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समायोजन की मांग को लेकर प्रदर्शन
Deoria
Updated Fri, 20 Dec 2013 05:43 AM IST
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देवरिया। आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन ने बृहस्पतिवार को अपनी मांगों को लेकर बीएसए कार्यालय पर प्रदर्शन किया। शिक्षामित्रों ने कहा कि यदि उनका शिक्षक के रूप में समायोजन नहीं किया गया तो वे लड़ाई आगे भी जारी रखेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित मांग-पत्र जिला प्रशासन के माध्यम से भिजवाया।
सुबह जिले भर से शिक्षामित्र बीएसए कार्यालय पर एकत्र हुए। इसके बाद धरना शुरू कर दिया। सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि शिक्षामित्रों का शिक्षक के रूप में समायोजन यदि प्रदेश सरकार नहीं करती है तो शिक्षामित्र आगे भी लड़ाई जारी रखेंगे।
जिला महामंत्री संतोष ओझा ने कहा कि सरकार लंबे समय से शिक्षामित्रों को पूर्ण शिक्षक बनाने का आश्वासन दे रही है। लेकिन उसे पूरा नहीं कर रही है। जिला संयोजक अंकलेश्वर सिंह ने कहा कि समान कार्य का समान वेतनमान नहीं मिला तो हम अपनी लड़ाई लड़ते रहेंगे। जिला प्रभारी राकेश कुमार मिश्र ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षामित्रों के साथ मजाक कर रही है। दिल्ली में 24 हजार, गुजरात में 14500, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में शिक्षक के समान कार्य समान वेतन लागू, मध्यप्रदेश में 11500, बिहार में 7000 से 12 हजार प्रतिमाह मानदेय लागू है। जबकि यूपी में 3500 रुपये प्रतिमाह की दर से 11 माह तक ही मानदेय दिया जा रहा है। शिक्षामित्रों ने सहायक अध्यापक पद पर समायोजन के लिए टीईटी से मुक्त रखने, प्रशिक्षणरत शिक्षामित्रों का परीक्षाफल समय से घोषित करते हुए प्रशिक्षण सत्र नियमित करने और 7300 विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षु की तरह अप्रशिक्षित शिक्षक वेतनमान 12 माह की स्वीकृति देने की मांग की है। प्रदर्शन में नंदकिशोर कांक्षी, अरुण सिंह, रामाज्ञा चौरसिया, संपूर्णानंद, प्रभाकर द्विवेदी, शशांक शेखर सिंह, शैलेंद्र मालवीय और बृजेश प्रसाद समेत तमाम शिक्षामित्र शामिल रहे।
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सुबह जिले भर से शिक्षामित्र बीएसए कार्यालय पर एकत्र हुए। इसके बाद धरना शुरू कर दिया। सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि शिक्षामित्रों का शिक्षक के रूप में समायोजन यदि प्रदेश सरकार नहीं करती है तो शिक्षामित्र आगे भी लड़ाई जारी रखेंगे।
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जिला महामंत्री संतोष ओझा ने कहा कि सरकार लंबे समय से शिक्षामित्रों को पूर्ण शिक्षक बनाने का आश्वासन दे रही है। लेकिन उसे पूरा नहीं कर रही है। जिला संयोजक अंकलेश्वर सिंह ने कहा कि समान कार्य का समान वेतनमान नहीं मिला तो हम अपनी लड़ाई लड़ते रहेंगे। जिला प्रभारी राकेश कुमार मिश्र ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षामित्रों के साथ मजाक कर रही है। दिल्ली में 24 हजार, गुजरात में 14500, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में शिक्षक के समान कार्य समान वेतन लागू, मध्यप्रदेश में 11500, बिहार में 7000 से 12 हजार प्रतिमाह मानदेय लागू है। जबकि यूपी में 3500 रुपये प्रतिमाह की दर से 11 माह तक ही मानदेय दिया जा रहा है। शिक्षामित्रों ने सहायक अध्यापक पद पर समायोजन के लिए टीईटी से मुक्त रखने, प्रशिक्षणरत शिक्षामित्रों का परीक्षाफल समय से घोषित करते हुए प्रशिक्षण सत्र नियमित करने और 7300 विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षु की तरह अप्रशिक्षित शिक्षक वेतनमान 12 माह की स्वीकृति देने की मांग की है। प्रदर्शन में नंदकिशोर कांक्षी, अरुण सिंह, रामाज्ञा चौरसिया, संपूर्णानंद, प्रभाकर द्विवेदी, शशांक शेखर सिंह, शैलेंद्र मालवीय और बृजेश प्रसाद समेत तमाम शिक्षामित्र शामिल रहे।
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