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24 घंटे में ही एक परिवार से उठी तीन अर्थी

Wed, 05 Jun 2019 11:08 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 05 Jun 2019 11:08 PM IST
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24 घंटे में ही एक परिवार से उठी तीन अर्थी
सड़क हादसे में मौत के बाद सहजौर चौराहे पर सड़क जाम करते लोग - फोटो : अमर उजाला
लार। मलकौली गांव में चचेरे भाइयों की मौत के बाद मातम पसर गया है। एक ही परिवार से 24 घंटे में तीन मौतों ने हर किसी को झकझोर दिया है। दादी की मौत पर आंखों से आंसू सूखे भी नहीं थे कि प्रदीप और अखिलेश की मौत की खबर आ गई। चार भाइयों में दूसरे नंबर के प्रदीप पांडेय आर्मी में सिपाही थे। इन दिनों उनकी तैनाती मध्य प्रदेश के सागर कैंप में थी। घर में अन्य कोई कमाऊ व्यक्ति नहीं होने से परिवार की भरण पोषण की जिम्मेदारी इन्हीं पर थी। वह जब भी गांव आते थे तो अक्सर अपने चचेरे भाई अखिलेश के साथ ही वक्त बिताते थे। अखिलेश भी गांव ही रहते थे। गांव के जितेंद्र यादव बताते हैं कि प्रदीप वर्ष 2001 में सेना में भर्ती हुए थे। वह काफी मिलनसार थे। जब भी गांव आते थे सभी के घर घूमकर हालचाल लेते थे। गांव के छोटे बच्चे भी उन्हें बहुत ज्यादा प्यार करते थे। इसी बीच मंगलवार के दिन उनकी दादी की मौत हो गई। अभी दादी की चिता की राख ठंडी भी नहीं पड़ी थी की दो और मौत ने परिजनों को गम के सागर में डुबो दिया। अखिलेश भी गांव के लोगों के दुलारे थे। गांव में किसी के घर कोई भी सुख दुख हो सब में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते थे। दोनों युवाओं की दर्दनाक मौत से पूरे गांव में कोहराम मचा हुआ है। गांव में सन्नाटे को महिलाओं की चीख पुकार चीर रही है।
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अभिषेक और दिव्यांशु ने दी मुखाग्नि
सड़क दुर्घटना में मृत प्रदीप और अखिलेश का शव पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। सभी की जुबान पर घटना की चर्चा थी। इसी बीच गांव से जब शव भागलपुर घाट पर निकला तो पूरा गांव गमगीन हो गया। यहां दोनों चचेरे भाइयों के शव को एक ही चिता पर जलाया गया। पांच वर्षीय दिव्यांश ने पिता प्रदीप और नौ वर्षीय अभिषेक ने अखिलेश के शव को मुखाग्नि दी तो वहां मौजूद लोग फफक पड़े।
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तड़पता रहा घायल, बनाते रहे वीडियो
सहजौर चौराहे पर हादसे के बाद मानवता शर्मसार होती दिखी। हादसे में गंभीर रुप से जख्मी अखिलेश को अस्पताल पहुंचाने की बजाए लोग वीडियो बनाने में मशगूल रहे। पुलिस और एंबुलेंस का इंतजार किए बगैर अगर तत्काल अखिलेश को अस्पताल पहुंचाया गया होता तो उसकी जान बच सकती थी। करीब 20 मिनट बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे में मृत दोनों ही बाइक सवारों ने हेलमेट नहीं पहन रखा था।
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