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एसआईटी आठ साल पूर्व बालिका गृह में आई किशोरी की तलाश में
Updated Sat, 01 Sep 2018 10:59 PM IST
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देवरिया। बालिका गृह कांड की घटना की जांच कर रही एसआईटी ने शुक्रवार की रात रामपुर कारखाना क्षेत्र के एक में गांव में छापा मारा। टीम ने आठ वर्ष पूर्व बालिका गृह में भेजी गई एक किशोरी का पता लगाने के लिए ननिहाल वालों से एक घंटे तक पूछताछ की। पड़ोसियों से भी इससे जुड़ी जानकारी ली। देर रात तक टीम गांव में डटी रही। वहीं, शनिवार को पुलिस लाइन में संस्था की दो महिला कर्मचारियों से पूछताछ हुई।
आठ साल पूर्व गांव की एक मुस्लिम परिवार की सात वर्षीय लड़की बालिका गृह में भेजी गई थी। डेढ़ साल पूर्व बालिका गृह से लड़की को उसके ननिहाल वालों को सुपुर्द कर दिया गया था। एसआईटी की पूछताछ में ननिहाल वालों ने बताया कि लड़की अपनी मां के साथ दिल्ली चली गई। जब दिल्ली में एसआईटी ने पता लगवाया तो वहां लड़की के नहीं होने की सूचना मिली। ननिहाल वालों से पूछताछ के बाद पड़ोसियों से भी टीम के सदस्यों ने जानकारी ली। टीम के साथ स्थानीय पुलिस भी गांव में थी। एसआईटी अब लापता किशोरी का पता लगाने में जुटी है।
उधर, शनिवार को बालिका गृह में कार्य करने वाली दो महिलाओं से एसआईटी ने पुलिस लाइन में घंटों पूछताछ की। पूछताछ में एक युवती ने बताया है कि जेल में बंद गिरिजा त्रिपाठी का बेटा ‘कारा’ (सीएआरए) का काम देखता था। लोगों को लाने और ले जाने की जिम्मेदारी उसी की थी। कहा कि संस्था के काम में मां से ज्यादा बेटा और बेटी सक्रिय रहते थे। कर्मचारियों से कोई लेना-देना नहीं है।
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इनसेट
एसआईटी की जांच पर सवाल, लीपापोती का आरोप
देवरिया। अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (एपवा) नेताओं ने एसआईटी की जांच पर सवाल खड़े करते हुए घटना में शामिल अफसरों को बचाने के लिए लीपापोती का आरोप लगाया। इसके विरोध में पांच सितंबर को धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी। जिलाध्यक्ष गीता पांडेय ने कहा कि बालिका गृह कांड में शामिल अफसरों के बचाव में एसआईटी जुटी है। जांच में लीपापोती कर घटना के मुख्य बिंदु से हट रही है।
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आठ साल पूर्व गांव की एक मुस्लिम परिवार की सात वर्षीय लड़की बालिका गृह में भेजी गई थी। डेढ़ साल पूर्व बालिका गृह से लड़की को उसके ननिहाल वालों को सुपुर्द कर दिया गया था। एसआईटी की पूछताछ में ननिहाल वालों ने बताया कि लड़की अपनी मां के साथ दिल्ली चली गई। जब दिल्ली में एसआईटी ने पता लगवाया तो वहां लड़की के नहीं होने की सूचना मिली। ननिहाल वालों से पूछताछ के बाद पड़ोसियों से भी टीम के सदस्यों ने जानकारी ली। टीम के साथ स्थानीय पुलिस भी गांव में थी। एसआईटी अब लापता किशोरी का पता लगाने में जुटी है।
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उधर, शनिवार को बालिका गृह में कार्य करने वाली दो महिलाओं से एसआईटी ने पुलिस लाइन में घंटों पूछताछ की। पूछताछ में एक युवती ने बताया है कि जेल में बंद गिरिजा त्रिपाठी का बेटा ‘कारा’ (सीएआरए) का काम देखता था। लोगों को लाने और ले जाने की जिम्मेदारी उसी की थी। कहा कि संस्था के काम में मां से ज्यादा बेटा और बेटी सक्रिय रहते थे। कर्मचारियों से कोई लेना-देना नहीं है।
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एसआईटी की जांच पर सवाल, लीपापोती का आरोप
देवरिया। अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (एपवा) नेताओं ने एसआईटी की जांच पर सवाल खड़े करते हुए घटना में शामिल अफसरों को बचाने के लिए लीपापोती का आरोप लगाया। इसके विरोध में पांच सितंबर को धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी। जिलाध्यक्ष गीता पांडेय ने कहा कि बालिका गृह कांड में शामिल अफसरों के बचाव में एसआईटी जुटी है। जांच में लीपापोती कर घटना के मुख्य बिंदु से हट रही है।