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कृषि विश्वविद्यालय की आस, चीनी मिल से घोलें मिठास

Mon, 24 Dec 2018 10:32 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 24 Dec 2018 10:32 PM IST
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कृषि विश्वविद्यालय की आस, चीनी मिल से घोलें मिठास
कृषि विश्वविद्यालय की आस, चीनी मिल से घुलेगी मिठास
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मुख्यमंत्री के आगमन से उत्साहित हैं जिले के लोग
चुनावी सीजन में बड़ी घोषणा की बंधी हैं उम्मीदें
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद योगी आदित्यनाथ 26 दिसंबर को छठवीं बार जिले में आ रहे हैं। इससे पहले तीन अप्रैल को लबकनी में हुई सभा में सीएम ने मेडिकल कॉलेज की घोषणा की थी और अब उसी का शिलान्यास करने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री के आगमन से लोगों को फिर ढेरों उम्मीदें हैं। कोई चीनी मिल चलाने की उम्मीद लगाए बैठा है तो कोई ब्लॉक और जिले के एलान को लेकर आशान्वित है। लोगों की और भी ढेरों उम्मीदें हैं। सीएम से उनकी आशाएं जुड़ी हुई हैं और हो भी क्यों न। अरसे बाद पूर्वांचल की माटी को प्रदेश के नेतृत्व का मौका मिला है। वह भी ऐसे शख्स को जिसका इस देवभूमि से सिर्फ जुड़ाव ही नहीं, गहरा लगाव भी है। गोरक्षपीठ के महंत के रुप में वह यहां के लोगों के आराध्य हैं तो हिंदू युवा वाहिनी के संरक्षक के रुप में अभिभावक भी। गोरखपुर का सांसद रहते हुए उनका इस जिले को विशेष स्नेह मिलता रहा है। वह तमाम आयोजनों, आंदोलनों का हिस्सा रहे हैं। जन-जन के सरोकार से जुड़े रहे हैं। देवरहा बाबा की इस भूमि को जब कभी एक अगुवा की जरूरत हुई योगी आदित्यनाथ हर समय खड़े रहे हैं। लिहाजा वर्षों से विकास का पिछड़ापन झेल रहे जिले को फिर उनसे आशाएं बंध गई हैं। लोगों को पूरा भरोसा है कि मुख्यमंत्री इस बार न सिर्फ मेडिकल कॉलेज का ही शिलान्यास करेंगे, बल्कि बेहतर भविष्य की संकल्पना को के लिए किसी अन्य बड़े प्रोजेक्ट का भी एलान करेंगे।

इनके लिए संघर्ष कर रहा है जिला

बीआरडी बने कृषि विश्वविद्यालय
वर्ष 1954 में स्थापित बाबा राघवदास महाविद्यालय कृषि की पढ़ाई के लिए पूर्वांचल का प्रतिष्ठित संस्थान है। देश के विभिन्न हिस्सों के अलावा नेपाल से भी यहां छात्र पढ़ाई के लिए आते हैं। कृषि प्रधान जिले में खेती-किसानी को नई ऊंचाइयां देने के लिए ही इसे कृषि विश्वविद्यालय के रुप में विकसित करने की अरसे से मांग उठती रही है। पिछले चुनावों में भाजपा समेत विभिन्न राजनीतिक दलों ने इसके लिए वादा भी किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र केंद्रीय कृषिमंत्री को पत्र भी लिख चुके हैं। विश्वविद्यालय के मानकों को पूरा करने के बाद भी इसकी उपेक्षा होती रही है। जिले का जनमानस इसके लिए आंदोलित है।
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फिर से चालू हो बंद चीनी मिल
एक समय था, जब देवरिया की पहचान चीनी के कटोरे के रुप में थी। 14 चीनी मिलें यहां संचालित होती थी। सरकारी उपेक्षा के चलते एक-एक कर चीनी मिलें बंद होती गईं। अब सिर्फ एक प्रतापपुर चीनी मिल ही चालू हैं। एक-एक कर चीनी मिलों के बंद होने से गन्ने की खेती से किसानों का मोह टूटता जा रहा है। इसी गन्ने की खेती से किसान खुशहाल थे, मगर मिल बंद होने के बाद गन्ना बोना बंद किया तो दुर्दशा भी बढ़ती जा रही है। किसानों की बेहतरी का दावा करने वाली सरकार से किसानों को बंद हुई मिलों को फिर शुरू करने की आस है। बैतालपुर, भटनी, देवरिया, गौरीबाजार की बंद मिलों को चलाने के लिए आंदोलन चरम पर है। लोगों का मानना है कि एक मिल भी चालू हुई तो फिर से किसानों की तरक्की का द्वार खुल जाएगा।
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ठंडे बस्ते में खुखुंदू ब्लॉक की फाइल
सलेमपुर और देवरिया के मध्य स्थित खुखुंदू को राजनीतिक और प्रशासनिक रुप से महत्वपूर्ण स्थल है। यहां थाना तो है, लेकिन ब्लॉक का गठन नहीं हो पाया है। लंबे अरसे से खुखुंदू को ब्लॉक बनाने के लिए आंदोलन चल रहा है। कई बार आश्वासन भी मिला। मौजूदा गृह मंत्री राजनाथ सिंह, कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही भी यह वादा कर चुके हैं। करीब डेढ़ साल पहले सर्वे कर विस्तृत प्रस्ताव भी शासन में भेजा जा चुका है, लेकिन फाइल ठंडे बस्ते में जा चुकी है। खुखुंदू व आसपास के गांवों के लोग ब्लॉक के लिए भटनी, भलुअनी का चक्कर लगाने को मजबूर हैं। यहां ब्लॉक बने तो न सिर्फ विकास को गति मिलेगी, बल्कि प्रशासकीय नियंत्रण में भी सहूलियत होगी।

दियारा में बने औद्योगिक हब
सलेमपुर में छोटी गंडक और सरयू के मध्य दियारा क्षेत्र में एकफसली भूमि औद्योगिक विकास के लिए बेहद अनुकूल है। यहां पॉवर प्लांट सहित अन्य परियोजनाओं को शुरू कराने की कवायद कई वर्षों से चल रही है, मगर इसे अब तक अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका है। जिला प्रशासन व स्थानीय जनप्रतिनिधि इसके लिए प्रयासरत तो हैं, मगर शासन स्तर पर ठोस पहल के अभाव में इसे गति नहीं मिल पा रही। सीएम की विशेष कृपा हो तो यह क्षेत्र औद्योगिक स्थल के रुप में यूपी-बिहार में विकास की नई संभावनाओं का सेतु बन सकता है। इससे न सिर्फ जिले के विकास को तेजी मिलेगी, बल्कि हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे।


19 माह में छठवीं बार आ रहे सीएम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 26 दिसंबर को जिले में छठवीं बार आएंगे। पहली बार वह भाटपाररानी में शहीद प्रेमसागर को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। दूसरी बार सलेमपुर के पूर्व सांसद स्व. हरिकेवल कुशवाहा के पुण्यतिथि समारोह में शामिल हुए थे। तीसरी बार नगरपालिका चुनाव में प्रचार के बाद वह चौथी बार इसी वर्ष तीन अप्रैल को लबकनी में आयोजित समारोह में शामिल हुए थे। पिछले माह रुद्रपुर के नगवां गांव में डॉ. प्रदीप राव के आवास पर शोक जताने पहुंचे थे। अब छठवीं बार उनका आगमन होगा। महज 19 माह के कार्यक्रम में छठवीं बार सीएम के आगमन से जिले के लोग उत्साहित हैं।
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