{"_id":"597385c74f1c1bf97e8b4953","slug":"savven-months-have-become-expensive","type":"story","status":"publish","title_hn":"सावन माह में सजना संवरना हो गया महंगा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सावन माह में सजना संवरना हो गया महंगा
चित्रकूट
Updated Sat, 22 Jul 2017 10:35 PM IST
विज्ञापन
सजती सवरती युवतियां
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। सावन माह में महिलाओं व लड़कियों को सजना संवरना महंगा पड़ रहा है। जीएसटी लागू होने से ब्यूटीपार्लर पर टैक्स 15 से बढ़ाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। इसी तरह से रेडीमेड गारमेंट्स पर 1000 रुपये पर पांच प्रतिशत व उससे अधिक पर 12 प्रतिशत के हिसाब से टैक्स लगा देने से कपड़े महंगे हो गए हैं। साड़ियों को भी इसी श्रेणी रख दिया गया है जिससे महिलाओं को महंगी साड़ी मिलने लगी है। जिससे बहुत सी महिलाएं इस साल पुराने कपडे़ पर सावन माह पर्व बना रही हैं।
गौरतलब है कि सावन माह में परम्परा चली आ रही लड़कियों व महिलाओं के सज सवर कर त्योहार मनाने की। इस बार जीएसटी लागू हो जाने से शृंगार का समान व कपडे़ महंगे होने से लड़कियां व महिलाएं खासी निराश है। जब दुकानों में कपड़े व साड़ियां खरीदने जाती है तो पहले की अपेक्षा अधिक दामोें में कपडे़ दिए जाते हैं। जिससे निराश होकर लौट आती है।
साड़ियों की दुकानों में सन्नाटा
चित्रकूट। जीएसटी लागू होने के बाद साड़ियों की दुकान में सन्नाटा पसर गया है। गारमेंट्स कपड़ों की तरह इस पर भी टैक्स लगा दिया गया है। जिससे महंगी साड़ी मिलने से महिलाएं साड़ियां खरीदने नहीं पहुंच रही।
विज्ञापन
ब्यूटी पार्लर हुआ महंगा
चित्रकूट। ब्यूटी पार्लर संचालक श्वेता, अमिता, मैनादेवी का कहना है कि ब्यूटी प्रोडक्ट्स महंगे हो गए है जिससे इसका बोझ ग्राहकों पर ही आएगा। सावन माह का महीना होने के बावजूद शृंगार कराने बहुत कम महिलाएं पहुंच रही हैं।
विज्ञापन
चित्रकूट। सावन माह में महिलाओं व लड़कियों को सजना संवरना महंगा पड़ रहा है। जीएसटी लागू होने से ब्यूटीपार्लर पर टैक्स 15 से बढ़ाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। इसी तरह से रेडीमेड गारमेंट्स पर 1000 रुपये पर पांच प्रतिशत व उससे अधिक पर 12 प्रतिशत के हिसाब से टैक्स लगा देने से कपड़े महंगे हो गए हैं। साड़ियों को भी इसी श्रेणी रख दिया गया है जिससे महिलाओं को महंगी साड़ी मिलने लगी है। जिससे बहुत सी महिलाएं इस साल पुराने कपडे़ पर सावन माह पर्व बना रही हैं।
गौरतलब है कि सावन माह में परम्परा चली आ रही लड़कियों व महिलाओं के सज सवर कर त्योहार मनाने की। इस बार जीएसटी लागू हो जाने से शृंगार का समान व कपडे़ महंगे होने से लड़कियां व महिलाएं खासी निराश है। जब दुकानों में कपड़े व साड़ियां खरीदने जाती है तो पहले की अपेक्षा अधिक दामोें में कपडे़ दिए जाते हैं। जिससे निराश होकर लौट आती है।
विज्ञापन
साड़ियों की दुकानों में सन्नाटा
चित्रकूट। जीएसटी लागू होने के बाद साड़ियों की दुकान में सन्नाटा पसर गया है। गारमेंट्स कपड़ों की तरह इस पर भी टैक्स लगा दिया गया है। जिससे महंगी साड़ी मिलने से महिलाएं साड़ियां खरीदने नहीं पहुंच रही।
विज्ञापन
ब्यूटी पार्लर हुआ महंगा
चित्रकूट। ब्यूटी पार्लर संचालक श्वेता, अमिता, मैनादेवी का कहना है कि ब्यूटी प्रोडक्ट्स महंगे हो गए है जिससे इसका बोझ ग्राहकों पर ही आएगा। सावन माह का महीना होने के बावजूद शृंगार कराने बहुत कम महिलाएं पहुंच रही हैं।