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Chitrakoot News: अमानवीय व्यवहार और कार्रवाई न करने में नपे थानाध्यक्ष-दरोगा
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चित्रकूट। शोहदों से परेशान छात्रा की खुदकुशी और शिकायत करने पहुंचे माता-पिता की थाने में पिटाई के मामले की सच्चाई सीसीटीवी फुटेज में सामने आ गई है। सीसीटीवी में साफ दिख रहा है कि दंपती आए और उन्होंने पुलिस से बातचीत की। हालांकि दंपती की पिटाई और मोबाइल पटकने के बारे में पुलिस कुछ भी नहीं बता रही है। अपर एसपी ने बताया कि पीड़ित दंपती के बयान के आधार पर एसएचओ, दरोगा और सिपाही को निलंबित किया गया है।
मऊ थाना क्षेत्र के एक गांव की हाईस्कूल की छात्रा ने रविवार की शाम फंदा लगाकर जान दे दी थी। माता-पिता ने आरोप लगाया था कि गांव के दो भाई उससे छेड़छाड़ करते थे। इसकी दो बार थाने में शिकायत होने के बाद भी पुलिस ने उन पर कोई कार्रवाई नहीं की। इससे आहत बेटी ने खुदकुशी कर ली। उसी रात दंपती ने बताया कि थाने में घटना की जानकारी देने पहुंचे तो पुलिस कर्मियों ने अमानवीय व्यवहार किया। गाली गलौज कर मारापीटा और उनका मोबाइल पटक दिया।
इस मामले में एसपी अरुण कुमार सिंह ने एसएचओ अजीत पांडेय, दरोगा सुरेंद्र यादव व सिपाही सौरभ राजपूत को निलंबित कर दिया गया है। मऊ सीओ ने जांच कर रिपोर्ट एसपी को सौंपी है। सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट में सीसीटीवी फुटेज थाने के देखने पर पाया गया कि दंपती रात में थाने आए। उनसे कुछ पुलिसकर्मी बातचीत कर रहे हैं। इसके बाद उन्हें बाहर निकलते देखा गया।
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इस संबंध में अपर एसपी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर ही एसपी ने यह कार्रवाई की है। इसमेें सबसे प्रमुख आधार पीड़ित दंपती का बयान है। पहले की सूचना वाली बात पर कोई कार्रवाई न होना भी प्रमुख कारण बताया गया है। इसके अलावा थाने में किसी भी पीड़ित से पुलिसकर्मी अभद्रता या अमानवीय व्यवहार नहीं कर सकता। इसी शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई।
मऊ के प्रभारी थानाध्यक्ष अभय प्रताप सिंह ने बताया कि छात्रा की खुदकुशी मामले में आरोपी रंगीलाल जेल जा चुका है। दूसरे आरोपी उसके भाई मुन्नीलाल की तलाश की जा रही है।
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मऊ थाना क्षेत्र के एक गांव की हाईस्कूल की छात्रा ने रविवार की शाम फंदा लगाकर जान दे दी थी। माता-पिता ने आरोप लगाया था कि गांव के दो भाई उससे छेड़छाड़ करते थे। इसकी दो बार थाने में शिकायत होने के बाद भी पुलिस ने उन पर कोई कार्रवाई नहीं की। इससे आहत बेटी ने खुदकुशी कर ली। उसी रात दंपती ने बताया कि थाने में घटना की जानकारी देने पहुंचे तो पुलिस कर्मियों ने अमानवीय व्यवहार किया। गाली गलौज कर मारापीटा और उनका मोबाइल पटक दिया।
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इस मामले में एसपी अरुण कुमार सिंह ने एसएचओ अजीत पांडेय, दरोगा सुरेंद्र यादव व सिपाही सौरभ राजपूत को निलंबित कर दिया गया है। मऊ सीओ ने जांच कर रिपोर्ट एसपी को सौंपी है। सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट में सीसीटीवी फुटेज थाने के देखने पर पाया गया कि दंपती रात में थाने आए। उनसे कुछ पुलिसकर्मी बातचीत कर रहे हैं। इसके बाद उन्हें बाहर निकलते देखा गया।
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इस संबंध में अपर एसपी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर ही एसपी ने यह कार्रवाई की है। इसमेें सबसे प्रमुख आधार पीड़ित दंपती का बयान है। पहले की सूचना वाली बात पर कोई कार्रवाई न होना भी प्रमुख कारण बताया गया है। इसके अलावा थाने में किसी भी पीड़ित से पुलिसकर्मी अभद्रता या अमानवीय व्यवहार नहीं कर सकता। इसी शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई।
मऊ के प्रभारी थानाध्यक्ष अभय प्रताप सिंह ने बताया कि छात्रा की खुदकुशी मामले में आरोपी रंगीलाल जेल जा चुका है। दूसरे आरोपी उसके भाई मुन्नीलाल की तलाश की जा रही है।