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बोर्ड परीक्षा : बदली व्यवस्था तो इस साल घट गए 11 हजार परीक्षार्थी
Thu, 07 Dec 2023 12:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 07 Dec 2023 12:37 AM IST
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दो साल से जिले में कम हो रहे छात्र, कड़ाई होने को जिम्मेदार मान रहे कारण
ऑनलाइन प्रक्रिया से बने 177 केंद्रों पर आई 346 आपत्तियों की एसडीएम स्तर से चल रही निस्तारण की कार्यवाही
देवरिया। जिले में यूपी बोर्ड के परीक्षार्थियों की संख्या पिछले साल से 11 हजार घट गई है। इसे लेकर माध्यमिक शिक्षा विभाग से जुड़े जिम्मेदारों की चिंता बढ़ रही है। हालांकि टेक्निकल डिप्लोमा कोर्स करने की भी ललक छात्रों में बढ़ी है। लेकिन कभी नकल के लिए बदनाम रहे जनपद में इस स्थिति के लिए परीक्षा केंदों की ऑनलाइन मानीटरिंग, हर परीक्षा केंद्र के कक्ष में सीसीटीवी कैमरा, वाॅयसयुक्त रिकार्डर, आधार की अनिवार्यता आदि को जिम्मेदार माना जा रहा है क्योंकि नई व्यवस्था से बोर्ड परीक्षा के समय प्रदेश के विभिन्न जगहों से आने वाले परीक्षार्थी अचानक से गायब हो गए है।
शासन स्तर से हर साल नकल रोकने के लिए नई व्यवस्था लागू की जा रही है। वर्ष 2024 की परीक्षा में परीक्षार्थियों के फेश रीडिंग व्यवस्था लाने की तैयारी हो रही है। नई व्यवस्था से नकल माफियाओं के हौसले अब पस्त होने लगे हैं। शिक्षा विभाग से जुड़े लोग इसे पिछले तीन सालों में मानीटरिंग सिस्टम में कड़ाई किए जाने, केंद्रों पर आईपी कैमरा, वायसयुक्त रिकार्डर लगने, आधार अनिवार्य बनाने को कारण मान रहे हैं।
इससे बाहरी जगहों से आने वाले परीक्षार्थी कम हो गए हैं। साथ ही हर साल केंद्रों की संख्या भी घट रही है। वर्ष 2022 में 218, 2023 में 197 तो इ बार की परीक्षा के लिए अब के रिकार्ड के अनुसार 177 केंद्र बनाए गए हैं। जीआईसी के प्रधानाचार्य पीके शर्मा ने बताया कि शासन स्तर से कड़ाई बढ़ने से परीक्षार्थियों की संख्या घट रही है। वहीं महाराजा अग्रसेन बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य गीता ने बताया कि सख्ती तो बढ़ी ही है, अन्य बोर्ड की ओर से भी अभिभावकों व परीक्षार्थियों का झुकाव बढ़ा है।
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आपत्तियों का एसडीएम स्तर से चल रहा निस्तारण
उधर जनपद में बोर्ड परीक्षा की तैयारियों के अंतर्गत 177 केंद्रों के संबंध में आई आपत्तियों का निस्तारण एसडीएम स्तर से किया जा है। अब तक 100 से आपत्तियों का निस्तारण किया भी जा चुका है।
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वर्षवार घटते जा रहे परीक्षार्थी
वर्ष हाईस्कूल इंटर कुल संख्या
2022 67802 56551 124553
2023 72003 68210 140213
2024 65120 64055 129175
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बोर्ड परीक्षा में विद्यार्थियों के घटने का कारण सख्ती तो है ही। अब हाईस्कूल के बाद अधिकतर विद्यार्थी पालीकेक्निक सहित अन्य डिप्लोमा कोर्स की तरफ मुड़ जा रहे हैं। ऐसे टेक्निकल कोर्स में न्यूनतम योग्यता हाईस्कूल ही है। टीसी के लिए आए काउंटर साइन में भी यही बात छात्रों से बातचीत करने पर पता चली है।
