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मूर्ति विसर्जन को लेकर आमने-सामने हुए दो गांवों के लोग
Updated Fri, 09 Nov 2018 10:33 PM IST
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तवक्कलपुर में प्रतिमा विसर्जन जुलूस रोके जाने के बाद विरोध प्रदर्शन करते युवक।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया/रामपुर कारखाना। रामपुर कारखाना थानाक्षेत्र के तवक्कलपुर गांव में शुक्रवार को लक्ष्मी प्रतिमा विसर्जन को लेकर दो गांवों के लोग आमने-सामने आ गए। एक पक्ष के लोगों ने गांव के रास्ते मूर्ति जाने से रोका तो दूसरे पक्ष के लोग जुलूस वहीं रोककर धरने पर बैठ गए। मौके पर चार थाने की फोर्स के साथ ही दो प्लाटून पीएसी पहुंची। पांच घंटे की मान-मनौव्वल के बाद प्रतिमा को वापस भेजा गया। इससे नाराज लोगों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। कैबिनेट मंत्री सूर्यप्रताप शाही और प्रदेश सरकार का पुतला फूंककर विरोध जताया। आगामी चुनाव में भी सबक सिखाने का एलान किया।
तवक्कलपुर गांव में शुक्रवार को ग्रामीण प्रतिमा विसर्जन के लिए ले जा रहे थे। इसी गांव के दूसरे टोले इमामबाड़े के पास विसर्जन जुलूस पहुंचते ही दूसरे समुदाय के लोगों ने उसे रोक दिया। उनका कहना था कि इधर से कभी मूर्ति नहीं गई है। इसलिए इस साल भी नहीं जाएगी। कुछ लोगों ने जुमे की नमाज में व्यवधान का भी हवाला दिया। विसर्जन जुलूस में शामिल लोगों का कहना था कि ताजिया का जुलूस उनके गांव से होकर जाता है। तब हरिकीर्तन भी हो रहा होता है, बावजूद कोई विरोध नहीं होता। जुलूस रोके जाने से गुस्साए लोग मूर्ति वहीं रोककर धरने पर बैठ गए। माहौल बिगड़ता देखकर मौके पर एएसपी उत्तरी गणेश साहा, सीओ सिटी वरुण मिश्रा, एसडीएम सदर रामकेश यादव, रामपुर कारखाना, तरकुलवा, बघौचघाट, गौरीबाजार, हेतिमपुर चौकी, महुआडीह चौकी पुलिस और दो प्लाटून पीएससी के साथ मौके पर पहुंचे। करीब पांच घंटे की मान-मनौव्वल के बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए मूर्ति को नए रास्ते से जाने से रोकते हुए वापस बेलवा बाजार गांव से होकर विसर्जन के लिए भेजा। बताते हैं कि इस दौरान ग्रामीणों ने कृषि मंत्री से भी फोन पर वार्ता कर प्रतिमा ले जाने की अनुमति दिलाने को कहा, लेकिन मंत्री ने नए मार्ग का हवाला देते हुए इन्कार कर दिया। इससे गुस्साए लोगों ने मंत्री और प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पुतला भी फूंका।
पुलिस के बिगड़े बोल पर भड़के लोग
मौके पर पहुंचे तरकुलवा एसओ विनय सिंह ने कह दिया कि मूर्ति रखने वाले ज्यादातर लड़के 15 साल की उम्र के हैं। उनको किसी बात की तमीज नहीं है। इस पर लोग भड़क गए और कहा कि 15 साल का लड़का मूर्ति क्यों नहीं रख सकता। इस पर काफी बहस हुई और लोगों ने एसओ के खिलाफ भी नारेबाजी करते हुए उनको हटाने की भी मांग की गई।
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चुनाव में सिखाएंगे सबक
प्रतिमा विसर्जन जुलूस वापस कराए जाने से गुस्साए लोगों ने लोकसभा चुनाव में भाजपा सरकार को सबक सिखाने का एलान किया। कहा कि वह लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। किसी भी नेता को गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा। यह भी कहा कि अब वह अपने गांव से भी ताजिया जुलूस को नहीं जाने देंगे।
मूर्ति विसर्जन के रास्ते को लेकर विवाद की स्थिति हो गई थी। एक पक्ष के लोग नए रास्ते से मूर्ति ले जाना चाह रहे थे, इसे दूसरे पक्ष के लोगों ने रोक दिया था। दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत करा दिया गया है। परंपरागत रास्ते से मूर्ति विसर्जन कराया गया है।
