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फसल बर्बादी के सदमे से दो और किसानों की मौत
ब्यूरो/ अमर उजाला, चित्रकूट।
Updated Thu, 16 Apr 2015 11:43 PM IST
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प्राकृतिक आपदा से हुई तबाही के बाद किसानों की मौतों का सिलसिला नहीं थम रहा है। जिले में अपनी आंखों के सामने फसलों को बर्बाद होता देख यह सदमा दो किसान बर्दाश्त नहीं कर सके और उनकी मौत हो गई। हालांकि परिजन इन मौतों का जिम्मेवार फसल बर्बादी ही बता रहे हैं।
पुलिस ने एक किसान का पोस्टमार्टम कराया, जबकि दूसरे का बिना पोस्टमार्टम के अंतिम संस्कार कर दिया गया।
ब्यूर गांव में गोपालशरण गर्ग (55) पुत्र भाऊराम के पास लगभग 25 बीघे जमीन थी।
अपनी जमीन पर उसने चना, अरहर, गेहूं की फसलें बोईं थी। बेमौसम बारिश से उनकी अरहर और चना की फसल पहले ही चौपट हो गई थी। इधर दो दिन की मूसलाधार बारिश से खेत में कटे पड़े गेहूं के लाक भी नष्ट हो गए। परिजनों ने बताया कि गुरुवार की सुबह धूप निकली तो गोपाल अपने खेत पहुंचा और लाक सूखने के लिए फैलाने लगे। इस बीच उनके सीने में तेज दर्द होने लगा। वे चिल्लाये तो पास में ही घर से उसका पुत्र मनोज अपनी मां शकुंतला और बहन अर्चना के साथ खेत दौड़कर पहुंचा। वहां गोपाल बेहोश पड़े थे।
एंबुलेंस से उसे जिला अस्पताल लाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिवार में तीन पुत्रियां और चार पुत्र हैं, उसमें दो पुत्र विकलांग हैं। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। दूसरी घटना में मंगली प्रसाद (66) पुत्र राजनारायण निवासी सरैंया को गुरुवार की सुबह सीने में दर्द की शिकायत होने पर उसके पुत्र रजुनिया ने एक अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने उसे इलाहाबाद रिफर कर दिया। घर में इलाहाबाद ले जाने की तैयारी हो रही थी कि उनकी मौत हो गई। परिजनों का कहना था कि उसके पास पांच बीघे जमीन थी, जिस पर चना गेहूं और अरहर बोया था। दो दिन की बारिश में फसल तबाह होने के बाद वह गुमशुम रहने लगे थे। परिजनों ने हालांकि बिना पोस्टमार्टम कराए अंतिम संस्कार कर दिया।
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तहसीलदार ज्ञानचंद्र गुप्ता ने बताया कि ब्यूर के किसान की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। सरैंया के किसान के मामले में बताया कि तबीयत खराब होने पर परिजन एक निजी चिकित्सक के यहां ले गए थे, जिसने इलाहाबाद रिफर कर दिया था। हार्ट में प्राब्लम बताई थी, उसका परचा वगैरह ले लिया है, अगर किसी शासनादेश के तहत सहायता का प्राविधान होगा तो मदद कराई जाएगी।
पुत्री के विवाह के लिए चिंतित थे गोपाल
गोपाल के पुत्र ने बताया कि उसके पिता अर्चना की शादी के लिए परेशान थे। कुछ दिन पहले वह एक जगह उसके लिए लड़का देखने गए थे। चार लाख का केसीसी के तहत स्टेट बैंक सीतापुर से
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पुलिस ने एक किसान का पोस्टमार्टम कराया, जबकि दूसरे का बिना पोस्टमार्टम के अंतिम संस्कार कर दिया गया।
ब्यूर गांव में गोपालशरण गर्ग (55) पुत्र भाऊराम के पास लगभग 25 बीघे जमीन थी।
अपनी जमीन पर उसने चना, अरहर, गेहूं की फसलें बोईं थी। बेमौसम बारिश से उनकी अरहर और चना की फसल पहले ही चौपट हो गई थी। इधर दो दिन की मूसलाधार बारिश से खेत में कटे पड़े गेहूं के लाक भी नष्ट हो गए। परिजनों ने बताया कि गुरुवार की सुबह धूप निकली तो गोपाल अपने खेत पहुंचा और लाक सूखने के लिए फैलाने लगे। इस बीच उनके सीने में तेज दर्द होने लगा। वे चिल्लाये तो पास में ही घर से उसका पुत्र मनोज अपनी मां शकुंतला और बहन अर्चना के साथ खेत दौड़कर पहुंचा। वहां गोपाल बेहोश पड़े थे।
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एंबुलेंस से उसे जिला अस्पताल लाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिवार में तीन पुत्रियां और चार पुत्र हैं, उसमें दो पुत्र विकलांग हैं। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। दूसरी घटना में मंगली प्रसाद (66) पुत्र राजनारायण निवासी सरैंया को गुरुवार की सुबह सीने में दर्द की शिकायत होने पर उसके पुत्र रजुनिया ने एक अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने उसे इलाहाबाद रिफर कर दिया। घर में इलाहाबाद ले जाने की तैयारी हो रही थी कि उनकी मौत हो गई। परिजनों का कहना था कि उसके पास पांच बीघे जमीन थी, जिस पर चना गेहूं और अरहर बोया था। दो दिन की बारिश में फसल तबाह होने के बाद वह गुमशुम रहने लगे थे। परिजनों ने हालांकि बिना पोस्टमार्टम कराए अंतिम संस्कार कर दिया।
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तहसीलदार ज्ञानचंद्र गुप्ता ने बताया कि ब्यूर के किसान की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। सरैंया के किसान के मामले में बताया कि तबीयत खराब होने पर परिजन एक निजी चिकित्सक के यहां ले गए थे, जिसने इलाहाबाद रिफर कर दिया था। हार्ट में प्राब्लम बताई थी, उसका परचा वगैरह ले लिया है, अगर किसी शासनादेश के तहत सहायता का प्राविधान होगा तो मदद कराई जाएगी।
पुत्री के विवाह के लिए चिंतित थे गोपाल
गोपाल के पुत्र ने बताया कि उसके पिता अर्चना की शादी के लिए परेशान थे। कुछ दिन पहले वह एक जगह उसके लिए लड़का देखने गए थे। चार लाख का केसीसी के तहत स्टेट बैंक सीतापुर से