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20 दिनों से बाढ़ग्रस्त इलाकों में समस्या बनी घाघरा
Updated Mon, 28 Aug 2017 11:44 PM IST
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बरहज (देवरिया)। करीब 20 दिनों से घाघरा में आए उफान से तटवर्ती गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैं। लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। 24 घंटे में नदी का जलस्तर थम गया है, जबकि खतरे के निशान से एक मीटर 15 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।
घाघरा नदी के किनारे बसे गांव कटइलवा, नौका टोला, कुवाइच टोला, भदिला प्रथम, कपरवार, महेन, मोहरा, समोगर और परसियां-विशुनपुर देवार के करीब 25 टोले बाढ़ की जद में हैं। प्रशासन ने प्रभावित गांवों के लिए 44 नाव की व्यवस्था की है। बाढ़ के कारण परसियां-विशुनपुर और मऊ जनपद के धर्मपुर गांव का बिन टोली, कुड़िया, जरलहवा आदि जगहों के लोग मुसीबत झेल रहे हैं। धर्मपुर के मुसाफिर यादव, जगदंबा, भान, गोविंद, रामजीत यादव आदि का कहना है कि बाढ़ आने से नदी का पाट काफी चौड़ा हो गया है। बड़ी नावों की जगह छोटी नावों से उथल-पुथल कर देनेे वाली लहर पर जान जोखिम में डाल दो वक्त की रोटी के लिए आवागमन करना मजबूरी बन गया है। परसियां के शिवनारायन, जगदीश, सीताराम का कहना है कि सरकार से अब तक दो बार राहत सामग्री मिली है। पीड़ितों का कहना है कि चारों तरफ पानी होने के कारण अधिकारी तो दूर जनप्रतिनिधि भी सुधि लेने से कतरा रहे हैं। एसडीएम अरुण सिंह ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों की सुविधा के लिए हर संभव प्रयास जारी है।
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घाघरा नदी के किनारे बसे गांव कटइलवा, नौका टोला, कुवाइच टोला, भदिला प्रथम, कपरवार, महेन, मोहरा, समोगर और परसियां-विशुनपुर देवार के करीब 25 टोले बाढ़ की जद में हैं। प्रशासन ने प्रभावित गांवों के लिए 44 नाव की व्यवस्था की है। बाढ़ के कारण परसियां-विशुनपुर और मऊ जनपद के धर्मपुर गांव का बिन टोली, कुड़िया, जरलहवा आदि जगहों के लोग मुसीबत झेल रहे हैं। धर्मपुर के मुसाफिर यादव, जगदंबा, भान, गोविंद, रामजीत यादव आदि का कहना है कि बाढ़ आने से नदी का पाट काफी चौड़ा हो गया है। बड़ी नावों की जगह छोटी नावों से उथल-पुथल कर देनेे वाली लहर पर जान जोखिम में डाल दो वक्त की रोटी के लिए आवागमन करना मजबूरी बन गया है। परसियां के शिवनारायन, जगदीश, सीताराम का कहना है कि सरकार से अब तक दो बार राहत सामग्री मिली है। पीड़ितों का कहना है कि चारों तरफ पानी होने के कारण अधिकारी तो दूर जनप्रतिनिधि भी सुधि लेने से कतरा रहे हैं। एसडीएम अरुण सिंह ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों की सुविधा के लिए हर संभव प्रयास जारी है।
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