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Chitrakoot News: एसआईटी की कार्रवाई तेज, नामजद आरोपियों को नोटिस
Fri, 09 Jan 2026 11:09 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Fri, 09 Jan 2026 11:09 PM IST
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चित्रकूट। करोड़ों के कोषागार घोटाला में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी कार्रवाई को और तेज कर दी है। जेल में बंद आरोपियों के अलावा नामजद विभागीय अधिकारियों, पेंशनरों और बिचौलियों को नोटिस जारी किया है। उन्हें अपने पक्ष में बयान देने का अवसर दिया है।
एसआईटी ने जांच में पाया है कि इस घोटाले में कई विभागीय अधिकारी, पेंशनर और बिचौलिए सीधे तौर पर शामिल हैं। इसी क्रम में, एसआईटी ने उन सभी नामजद आरोपियों को नोटिस जारी किया है, जिनका संपत्ति का अधूरा ब्योरा जांच टीम को मिला है। इन नोटिसों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आरोपियों को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर मिले, ताकि जांच रिपोर्ट को पूर्ण और तथ्यात्मक बनाया जा सके। जेल में बंद आरोपियों के परिजनों को भी उनके बयान और सबूत पेश करने के लिए सूचित किया गया है।
शुक्रवार को तीन बिचौलियों और एक पेंशनर ने एसआईटी के सामने उपस्थित होकर अपना पक्ष रखा। बिचौलियों ने इस बात को दोहराया कि वे कोषागार विभाग के नामजद आरोपियों के इशारे पर ही काम कर रहे थे। उन्होंने यह भी बताया कि वे इन आरोपियों के आवास तक जाते थे।
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एसपी अरुण कुमार सिंह ने कहा है कि नोटिस भेजने का मुख्य उद्देश्य सभी तथ्यों के साथ एक मजबूत रिपोर्ट अदालत में पेश करना है। उन्होंने इस संभावना पर भी जोर दिया कि कई पेंशनरों को बिचौलियों ने गलत जानकारी देकर सरकारी धन के दुरुपयोग के लिए प्रेरित किया होगा। एसपी के अनुसार, ऐसे विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों और बिचौलियों का पर्दाफाश होना अत्यंत आवश्यक है।
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19 ने हाईकोर्ट में डाली जमानत की याचिका :
43.13 करोड़ रुपये के कोषागार घोटाला मामले में कुल 34 आरोपी वर्तमान में जेल में हैं। इनमें से कई ने जिला जज कोर्ट में जमानत याचिकाएं दायर की थीं, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। अब, 19 आरोपियों ने उच्च न्यायालय में जमानत की याचिका दायर की है। एसआईटी की टीम प्रयागराज जाकर इन आरोपियों की जमानत को रोकने के लिए आवश्यक दस्तावेज और सबूत प्रस्तुत कर रही है।
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एसआईटी ने जांच में पाया है कि इस घोटाले में कई विभागीय अधिकारी, पेंशनर और बिचौलिए सीधे तौर पर शामिल हैं। इसी क्रम में, एसआईटी ने उन सभी नामजद आरोपियों को नोटिस जारी किया है, जिनका संपत्ति का अधूरा ब्योरा जांच टीम को मिला है। इन नोटिसों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आरोपियों को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर मिले, ताकि जांच रिपोर्ट को पूर्ण और तथ्यात्मक बनाया जा सके। जेल में बंद आरोपियों के परिजनों को भी उनके बयान और सबूत पेश करने के लिए सूचित किया गया है।
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शुक्रवार को तीन बिचौलियों और एक पेंशनर ने एसआईटी के सामने उपस्थित होकर अपना पक्ष रखा। बिचौलियों ने इस बात को दोहराया कि वे कोषागार विभाग के नामजद आरोपियों के इशारे पर ही काम कर रहे थे। उन्होंने यह भी बताया कि वे इन आरोपियों के आवास तक जाते थे।
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एसपी अरुण कुमार सिंह ने कहा है कि नोटिस भेजने का मुख्य उद्देश्य सभी तथ्यों के साथ एक मजबूत रिपोर्ट अदालत में पेश करना है। उन्होंने इस संभावना पर भी जोर दिया कि कई पेंशनरों को बिचौलियों ने गलत जानकारी देकर सरकारी धन के दुरुपयोग के लिए प्रेरित किया होगा। एसपी के अनुसार, ऐसे विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों और बिचौलियों का पर्दाफाश होना अत्यंत आवश्यक है।
19 ने हाईकोर्ट में डाली जमानत की याचिका :
43.13 करोड़ रुपये के कोषागार घोटाला मामले में कुल 34 आरोपी वर्तमान में जेल में हैं। इनमें से कई ने जिला जज कोर्ट में जमानत याचिकाएं दायर की थीं, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। अब, 19 आरोपियों ने उच्च न्यायालय में जमानत की याचिका दायर की है। एसआईटी की टीम प्रयागराज जाकर इन आरोपियों की जमानत को रोकने के लिए आवश्यक दस्तावेज और सबूत प्रस्तुत कर रही है।