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किताबें नहीं बांटने पर चार एनपीआरसी निलंबित
Updated Sat, 13 Oct 2018 10:28 PM IST
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देवरिया। परिषदीय स्कूलों में समय से किताबें नहीं बांटने पर बीएसए ने भलुअनी विकास खंड के चार एनपीआरसी को निलंबित कर दिया है। साथ ही एक स्कूल में सहायक अध्यापकों के सापेक्ष छात्रों की संख्या कम पाए जाने पर तीन शिक्षकों के खिलाफ दो वार्षिक वेतन वृद्धि अग्रिम आदेश तक रोकने की कार्रवाई की।
‘अमर उजाला’ ने पांच अक्तूबर के अंक में ‘कान्वेंट की तर्ज पर पढ़ाई, बस किताब नहीं आई’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद सक्रिय हुए शिक्षाधिकारियों ने खबर में जिन स्कूलों के नाम छपे थे, उन स्कूलों का निरीक्षण कर वहां के प्रधानाध्यापकों से जबरन किताबें बांट दिए जाने के पत्र पर हस्ताक्षर करा लिया था। नौकरी की मजबूरी देख प्रधानाध्यापकों व सहायक अध्यापकों ने इस पर हस्ताक्षर भी कर दिया था। शनिवार को बीएसए ने भलुअनी विकास खंड व सदर क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक सरकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। प्राथमिक विद्यालय करौदी व प्राथमिक व जूनियर विद्यालय बढ़या फुलवरिया के सहायक अध्यापकों ने बताया कि अभी तक एनपीआरसी अरविंद कुशवाहा ने चार प्रकार की किताबें नहीं उपलब्ध कराई हैं, जबकि अन्य जगहों पर सितंबर के पहले सप्ताह में ही सभी ब्लॉक संसाधनों को किताबें भेज दी गई थी। साथ ही विद्यालयों को प्रचलित किताबों की सूची भी नहीं उपलब्ध कराई गई। इस पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। प्राथमिक व जूनियर विद्यालय कुइया व लंगड़ा बाजार के निरीक्षण में भी सभी किताबों के नहीं बांटे जाने का खुलासा हुआ। इस पर एनपीआरसी सीताराम यादव को सस्पेंड कर दिया गया। सदर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय फुलवरिया करन, फुलवरिया लच्छी, चकमुंडेरा, रोहुआर धीरजन के निरीक्षण में भी अध्यापकों ने एनपीआरसी कक्षा छह, सात और आठ की स्काउट गाइड, खेल व स्वास्थ्य नीति, हमारा परिवेश एवं कक्षा तीन व चार की किताबें नहीं बांटे जाने की बात कही। इस पर उन्होंने एनपीआरसी जयराम कुशवाहा पर निलंबन की कार्रवाई की। भलुअनी के प्राथमिक विद्यालय तेनुआ चौबे के निरीक्षण में भी किताबें नहीं बांटे जाने पर एनपीआरसी विवेकानंद मिश्र को सस्पेंड कर दिया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय बढ़या फुलवरिया में कुल 29 नामांकन एवं केवल चार की मौजूदगी पर नाराजगी जताते हुए बीएसए ने कार्य में बड़ी लापरवाही मानते हुए यहां तैनात सहायक अध्यापक प्रदीप कुमार, अनिल कुमार व सरिता गौड़ के दो वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने की कार्रवाई की।
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‘अमर उजाला’ ने पांच अक्तूबर के अंक में ‘कान्वेंट की तर्ज पर पढ़ाई, बस किताब नहीं आई’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद सक्रिय हुए शिक्षाधिकारियों ने खबर में जिन स्कूलों के नाम छपे थे, उन स्कूलों का निरीक्षण कर वहां के प्रधानाध्यापकों से जबरन किताबें बांट दिए जाने के पत्र पर हस्ताक्षर करा लिया था। नौकरी की मजबूरी देख प्रधानाध्यापकों व सहायक अध्यापकों ने इस पर हस्ताक्षर भी कर दिया था। शनिवार को बीएसए ने भलुअनी विकास खंड व सदर क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक सरकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। प्राथमिक विद्यालय करौदी व प्राथमिक व जूनियर विद्यालय बढ़या फुलवरिया के सहायक अध्यापकों ने बताया कि अभी तक एनपीआरसी अरविंद कुशवाहा ने चार प्रकार की किताबें नहीं उपलब्ध कराई हैं, जबकि अन्य जगहों पर सितंबर के पहले सप्ताह में ही सभी ब्लॉक संसाधनों को किताबें भेज दी गई थी। साथ ही विद्यालयों को प्रचलित किताबों की सूची भी नहीं उपलब्ध कराई गई। इस पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। प्राथमिक व जूनियर विद्यालय कुइया व लंगड़ा बाजार के निरीक्षण में भी सभी किताबों के नहीं बांटे जाने का खुलासा हुआ। इस पर एनपीआरसी सीताराम यादव को सस्पेंड कर दिया गया। सदर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय फुलवरिया करन, फुलवरिया लच्छी, चकमुंडेरा, रोहुआर धीरजन के निरीक्षण में भी अध्यापकों ने एनपीआरसी कक्षा छह, सात और आठ की स्काउट गाइड, खेल व स्वास्थ्य नीति, हमारा परिवेश एवं कक्षा तीन व चार की किताबें नहीं बांटे जाने की बात कही। इस पर उन्होंने एनपीआरसी जयराम कुशवाहा पर निलंबन की कार्रवाई की। भलुअनी के प्राथमिक विद्यालय तेनुआ चौबे के निरीक्षण में भी किताबें नहीं बांटे जाने पर एनपीआरसी विवेकानंद मिश्र को सस्पेंड कर दिया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय बढ़या फुलवरिया में कुल 29 नामांकन एवं केवल चार की मौजूदगी पर नाराजगी जताते हुए बीएसए ने कार्य में बड़ी लापरवाही मानते हुए यहां तैनात सहायक अध्यापक प्रदीप कुमार, अनिल कुमार व सरिता गौड़ के दो वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने की कार्रवाई की।
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