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भारत बंद को नहीं मिला आमजन का साथ
Updated Mon, 02 Apr 2018 11:33 PM IST
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एससी एसटी एक्ट में संसोधन के खिलाफ प्रदर्शन करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। भारत बंद का असर जिले में बेअसर रहा। विरोध प्रदर्शन के बावजूद दुकानें खुली रहीं। अंबेडकरवादी संगठनों ने जगह-जगह जाम लगाया। भारत बंद को देखते हुए पुलिस भी सतर्क रही। जाम के कारण यातायात व्यवस्था लड़खड़ा गई। पुलिस कर्मियों ने मान-मनौव्वल कर जाम खत्म कराया।
अनुसूचित जाति, जनजाति एक्ट में संशोधन और अंबेडकर की प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त करने के विरोध में अंबेडकरवादी संगठनों ने सोमवार को भारत बंद का आह्वान किया था। इसे देखते हुए पुलिस सुबह से ही सतर्क थी। बसपा, सपा और कांग्रेस का झंडा हाथों में लेकर लोगों ने शहर के मुख्य मार्गों पर जुलूस निकाली। जुलूस को देखकर दुकानदार अपनी-अपनी दुकानें बंद कर दे रहे थे। जुलूस के आगे बढ़ते ही दुकानें फिर खुल जाती थीं। जुलूस में शामिल लोगों ने कचहरी चौराहे पर जाम लगा दिया। सरकार विरोध नारेबाजी की। इससे सिविल लाइंस रोड की यातायात व्यवस्था लड़खड़ा गई। करीब आधे घंटे बाद जाम खत्म हुआ। जिले के तहसीलों रुद्रपुर, सलेमपुर, भाटपाररानी और बरहज में भी बंद का असर बेअसर रहा। बसपा कार्यकर्ताओं ने भारत बंद में बढ़-चढ़कर भाग लिया। बसपा कार्यकर्ताओं ने सुभाष चौक से जुलूस निकाला। कचहरी चौराहे पर जाम लगा दिया। यहां हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि भाजपा के इशारे पर अनुसूचित जाति, जनजाति एक्ट को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। बसपा इसका पुरजोर विरोध करेगी। एक्ट जैसे पहले लागू था, उसे उसी स्वरूप में रखा जाए। मंडल जोन इंचार्ज ओमप्रकाश गौतम ने कहा कि दलितों के खिलाफ भाजपा सरकार साजिश रच रही है। अंबरीश कुमार ने कहा कि दलितों के साथ किसी भी कीमत पर अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। बसपा जिलाध्यक्ष नीतीश कुमार ने कहा कि दलितों के मान-सम्मान से कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा। इस दौरान छेदी मास्टर अकेला, रामनाथ चौहान, गोविंद कुमार, नथुनी प्रसाद, शैलेश कुमार, इरफानउल्लाह, दीनानाथ भार्गव, राजीव गौतम आदि मौजूद रहे। उधर, बीएसपी यूथ के कार्यकर्ताओं ने भी भारत बंद कराने में भूमिका निभाई। एडीएम सदर को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन दिया। इस दौरान अमित सिंह गौतम, आकाश कुमार, अमन कुमार, व्यास यादव, प्रशांत अंबेडकर, रोहन गौतम आदि मौजूद रहे। अनुसूचित जाति, जनजाति उत्पीड़न निवारण एवं सशक्तिकरण केंद्र ने भी भारत बंद के समर्थन में टाउनहॉल में बैठक की। इस दौरान मुंशी प्रसाद गोंड, नंदलाल, जयनंद प्रसाद गोंड, हरिलाल, वीपी बौद्ध, छोटेलाल चौहान आदि मौजूद थे।
भाकपा माले ने किया समर्थन
भारत बंद का भाकपा माले ने भी समर्थन किया। भाकपा माले के जिला सचिव श्रीराम कुशवाहा ने कहा कि एक साजिश के तहत अनुसूचित जाति, जनजाति एक्ट को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक साजिश के तहत दलितों का पूरे देश में उत्पीड़न किया जा रहा है। सामंती ताकत कुचक्र रच रहे हैं। इन्हें मुंहतोड़ जवाब देने की जरूरत है।
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प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन
एससी-एसटी एक्ट में संशोधन वापस लेने की मांग को लेकर सोमवार को आरक्षण समर्थकों ने तहसील में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने एसएसी एसटी एक्ट में संशोधन तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन के बाद ज्ञापन तहसीलदार संजीव राय को सौंपा। प्रदर्शन करने वालों में रणविजय कुमार, सिद्घार्थ चौहान, संजय भारती, राजाराम प्रसाद, उमेश कुमार, डॉ. राम भरत गौतम, अवधेश प्रसाद, अशोक कुमार, रामराज प्रसाद, धनंजय भारती आदि मौजूद रहे।
