{"_id":"693f0e6627942043340edfbd","slug":"reconciliation-of-payment-records-of-50-pensioners-with-original-copies-chitrakoot-news-c-215-1-sknp1043-124413-2025-12-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chitrakoot News: 50 पेंशनरों के भुगतान की मूल प्रतियों से रिकार्ड का फिर से मिलान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chitrakoot News: 50 पेंशनरों के भुगतान की मूल प्रतियों से रिकार्ड का फिर से मिलान
Mon, 15 Dec 2025 12:52 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Mon, 15 Dec 2025 12:52 AM IST
विज्ञापन
चित्रकूट। कोषागार घोटाला मामले में चल रही एसआईटी की जांच में रविवार को पेंशनरों के भुगतान की मूल प्रतियों से रिकार्ड का मिलान किया गया। जांच टीम दो तरह से काम कर रही है। एक टीम तो अब तक पूरा नहीं मिले रिकार्ड के मिलान में जुटी है दूसरी टीम पेंशनर व बिचौलियों के अग्रिम जमानत या जेल में रहने के दौरान की जमानत रोकने के लिए कागजात तैयार कर रही है। ऐसे में जांच भी विलंबित हो रही है। 93 पेंशनरों में 50 के मूल प्रतियों का मिलान हुआ लेकिन अभी शेष की फाइलों में कई कागजात गायब होने और ऑनलाइन रिकार्ड का मिलान न होना परेशानी हो रही है। आरोपियों की संपत्ति का विवरण न मिलने पर दूसरी नोटिस जारी की गई है।
लगभग दो माह से चल रही एसआईटी की जांच का केंद्र बिंदु पेंशनर व बिचौलियों को भेजी गई धनराशि व उसमें से कोषागार विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत की जांच करना है। लखनऊ से सांख्यिकीय व सेंट्रल सर्वर से मिले रिकार्ड से 15 खातों का पूरा मिलान न होने से परेशान टीम ने फिर से सभी के मूल प्रपत्रों की जांच शुरु की। इससे उनके भुगतान का मिलान किया गया। इसमें भी अभी पूरी तरह से एसआईटी सफल नहीं हो पाई है। सूत्रों की मानें तो एसआईटी ने प्राथमिकी दर्ज वाले कई पेंशनर व उनके परिजनों को बुलाकर दो से तीन दिन तक पूछताछ की है। एसआईटी ने विभागीय नामजद अधिकारियों व कर्मचारियों की संपत्ति का विवरण भी मांगा है। एक माह से अधिक समय होने के बाद भी आरोपी विभागीय अधिकारी कर्मचारियों ने आधी अधूरी जानकारी दी है। इसी प्रकार 25 लाख से अधिक जिनके खाते में यह धनराशि आई है उन पेंशनर व कुछ बिचौलियों से भी संपत्ति का विवरण मांगा गया है। इनका विवरण न मिलने पर एसआईटी ने दूसरी नोटिस भी भेजी है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- --
पूरे मामले में जांच में पेंशनर व कोषागार विभाग के नामजद आरोपी व उनके परिजन सहयोग नहीं कर रहे हैं। रिकवरी के लिए कुछ छूट मिलने के बाद इन आरोपियों ने कोर्ट का सहारा लेना शुरु कर दिया। इससे जांच टीम को कई जगह काम करना पड़ा रहा है। ऐसे में बार बार मूल प्रपत्रों से भुगतान आदि का विवरण का मिलान करना पड़ता है। जल्द ही जांच पूरी कर आरोपियों के खिलाफ अगली कार्रवाई होगी। संपत्ति का ब्यौरा भी अभी आधा अधूरा मिला है। जल्द ही पुलिस अगली कार्रवाई करेगी।
विज्ञापन
- अरुण कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक चित्रकूट
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- इनसेट
बेलापति के खाते में जमा हुए 1.20 लाख
चित्रकूट। कोषागाार घोटाले में जेल में बंद पेंशनर बेलापति के परिजनों ने शुक्रवार को एक लाख 20 हजार रुपये बैंक खाते में जमा किए हैं। इस पर 15 लाख से अधिक का अवैध भुगतान कोषागार विभाग से होने का आरोप है। 43.13 करोड़ के घोटाला मामले में अब तक 3.65 करोड़ की रिकवरी हो चुकी है। इसमें 26 ऐसे पेंशनर हैं जिन्होंने पूरी रकम जमा कर दी है। कुल 99 नामजद हैं इसमें 32 जेल में हैं।
विज्ञापन
लगभग दो माह से चल रही एसआईटी की जांच का केंद्र बिंदु पेंशनर व बिचौलियों को भेजी गई धनराशि व उसमें से कोषागार विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत की जांच करना है। लखनऊ से सांख्यिकीय व सेंट्रल सर्वर से मिले रिकार्ड से 15 खातों का पूरा मिलान न होने से परेशान टीम ने फिर से सभी के मूल प्रपत्रों की जांच शुरु की। इससे उनके भुगतान का मिलान किया गया। इसमें भी अभी पूरी तरह से एसआईटी सफल नहीं हो पाई है। सूत्रों की मानें तो एसआईटी ने प्राथमिकी दर्ज वाले कई पेंशनर व उनके परिजनों को बुलाकर दो से तीन दिन तक पूछताछ की है। एसआईटी ने विभागीय नामजद अधिकारियों व कर्मचारियों की संपत्ति का विवरण भी मांगा है। एक माह से अधिक समय होने के बाद भी आरोपी विभागीय अधिकारी कर्मचारियों ने आधी अधूरी जानकारी दी है। इसी प्रकार 25 लाख से अधिक जिनके खाते में यह धनराशि आई है उन पेंशनर व कुछ बिचौलियों से भी संपत्ति का विवरण मांगा गया है। इनका विवरण न मिलने पर एसआईटी ने दूसरी नोटिस भी भेजी है।
विज्ञापन
पूरे मामले में जांच में पेंशनर व कोषागार विभाग के नामजद आरोपी व उनके परिजन सहयोग नहीं कर रहे हैं। रिकवरी के लिए कुछ छूट मिलने के बाद इन आरोपियों ने कोर्ट का सहारा लेना शुरु कर दिया। इससे जांच टीम को कई जगह काम करना पड़ा रहा है। ऐसे में बार बार मूल प्रपत्रों से भुगतान आदि का विवरण का मिलान करना पड़ता है। जल्द ही जांच पूरी कर आरोपियों के खिलाफ अगली कार्रवाई होगी। संपत्ति का ब्यौरा भी अभी आधा अधूरा मिला है। जल्द ही पुलिस अगली कार्रवाई करेगी।
विज्ञापन
- अरुण कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक चित्रकूट
बेलापति के खाते में जमा हुए 1.20 लाख
चित्रकूट। कोषागाार घोटाले में जेल में बंद पेंशनर बेलापति के परिजनों ने शुक्रवार को एक लाख 20 हजार रुपये बैंक खाते में जमा किए हैं। इस पर 15 लाख से अधिक का अवैध भुगतान कोषागार विभाग से होने का आरोप है। 43.13 करोड़ के घोटाला मामले में अब तक 3.65 करोड़ की रिकवरी हो चुकी है। इसमें 26 ऐसे पेंशनर हैं जिन्होंने पूरी रकम जमा कर दी है। कुल 99 नामजद हैं इसमें 32 जेल में हैं।