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बाढ़ से राहत के लिए अलर्ट मोड पर प्रशासन
Updated Sat, 19 Aug 2017 11:32 PM IST
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देवरिया। बाढ़ की आशंका को देखते हुए तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। प्रशासनिक अफसर फीडबैक ले रहे हैं। तीन प्रकार के 569 नाव, मोटरबोट, बाढ़ शरणालय के अलावा गोताखोर भी तैयार हैं। पूर्ति विभाग ने खाद्य सामग्रियों आटा, नमक, माचिस, ईंधन समेत अन्य सामानों को रिजर्व कर लिया है। शासन ने 20 लाख रुपये भी आवंटित किए हैं।
बरहज और रुद्रपुर इलाके में बाढ़ ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। डीएम सुजीत कुमार ने शुक्रवार को खाद्य एवं रसद, जल निगम, पशुपालन और बिजली विभाग के अफसरों से फीडबैक ली। किसी तरह की लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी। जिले में छोटी नाव 130, मझौलीराज 297 और बड़ी नाव 142 हैं। इसे तहसीलवार आवंटित कर दिया गया है। 249 संवेदनशील और 41 अतिसंवेदनशील गांवों पर प्रशासन की खास नजर है। एडीएम वित्त एवं राजस्व सीताराम गुप्त की निगरानी में सामान रिजर्व कर लिए हैं। 67 बाढ़ शरणालय बनाया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर विस्थापितों को ठहराया जा सके। नौ गोताखोर भी रिजर्व कर लिए गए हैं, जबकि 38 जेसीबी और एक मोटरवोट है। 1.9 लाख लीटर डीजल, 47500 लीटर पेट्रोल, 47 हजार किलोग्राम आटा, 97100 किलोग्राम नमक, 10100 पैकेट माचिस, चार गुणा तीन मीटर का 9600 पीस पॉलीथिन, 9700 पीस मोमबत्ती, 5200 किलोग्राम गुड़, 5300 किलोग्राम लाई और 10200 किलोग्राम चना को दुकानों में रिजर्व रख लिया गया है।
चार ग्रामसभा और 1860 लोग हैं प्रभावित
सचिव और राहत आयुक्त को शनिवार की शाम को भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार जिले में चार ग्रामसभाएं पानी से घिरी हैं। बाढ़ के चलते 1860 लोग प्रभावित हैं। आने-जाने के रास्तों पर पानी लगने से राहत सामग्री का वितरण नहीं हुआ है। आवागमन के लिए 31 नाव लगाए गए हैं।
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बरहज और रुद्रपुर इलाके में बाढ़ ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। डीएम सुजीत कुमार ने शुक्रवार को खाद्य एवं रसद, जल निगम, पशुपालन और बिजली विभाग के अफसरों से फीडबैक ली। किसी तरह की लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी। जिले में छोटी नाव 130, मझौलीराज 297 और बड़ी नाव 142 हैं। इसे तहसीलवार आवंटित कर दिया गया है। 249 संवेदनशील और 41 अतिसंवेदनशील गांवों पर प्रशासन की खास नजर है। एडीएम वित्त एवं राजस्व सीताराम गुप्त की निगरानी में सामान रिजर्व कर लिए हैं। 67 बाढ़ शरणालय बनाया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर विस्थापितों को ठहराया जा सके। नौ गोताखोर भी रिजर्व कर लिए गए हैं, जबकि 38 जेसीबी और एक मोटरवोट है। 1.9 लाख लीटर डीजल, 47500 लीटर पेट्रोल, 47 हजार किलोग्राम आटा, 97100 किलोग्राम नमक, 10100 पैकेट माचिस, चार गुणा तीन मीटर का 9600 पीस पॉलीथिन, 9700 पीस मोमबत्ती, 5200 किलोग्राम गुड़, 5300 किलोग्राम लाई और 10200 किलोग्राम चना को दुकानों में रिजर्व रख लिया गया है।
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चार ग्रामसभा और 1860 लोग हैं प्रभावित
सचिव और राहत आयुक्त को शनिवार की शाम को भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार जिले में चार ग्रामसभाएं पानी से घिरी हैं। बाढ़ के चलते 1860 लोग प्रभावित हैं। आने-जाने के रास्तों पर पानी लगने से राहत सामग्री का वितरण नहीं हुआ है। आवागमन के लिए 31 नाव लगाए गए हैं।
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