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जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव पर बजट की मार,जिम्मेदारों की बढ़ी मुश्किलें
Updated Sat, 13 Oct 2018 10:28 PM IST
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बजट सिर्फ 25 करोड़, सड़कों के प्रस्ताव 916
लोगों के प्रस्ताव के बीच तालमेल बिठाने में उलझा जिला पंचायत
सिर्फ 200 सड़कों पर हो सकता है काम, सभी सदस्य अपने प्रस्ताव के लिए दे रहे दबाव
सत्ता पक्ष के नेताओं को संतुष्ट करने में जुटे अफसर, जिला पंचायत सदस्य अड़े
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। जिला पंचायत प्रशासन इन दिनों अजीब मुश्किल में है। उसके पास बजट सिर्फ 25 करोड़ है, जबकि जनप्रतिनिधियों व सदस्यों ने 916 सड़कों के निर्माण, मरम्मत और विस्तारीकरण का प्रस्ताव सौंप दिया है। इस धनराशि से अधिकतम 200 सड़कों पर काम हो सकता है। मुश्किल यह है कि प्रस्तावों के ढेर से महज 200 सड़कों का चयन कैसे हो। सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधि और सदस्य सभी अपने प्रस्ताव को स्वीकृत कराने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। इसे लेकर पिछले 10 दिनों से खींचतान चल रही है। परेशानहाल जिला पंचायत प्रशासन सभी को संतुष्ट करने की कोशिश में जुटा है।
जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव के जेल जाने के बाद बतौर प्रशासक तत्कालीन डीएम सुजीत कुमार की अध्यक्षता में बोर्ड की बैठक हुई। इसमें विधायक, सांसद, मंत्री और जिला पंचायत सदस्यों से अपने क्षेत्र की सड़कों का प्रस्ताव मांगा गया था। कुल 916 सड़कों के निर्माण व विस्तारीकरण के लिए प्रस्ताव आ गए, मगर जिला पंचायत के पास बजट सिर्फ 27 करोड़ रुपये है। इसमें भी दो करोड़ से अधिक की धनराशि कर्मचारियों के वेतन और विभागीय जरूरी खर्च में निकल जाएगा। तमाम कोशिशों के बाद विभाग सड़कों के विकास पर 25 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाया है। इसमें करीब 200 सड़कों का निर्माण कराया जा सकता है। सत्ता पक्ष के नेता व मंत्री दिए गए प्रस्ताव के अनुसार सभी सड़कों के निर्माण कराने के लिए दबाव बना रहे हैं। वहीं जिला पंचायत सदस्य खुद के दिए गए सड़कों के प्रस्तावों को वरीयता के क्रम में रखने की मांग पर अड़े हैं। आपसी खींचतान से विभागीय जिम्मेदार पशोपेश में हैं। दस दिनों से 200 सड़कों की बनाई गई सूची में फेरबदल किया जा रहा है। इसकी वजह से निविदा प्रकाशित नहीं हो पा रही है। आए दिन विधायक, जिला पंचायत सदस्य खुद को दिए गए प्रस्ताव को बनाई गई सड़कों की सूची में शामिल करने के लिए विभागीय जिम्मेदारों के पास दबाव बना रहे हैं।
सड़कों का प्रस्ताव अधिक आया है, लेकिन बजट कम है। निर्माण के लिए 200 सड़कों की सूची बनाई गई है। प्रस्ताव में दिए गए जरूरी सड़कों को सूची में शामिल करने की कोशिश की जा रही है। तालमेल बनाकर जल्द ही प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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- उमेश चंद्र पटेल, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत।
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लोगों के प्रस्ताव के बीच तालमेल बिठाने में उलझा जिला पंचायत
सिर्फ 200 सड़कों पर हो सकता है काम, सभी सदस्य अपने प्रस्ताव के लिए दे रहे दबाव
सत्ता पक्ष के नेताओं को संतुष्ट करने में जुटे अफसर, जिला पंचायत सदस्य अड़े
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। जिला पंचायत प्रशासन इन दिनों अजीब मुश्किल में है। उसके पास बजट सिर्फ 25 करोड़ है, जबकि जनप्रतिनिधियों व सदस्यों ने 916 सड़कों के निर्माण, मरम्मत और विस्तारीकरण का प्रस्ताव सौंप दिया है। इस धनराशि से अधिकतम 200 सड़कों पर काम हो सकता है। मुश्किल यह है कि प्रस्तावों के ढेर से महज 200 सड़कों का चयन कैसे हो। सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधि और सदस्य सभी अपने प्रस्ताव को स्वीकृत कराने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। इसे लेकर पिछले 10 दिनों से खींचतान चल रही है। परेशानहाल जिला पंचायत प्रशासन सभी को संतुष्ट करने की कोशिश में जुटा है।
जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव के जेल जाने के बाद बतौर प्रशासक तत्कालीन डीएम सुजीत कुमार की अध्यक्षता में बोर्ड की बैठक हुई। इसमें विधायक, सांसद, मंत्री और जिला पंचायत सदस्यों से अपने क्षेत्र की सड़कों का प्रस्ताव मांगा गया था। कुल 916 सड़कों के निर्माण व विस्तारीकरण के लिए प्रस्ताव आ गए, मगर जिला पंचायत के पास बजट सिर्फ 27 करोड़ रुपये है। इसमें भी दो करोड़ से अधिक की धनराशि कर्मचारियों के वेतन और विभागीय जरूरी खर्च में निकल जाएगा। तमाम कोशिशों के बाद विभाग सड़कों के विकास पर 25 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाया है। इसमें करीब 200 सड़कों का निर्माण कराया जा सकता है। सत्ता पक्ष के नेता व मंत्री दिए गए प्रस्ताव के अनुसार सभी सड़कों के निर्माण कराने के लिए दबाव बना रहे हैं। वहीं जिला पंचायत सदस्य खुद के दिए गए सड़कों के प्रस्तावों को वरीयता के क्रम में रखने की मांग पर अड़े हैं। आपसी खींचतान से विभागीय जिम्मेदार पशोपेश में हैं। दस दिनों से 200 सड़कों की बनाई गई सूची में फेरबदल किया जा रहा है। इसकी वजह से निविदा प्रकाशित नहीं हो पा रही है। आए दिन विधायक, जिला पंचायत सदस्य खुद को दिए गए प्रस्ताव को बनाई गई सड़कों की सूची में शामिल करने के लिए विभागीय जिम्मेदारों के पास दबाव बना रहे हैं।
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सड़कों का प्रस्ताव अधिक आया है, लेकिन बजट कम है। निर्माण के लिए 200 सड़कों की सूची बनाई गई है। प्रस्ताव में दिए गए जरूरी सड़कों को सूची में शामिल करने की कोशिश की जा रही है। तालमेल बनाकर जल्द ही प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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- उमेश चंद्र पटेल, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत।