांच के बाद उन्हें बीपी और शुगर के बढ़े होने की जानकारी हो रही है। डॉक्टर दवा के साथ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
कोट
बीपी और शुगर की वजह से पैरों में झनझनाहट और कमर दर्द की शिकायत हो सकती है। शुगर बढ़ने से नसें और मसल कमजोर हो जाते हैं। इसकी वजह से पैरों में झनझनाहट हो सकती है, जबकि कांडलाइटिस से भी नस की दिक्कत होती है। पैरों में झनझनाहट के साथ धड़कन बढ़ जाती, घबराहट होती है और कमजोरी भी महसूस होती है। इस तरह की दिक्कत होने पर लापरवाही नहीं करना चाहिए। विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क कर उनकी सलाह पर जांच व इलाज कराना चाहिए।
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-डॉ. विजय कुमार गुप्ता, फिजीशियन, मेडिकल कॉलेज
कोट
शुगर बढ़ने से न्यूरोपैथी होने लगती है। इसकी वजह से नसें गड़बड़ हो जाती हैं। इससे व्यक्ति के पैरों में झनझनाहट, कमर में दर्द, चमड़ी में जलन की समस्या होने लगती है। इस तरह की दिक्कत होने पर सचेत हो जाना चाहिए। विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क कर समय से इलाज कराना चाहिए। लापरवाही नहीं करना चाहिए, यह नुकसानदेय साबित हो सकती है।
-डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस
यह बरतें सावधानी
- दिनचर्या नियमित रखे
- खानपान पर ध्यान दें, पौष्टिक आहार लें
- तले, मसालेदार भोज्य पदार्थ आदि का कम सेवन करें
- जमीन पर ज्यादा न बैठें
- झुक कर काम और वजन न उठाएं
- कमर से संबंधित व्यायाम करें
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अनियमित दिनचर्या और खानपान पर ध्यान न देने से लोग रोग से ग्रसित हो रहे हैं। थोड़ी सी लापरवाही लोगों पर भारी पड़ सकती है। ब्लड प्रेशर और शुगर के भी मरीज बढ़ रहे हैं। इसकी वजह से नसें भी कमजोर होने लगती हैं, जिससे पैरों में झनझनाहट की शिकायत होने लगती है, लेकिन बहुत से लोग इसे नजरंदाज कर देते हैं, जो नुकसानदेह साबित हो सकता है। यह बीपी और शुगर के लक्षण भी हो सकता है। मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग की ओपीडी में मरीजों की भीड़ लग रही है। इसमें 25 से 30 लोग इस तरह की शिकायत लेकर आ रहे हैं, जहां जांच के बाद उन्हें बीपी और शुगर के बढ़े होने की जानकारी हो रही है। डॉक्टर दवा के साथ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
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कोट
बीपी और शुगर की वजह से पैरों में झनझनाहट और कमर दर्द की शिकायत हो सकती है। शुगर बढ़ने से नसें और मसल कमजोर हो जाते हैं। इसकी वजह से पैरों में झनझनाहट हो सकती है, जबकि कांडलाइटिस से भी नस की दिक्कत होती है। पैरों में झनझनाहट के साथ धड़कन बढ़ जाती, घबराहट होती है और कमजोरी भी महसूस होती है। इस तरह की दिक्कत होने पर लापरवाही नहीं करना चाहिए। विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क कर उनकी सलाह पर जांच व इलाज कराना चाहिए।
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-डॉ. विजय कुमार गुप्ता, फिजीशियन, मेडिकल कॉलेज
कोट
शुगर बढ़ने से न्यूरोपैथी होने लगती है। इसकी वजह से नसें गड़बड़ हो जाती हैं। इससे व्यक्ति के पैरों में झनझनाहट, कमर में दर्द, चमड़ी में जलन की समस्या होने लगती है। इस तरह की दिक्कत होने पर सचेत हो जाना चाहिए। विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क कर समय से इलाज कराना चाहिए। लापरवाही नहीं करना चाहिए, यह नुकसानदेय साबित हो सकती है।
-डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस
यह बरतें सावधानी
- दिनचर्या नियमित रखे
- खानपान पर ध्यान दें, पौष्टिक आहार लें
- तले, मसालेदार भोज्य पदार्थ आदि का कम सेवन करें
- जमीन पर ज्यादा न बैठें
- झुक कर काम और वजन न उठाएं
- कमर से संबंधित व्यायाम करें