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दर्द से चीखती रही रोशनी, डॉक्टर का दरवाजा पीटते रह गए परिजन

Sun, 17 Apr 2022 12:27 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 17 Apr 2022 12:27 AM IST
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Roshni kept screaming in pain, the family kept banging on the doctor's door
महिला की मौत के बाद उसके परिजनों को सांत्वना देते सदर विधायक अनिल प्रधान पटेल। संवाद - फोटो : CHITRAKOOT
चित्रकूट। बच्ची को जन्म देने के बाद रोशनी लेबर रूम में दर्द से चीख रही थी। उसकी हालत देखी नहीं गई तो परिजन और सीएमएस डॉक्टर्स कालोनी में रहने वाले डॉ. रफीक के घर पहुंच गए। सभी डॉक्टर का दरवाजा पीटते रहे। फोन पर फोन मिलाते रहे। आसपास के घरों के लोग निकल आए लेकिन डॉ. रफीक ने कोई जवाब नहीं दिया। करीब एक घंटे बाद दर्द से कराहती रोशनी की सांसें थम गईं।
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रोशन की मौत की खबर सुनकर डॉक्टर के दरवाजे पर खड़ा पति शुभांशू गश खाकर गिर पड़ा। साथ में मौजूद दूसरे मरीजों के तीमारदार भी डॉक्टर की संवेदनहीनता को कोसते रहे। सीएमएस भी मन मसोस कर रह गए कि वे कुछ नहीं कर सके। कुछ घंटे बाद जब डॉ. रफीक ड्यूटी करने आए तो उन्हें देखकर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।
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परिजनों ने जब उन्हें दौड़ाया तो अन्य मरीजों के साथ तीमारदारों ने भी रोशनी के ससुराल वालों का साथ दिया। सभी गुस्से में थे कि आखिर कोई डॉक्टर ऐसा कैसे कर सकता है। पुलिस से शिकायत करते वक्त भी दूसरे मरीजों के तीमारदार परिजनों के साथ खड़े नजर आए।
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सीएमएस व आरोपी डॉक्टर ने एक-दूसरे पर उठाई अंगुली
अस्पताल में हुए बवाल के बाद सीएमएस व आरोपी डॉक्टर ने एक दूसरे पर आरोप लगाए। सीएमएस डा. खरे का कहना है कि वे स्वयं परिजनों के साथ डॉक्टर रफीक को लेने उनके आवास गए थे, लेकिन उन्होंने दरवाजा तक नहीं खोला। उच्चाधिकारियों को पूरी रिपोर्ट दी जाएगी। उधर, आरोपी डा. अंसारी ने बताया कि उनकी तबियत खराब रहती है। वे उच्चाधिकारियों को बता चुके हैं कि रात की डयूटी नहीं करेंगे। दिन की डयूटी के बाद वे रात को दवा खाकर सोते हैं और मोबाइल साइलेंट कर देते हैं। इस कारण उन्हें मामले की जानकारी नहीं हो सकी।
कई दिनों से नदारद हैं महिला चिकित्सक
जिला अस्पताल के जननी सुरक्षा योजना अंतर्गत जच्चा-बच्चा वार्ड में दो डाक्टरों की तैनाती है। इसमें एक महिला डाक्टर भी हैं, लेकिन वे कई दिनों से नदारद हैं। वे कहां हैं और क्यों ड्यूटी नहीं कर रही हैं, बताने वाला कोई नहीं है। सीएमएस ने भी इस संबंध में कोई जवाब नहीं दिया। इसको लेकर अन्य तीमारदारों ने भी अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि महिला वार्ड में प्रसूताओं का इलाज पुरुष डाक्टर कर रहे हैं। इसकी भी जांच होनी चाहिए।
विधानसभा में उठाएंगे मामला
अस्पताल पहुंचे सदर विधायक अनिल प्रधान ने जिला अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर निशाना साधा। कहा कि इस मामले को विधानसभा में उठाया जाएगा, ताकि यहां आने वाले मरीजों को सुविधाओं का लाभ मिल सके।
डेढ़ साल पहले हुई शादी, बालिका स्वस्थ
रोशनी की शादी डेढ़ साल पहले ही हुई थी। यह उसकी पहली बच्ची है जो कि फिलहाल स्वस्थ है। परिजनों का कहना है कि उन पर स्टाफ की ओर से लगाए गए मारपीट के आरोप सरासर गलत हैं।

मायका पक्ष ने ससुरालीजनों पर लगाए लापरवाही के आरोप
अस्पताल पहुंचे रोशनी के मायके वालों ने ससुरालियों पर भी लापरवाही का आरोप लगाया है। लौडी गांव निवासी पिता राम प्रकाश के मुताबिक वे लगातार किसी अच्छे अस्पताल में इलाज कराने को कहते रहे, लेकिन नहीं सुनी गई।

प्रसव के दौरान मृत महिला के गमगीन बैठे मायके पक्ष के लोग। संवाद

प्रसव के दौरान मृत महिला के गमगीन बैठे मायके पक्ष के लोग। संवाद- फोटो : CHITRAKOOT

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