....महेंद्र प्रसाद, एडीआईओएस
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ऑनलाइन प्रक्रिया से बने 177 केंद्रों पर आई 346 आपत्तियों की एसडीएम स्तर से चल रही निस्तारण की कार्यवाही
देवरिया। जिले में यूपी बोर्ड के परीक्षार्थियों की संख्या पिछले साल से 11 हजार घट गई है। इसे लेकर माध्यमिक शिक्षा विभाग से जुड़े जिम्मेदारों की चिंता बढ़ रही है। हालांकि टेक्निकल डिप्लोमा कोर्स करने की भी ललक छात्रों में बढ़ी है। लेकिन कभी नकल के लिए बदनाम रहे जनपद में इस स्थिति के लिए परीक्षा केंदों की ऑनलाइन मानीटरिंग, हर परीक्षा केंद्र के कक्ष में सीसीटीवी कैमरा, वाॅयसयुक्त रिकार्डर, आधार की अनिवार्यता आदि को जिम्मेदार माना जा रहा है क्योंकि नई व्यवस्था से बोर्ड परीक्षा के समय प्रदेश के विभिन्न जगहों से आने वाले परीक्षार्थी अचानक से गायब हो गए है।
शासन स्तर से हर साल नकल रोकने के लिए नई व्यवस्था लागू की जा रही है। वर्ष 2024 की परीक्षा में परीक्षार्थियों के फेश रीडिंग व्यवस्था लाने की तैयारी हो रही है। नई व्यवस्था से नकल माफियाओं के हौसले अब पस्त होने लगे हैं। शिक्षा विभाग से जुड़े लोग इसे पिछले तीन सालों में मानीटरिंग सिस्टम में कड़ाई किए जाने, केंद्रों पर आईपी कैमरा, वायसयुक्त रिकार्डर लगने, आधार अनिवार्य बनाने को कारण मान रहे हैं।
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इससे बाहरी जगहों से आने वाले परीक्षार्थी कम हो गए हैं। साथ ही हर साल केंद्रों की संख्या भी घट रही है। वर्ष 2022 में 218, 2023 में 197 तो इ बार की परीक्षा के लिए अब के रिकार्ड के अनुसार 177 केंद्र बनाए गए हैं। जीआईसी के प्रधानाचार्य पीके शर्मा ने बताया कि शासन स्तर से कड़ाई बढ़ने से परीक्षार्थियों की संख्या घट रही है। वहीं महाराजा अग्रसेन बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य गीता ने बताया कि सख्ती तो बढ़ी ही है, अन्य बोर्ड की ओर से भी अभिभावकों व परीक्षार्थियों का झुकाव बढ़ा है।
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आपत्तियों का एसडीएम स्तर से चल रहा निस्तारण
उधर जनपद में बोर्ड परीक्षा की तैयारियों के अंतर्गत 177 केंद्रों के संबंध में आई आपत्तियों का निस्तारण एसडीएम स्तर से किया जा है। अब तक 100 से आपत्तियों का निस्तारण किया भी जा चुका है।
वर्षवार घटते जा रहे परीक्षार्थी
वर्ष हाईस्कूल इंटर कुल संख्या
2022 67802 56551 124553
2023 72003 68210 140213
2024 65120 64055 129175
बोर्ड परीक्षा में विद्यार्थियों के घटने का कारण सख्ती तो है ही। अब हाईस्कूल के बाद अधिकतर विद्यार्थी पालीकेक्निक सहित अन्य डिप्लोमा कोर्स की तरफ मुड़ जा रहे हैं। ऐसे टेक्निकल कोर्स में न्यूनतम योग्यता हाईस्कूल ही है। टीसी के लिए आए काउंटर साइन में भी यही बात छात्रों से बातचीत करने पर पता चली है।
....महेंद्र प्रसाद, एडीआईओएस