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आज बंद रहेंगी दुकानें, व्यापारी करेंगे प्रदर्शन
Updated Thu, 29 Jun 2017 10:23 PM IST
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देवरिया। जीएसटी के विरोध में शुक्रवार को जिले की दुकानें बंद रहेंगी। व्यापारी प्रदर्शन करेंगे। प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को देंगे। बंदी को सफल बनाने के लिए गुरुवार को जिलेभर में व्यापक जनसंपर्क किया गया। व्यापारियों से दुकानें बंदकर जीएसटी का विरोध करने की अपील की गई। इस बंदी में पटरी और ठेला व्यापारियों को भी शामिल किया गया है।
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने गुरुवार को बैठक भारत बंद को सफल बनाने की रणनीति बनाई। युवा उद्योग व्यापार मंडल की बैठक में जीएसटी के फायदा और नुकसान पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी प्रकार के सजा के प्रावधान को अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल स्वीकार नहीं करेगा। जीएसटी में आईटीसी क्लेम अभी स्पष्ट नहीं है। बिलिंग के अलावा मैनुअल बिलिंग की सुविधा पहले जैसा रखा जाए। उन्होंने कहा कि जीएसटी इतना कठिन है कि बिना वकील और चार्टर्ड एकाउंटेंट की मदद से व्यापार नहीं किया जा सकता। इसे सरल बनाया जाए। हर व्यापारी के लिए कंप्यूटर और चार्टर्ड एकाउंटेंट रखना संभव नहीं है। जीएसटी लागू करने से पहले व्यापारियों को प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। दो साल तक अर्थदंड नहीं लगना चाहिए। एक जुलाई-2017 से किसी भी कीमत पर जीएसटी स्वीकार नहीं किया जा सकता। क्योंकि इसके लिए सरकार की तैयारी अभी पूरी नहीं है। व्यापारी को भी इस बारे में विशेष जानकारी नहीं है। उन्होंने जीएसटी को छह माह के लिए आगे बढ़ाने की मांग की। इस दौरान नरेश अग्रवाल, अजय पोद्दार, पुरूषोत्तम, सुरेश कमानी, सरदार यशवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
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अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने गुरुवार को बैठक भारत बंद को सफल बनाने की रणनीति बनाई। युवा उद्योग व्यापार मंडल की बैठक में जीएसटी के फायदा और नुकसान पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी प्रकार के सजा के प्रावधान को अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल स्वीकार नहीं करेगा। जीएसटी में आईटीसी क्लेम अभी स्पष्ट नहीं है। बिलिंग के अलावा मैनुअल बिलिंग की सुविधा पहले जैसा रखा जाए। उन्होंने कहा कि जीएसटी इतना कठिन है कि बिना वकील और चार्टर्ड एकाउंटेंट की मदद से व्यापार नहीं किया जा सकता। इसे सरल बनाया जाए। हर व्यापारी के लिए कंप्यूटर और चार्टर्ड एकाउंटेंट रखना संभव नहीं है। जीएसटी लागू करने से पहले व्यापारियों को प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। दो साल तक अर्थदंड नहीं लगना चाहिए। एक जुलाई-2017 से किसी भी कीमत पर जीएसटी स्वीकार नहीं किया जा सकता। क्योंकि इसके लिए सरकार की तैयारी अभी पूरी नहीं है। व्यापारी को भी इस बारे में विशेष जानकारी नहीं है। उन्होंने जीएसटी को छह माह के लिए आगे बढ़ाने की मांग की। इस दौरान नरेश अग्रवाल, अजय पोद्दार, पुरूषोत्तम, सुरेश कमानी, सरदार यशवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
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