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खुले आसमान के नीचे गुजरी रात

Fri, 19 Jan 2018 10:52 PM IST
Updated Fri, 19 Jan 2018 10:52 PM IST
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खुले आसमान के नीचे गुजरी रात
अतिक्रमण हटवाने के बाद खुले आसमान के नीचे रात गुजारे वाले परिवार के लोगों ने दूसरे दिन रहने के लिए प्लास्टिक तान कर रहने के लिए जुगत लगाईं। - फोटो : अमर उजाला
देवरिया। पिपरा चंद्रभान में प्रशासन ने बृहस्पतिवार को बाजार की जमीन पर कब्जा कर सात मकान ढहा दिए थे। इस वजह से बेघर हुए सातों परिवारों को खुले आसमान के नीचे सर्द रात गुजरानी पड़ी। आसपास के लोगों की मदद से उन्हें निवाला नसीब हो सका। उधर, किसी तरह की गड़बड़ी की आशंका के मद्देनजर मौके पर पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं।
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रातभर ठंड में ठिठुरने के बाद बेघर हुए परिवार शुक्रवार की सुबह जिंदगी को नए सिरे से सहेजने में जुट गए। मकान तोड़े जाने की सूचना पाकर उनके रिश्तेदार में उनसे मिलने पहुंचने लगे हैं। कहने -सुनने के बीच महिलाएं अपने मकान का मलबा देख बार-बार सिसकने लग रही हैं। साथ ही वह नए सिरे से बसने की जुगाड़ में जुटी हैं। इस काम में परिवार के पुरुष सदस्य में उनका साथ दे रहे हैं। कोई बास-बल्ली गाड़ने में लगा हे, तो कोई प्लास्टि छा रहा है। उधर, किसी तरह की गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए मौके पर पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं।
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हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने बृहस्पतिवार को राजस्व रिकार्ड में दर्ज बाजार की जमीन पर बसे सात अवैध निर्माण ढहा दिए थे। गांव के ही राकेश कुमार सिंह ने बाजारकी जमीन से कब्जा हटाने के लिए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने 15 जनवरी को जिला प्रशासन को बाजार की जमीन से कब्जा हटाने का आदेश दिया था।
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जगह छोड़ने को नहीं हैं तैयार
- उजाड़े जाने के बावजूद अतिक्रमणकारी जगह छोड़ने को तैयार नहीं हैं। वे फिर से उसी जगह पर बसने की अस्थाई व्यवस्था करने में जुटे हैं। बेघर हुए लोगों का कहना है कि प्रशासन ने इतना भी समय नहीं दिया गया कि वे अपना सामान समेट पाते। उनके राशन और कीमती सामान मलबे के नीचे दब गए हैं।
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इनसेट
सब कुछ मलबे में दब गया
- 90 वर्षीय रघुवंश चौहान ने पूरी रात अलाव के सहारे गुजारी। उसने कहा कि बड़ी मेहनत से मकान खड़ा किया था, वही तोड़ दिया गया। यह कहते हुए रघुवंश की आंखों में आंसू आ गए। उसने बताया कि 16 कुंतल गेहूं और 20 कुंतल धान मलबे में दब गया। अब उसके परिवार के लोग दाने-दाने को मोहताज हैं।
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एक पल में सब तबाह हो गया
- चंद्रवती देवी ने कहा कि उनका दो मंजिला मकान था। तीन पीढ़ी से इस मकान में रह रहे थे, लेकिन प्रशासन ने एक पल में सब कुछ तबाह कर दिया। फूलादेवी ने कहा कि पति ने मेहनत-मजदूरी कर पक्का मकान बनवाया था। एक झटके में सब खत्म हो गया। रामवृक्ष ने आरोप लगाया कि अतिक्रमण हटाने में भेदभाव बरता गया है। सिर्फ उन्हीं लोगों के निर्माण ध्वस्त किए गए हैं जिन्होंने राकेश सिंह के स्थायी निर्माण का विरोध किया था। सूर्यभान ने कहा कि बरसों की कमाई पानी में चली गई।

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सपा नेताओं ने की मुलाकात
- सपा नेता हृदयनारायण जायसवाल, दीना चौधरी, बेचू लाल चौधरी और धर्मेन्द्र यादव शुक्रवार को पिपरा चंद्रभान गांव पहुंचे। उन्होंने सबकी समस्या सुनी और मदद का आश्वासन दिया।
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