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फर्जी तरीके से चल रहा अस्पताल सीज
देवरिया
Updated Fri, 29 Jul 2016 10:44 PM IST
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छापा मारने वाली टीम ने अस्पताल को सीज कर दिया।
- फोटो : अमर उजाला
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रुद्रपुर। रानी बागीचे में एक फर्जी तरीके से संचालित अस्पताल पकड़ा गया। एसडीएम और सीएचसी अधीक्षक के नेतृत्व में प्रशासन ने छापामारी की। अस्पताल संचालक के पास से हॉस्पिटल चलाने से संबंधित कोई कागजात नहीं मिले। अस्पताल के भर्ती कक्ष में दस महिलाएं बेड पर मिली। जिनका ऑपरेशन किया गया था। पुलिस ने अस्पताल के संचालक को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज किया है। शुक्रवार को एसडीएम और स्वास्थ्य विभाग ने टीम ने छापामारी की। बस स्टेशन के बगल में रानी के बागीचे में श्री दुग्धेश्वरनाथ हॉस्पिटल एवं शिवम डायोग्नोसिस सेंटर के नाम से अस्पताल चल रहा था। छापे के दौरान अस्पताल के संचालक ने कोई कागजात नहीं उपलब्ध कराए।
अस्पताल में कोई डिग्रीधारी डॉक्टर भी मौजूद नहीं था। खुद को नर्स बताने वाली एक महिला से प्रशिक्षण सर्टिफिकेट भी नहीं मिला। अस्पताल में महिलाओं के अल्ट्रासाउंड करने की व्यवस्था थी। जिसका स्वास्थ्य विभाग में रजिस्ट्रेशन नहीं था। अस्पताल में ऑपरेशन करने का पूरा इंतजाम था। प्रशासन ने फर्जी अस्पताल में भर्ती मरीजों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में एंबुलेंस से भेजवा कर दाखिल करा दिया।
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पुलिस ने अस्पताल के संचालक ब्रजेश भारती को हिरासत में ले लिया। छापा मारने वाली टीम ने अस्पताल को सीज कर दिया। अधीक्षक डॉ. आरपी यादव ने कहा कि अस्पताल अवैध तरीके से चल रहा था। संचालक के पास कोई भी कागजात नहीं मिले। टीम ने तहसील के पीछे स्थित एक और अस्पताल के भी लाइसेंस जांच की। एसडीएम डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि फर्जी अस्पतालों की जांच जारी रहेगी।
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पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज किया है। शुक्रवार को एसडीएम और स्वास्थ्य विभाग ने टीम ने छापामारी की। बस स्टेशन के बगल में रानी के बागीचे में श्री दुग्धेश्वरनाथ हॉस्पिटल एवं शिवम डायोग्नोसिस सेंटर के नाम से अस्पताल चल रहा था। छापे के दौरान अस्पताल के संचालक ने कोई कागजात नहीं उपलब्ध कराए।
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अस्पताल में कोई डिग्रीधारी डॉक्टर भी मौजूद नहीं था। खुद को नर्स बताने वाली एक महिला से प्रशिक्षण सर्टिफिकेट भी नहीं मिला। अस्पताल में महिलाओं के अल्ट्रासाउंड करने की व्यवस्था थी। जिसका स्वास्थ्य विभाग में रजिस्ट्रेशन नहीं था। अस्पताल में ऑपरेशन करने का पूरा इंतजाम था। प्रशासन ने फर्जी अस्पताल में भर्ती मरीजों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में एंबुलेंस से भेजवा कर दाखिल करा दिया।
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पुलिस ने अस्पताल के संचालक ब्रजेश भारती को हिरासत में ले लिया। छापा मारने वाली टीम ने अस्पताल को सीज कर दिया। अधीक्षक डॉ. आरपी यादव ने कहा कि अस्पताल अवैध तरीके से चल रहा था। संचालक के पास कोई भी कागजात नहीं मिले। टीम ने तहसील के पीछे स्थित एक और अस्पताल के भी लाइसेंस जांच की। एसडीएम डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि फर्जी अस्पतालों की जांच जारी रहेगी।