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अनुसूचित जाति, जनजाति एक्ट में संशोधन और अंबेडकर की प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त करने के विरोध में अंबेडकरवादी संगठनों ने सोमवार को भारत बंद का आह्वान किया था। इसे देखते हुए पुलिस सुबह से ही सतर्क थी। बसपा, सपा और कांग्रेस का झंडा हाथों में लेकर लोगों ने शहर के मुख्य मार्गों पर जुलूस निकाली। जुलूस को देखकर दुकानदार अपनी-अपनी दुकानें बंद कर दे रहे थे। जुलूस के आगे बढ़ते ही दुकानें फिर खुल जाती थीं। जुलूस में शामिल लोगों ने कचहरी चौराहे पर जाम लगा दिया। सरकार विरोध नारेबाजी की। इससे सिविल लाइंस रोड की यातायात व्यवस्था लड़खड़ा गई। करीब आधे घंटे बाद जाम खत्म हुआ। जिले के तहसीलों रुद्रपुर, सलेमपुर, भाटपाररानी और बरहज में भी बंद का असर बेअसर रहा। बसपा कार्यकर्ताओं ने भारत बंद में बढ़-चढ़कर भाग लिया। बसपा कार्यकर्ताओं ने सुभाष चौक से जुलूस निकाला। कचहरी चौराहे पर जाम लगा दिया। यहां हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि भाजपा के इशारे पर अनुसूचित जाति, जनजाति एक्ट को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। बसपा इसका पुरजोर विरोध करेगी। एक्ट जैसे पहले लागू था, उसे उसी स्वरूप में रखा जाए। मंडल जोन इंचार्ज ओमप्रकाश गौतम ने कहा कि दलितों के खिलाफ भाजपा सरकार साजिश रच रही है। अंबरीश कुमार ने कहा कि दलितों के साथ किसी भी कीमत पर अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। बसपा जिलाध्यक्ष नीतीश कुमार ने कहा कि दलितों के मान-सम्मान से कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा। इस दौरान छेदी मास्टर अकेला, रामनाथ चौहान, गोविंद कुमार, नथुनी प्रसाद, शैलेश कुमार, इरफानउल्लाह, दीनानाथ भार्गव, राजीव गौतम आदि मौजूद रहे। उधर, बीएसपी यूथ के कार्यकर्ताओं ने भी भारत बंद कराने में भूमिका निभाई। एडीएम सदर को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन दिया। इस दौरान अमित सिंह गौतम, आकाश कुमार, अमन कुमार, व्यास यादव, प्रशांत अंबेडकर, रोहन गौतम आदि मौजूद रहे। अनुसूचित जाति, जनजाति उत्पीड़न निवारण एवं सशक्तिकरण केंद्र ने भी भारत बंद के समर्थन में टाउनहॉल में बैठक की। इस दौरान मुंशी प्रसाद गोंड, नंदलाल, जयनंद प्रसाद गोंड, हरिलाल, वीपी बौद्ध, छोटेलाल चौहान आदि मौजूद थे।
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भाकपा माले ने किया समर्थन
भारत बंद का भाकपा माले ने भी समर्थन किया। भाकपा माले के जिला सचिव श्रीराम कुशवाहा ने कहा कि एक साजिश के तहत अनुसूचित जाति, जनजाति एक्ट को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक साजिश के तहत दलितों का पूरे देश में उत्पीड़न किया जा रहा है। सामंती ताकत कुचक्र रच रहे हैं। इन्हें मुंहतोड़ जवाब देने की जरूरत है।
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प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन
एससी-एसटी एक्ट में संशोधन वापस लेने की मांग को लेकर सोमवार को आरक्षण समर्थकों ने तहसील में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने एसएसी एसटी एक्ट में संशोधन तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन के बाद ज्ञापन तहसीलदार संजीव राय को सौंपा। प्रदर्शन करने वालों में रणविजय कुमार, सिद्घार्थ चौहान, संजय भारती, राजाराम प्रसाद, उमेश कुमार, डॉ. राम भरत गौतम, अवधेश प्रसाद, अशोक कुमार, रामराज प्रसाद, धनंजय भारती आदि मौजूद रहे।