-गणेश साहा, एएसपी उत्तरी।
महुआडीह में भी हुआ प्रदर्शन
देवरिया। तवक्कलपुर गांव में मूर्ति विसर्जन को लेकर हुए विवाद को लेकर महुआडीह चौराहे से होकर गुजर रहे कई गांव के मूर्ति विसर्जन में लगे अन्य लोगों ने भी भगवा टी-शर्ट जलाकर नारेबाजी की। कैबिनेट मंत्री और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए।
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तवक्कलपुर गांव में शुक्रवार को ग्रामीण प्रतिमा विसर्जन के लिए ले जा रहे थे। इसी गांव के दूसरे टोले इमामबाड़े के पास विसर्जन जुलूस पहुंचते ही दूसरे समुदाय के लोगों ने उसे रोक दिया। उनका कहना था कि इधर से कभी मूर्ति नहीं गई है। इसलिए इस साल भी नहीं जाएगी। कुछ लोगों ने जुमे की नमाज में व्यवधान का भी हवाला दिया। विसर्जन जुलूस में शामिल लोगों का कहना था कि ताजिया का जुलूस उनके गांव से होकर जाता है। तब हरिकीर्तन भी हो रहा होता है, बावजूद कोई विरोध नहीं होता। जुलूस रोके जाने से गुस्साए लोग मूर्ति वहीं रोककर धरने पर बैठ गए। माहौल बिगड़ता देखकर मौके पर एएसपी उत्तरी गणेश साहा, सीओ सिटी वरुण मिश्रा, एसडीएम सदर रामकेश यादव, रामपुर कारखाना, तरकुलवा, बघौचघाट, गौरीबाजार, हेतिमपुर चौकी, महुआडीह चौकी पुलिस और दो प्लाटून पीएससी के साथ मौके पर पहुंचे। करीब पांच घंटे की मान-मनौव्वल के बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए मूर्ति को नए रास्ते से जाने से रोकते हुए वापस बेलवा बाजार गांव से होकर विसर्जन के लिए भेजा। बताते हैं कि इस दौरान ग्रामीणों ने कृषि मंत्री से भी फोन पर वार्ता कर प्रतिमा ले जाने की अनुमति दिलाने को कहा, लेकिन मंत्री ने नए मार्ग का हवाला देते हुए इन्कार कर दिया। इससे गुस्साए लोगों ने मंत्री और प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पुतला भी फूंका।
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पुलिस के बिगड़े बोल पर भड़के लोग
मौके पर पहुंचे तरकुलवा एसओ विनय सिंह ने कह दिया कि मूर्ति रखने वाले ज्यादातर लड़के 15 साल की उम्र के हैं। उनको किसी बात की तमीज नहीं है। इस पर लोग भड़क गए और कहा कि 15 साल का लड़का मूर्ति क्यों नहीं रख सकता। इस पर काफी बहस हुई और लोगों ने एसओ के खिलाफ भी नारेबाजी करते हुए उनको हटाने की भी मांग की गई।
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चुनाव में सिखाएंगे सबक
प्रतिमा विसर्जन जुलूस वापस कराए जाने से गुस्साए लोगों ने लोकसभा चुनाव में भाजपा सरकार को सबक सिखाने का एलान किया। कहा कि वह लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। किसी भी नेता को गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा। यह भी कहा कि अब वह अपने गांव से भी ताजिया जुलूस को नहीं जाने देंगे।
मूर्ति विसर्जन के रास्ते को लेकर विवाद की स्थिति हो गई थी। एक पक्ष के लोग नए रास्ते से मूर्ति ले जाना चाह रहे थे, इसे दूसरे पक्ष के लोगों ने रोक दिया था। दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत करा दिया गया है। परंपरागत रास्ते से मूर्ति विसर्जन कराया गया है।
-गणेश साहा, एएसपी उत्तरी।
महुआडीह में भी हुआ प्रदर्शन
देवरिया। तवक्कलपुर गांव में मूर्ति विसर्जन को लेकर हुए विवाद को लेकर महुआडीह चौराहे से होकर गुजर रहे कई गांव के मूर्ति विसर्जन में लगे अन्य लोगों ने भी भगवा टी-शर्ट जलाकर नारेबाजी की। कैबिनेट मंत्री और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए।