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Chitrakoot News: दुष्कर्म और धमकाने के मामले में नरेंद्र गिरि दोषमुक्त

Fri, 01 May 2026 12:28 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट Updated Fri, 01 May 2026 12:28 AM IST
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Narendra Giri acquitted in rape and intimidation case
चित्रकूट। अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट अनुराग कुरील ने आरोपी नरेंद्र गिरि को दुष्कर्म, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया है। न्यायालय ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए यह फैसला सुनाया। यह मामला कर्वी कोतवाली नगर से संबंधित था।
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पीड़िता ने 27 दिसंबर 2022 को शिकायत दर्ज कराई थी, कि कर्वी कोतवाली के रामायण मेला के पास तीर्थराजपुरी निवासी नरेंद्र गिरि ने शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण किया। शादी के लिए कहने पर आरोपी ने इन्कार करते हुए जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने नवाबू और सुलेखा के खिलाफ सदर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की थी।
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इस मामले में विवेचना में नवाबू और सुलेखा के नाम निकल गए थे। विवेचक ने आरोपी नरेंद्र गिरि के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किए। कोर्ट में सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने बचाव पक्ष के तर्कों और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपी को झूठा फंसाया गया था। अदालत ने पाया कि पीड़िता के बयानों में विरोधाभास थे और आरोपी के खिलाफ आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी।
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साक्ष्य के अभाव में न्यायालय ने आरोपी नरेंद्र गिरि को सभी आरोपों से बरी कर दिया। न्यायालय ने नरेंद्र गिरि को सात दिन में 50 हजार रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र और इतनी ही राशि की एक प्रतिभूति जमा करने का निर्देश दिया है, ताकि अपील की स्थिति में वह अपीलीय न्यायालय के आदेशानुसार उपस्थित हो सकें।

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बिजली चोरी के आरोपी को मुचलके पर जमानत



चित्रकूट। अपर सत्र न्यायाधीश (ईसी एक्ट) राम मणि पाठक ने बिजली चोरी के मामले में आरोपी जय प्रकाश को जमानत दे दी है। अदालत ने जय प्रकाश को 25 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की एक प्रतिभूति दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश दिया।



पहाड़ी थाना क्षेत्र के ममसी बुजुर्ग निवासी जय प्रकाश पर 21 दिसंबर 2020 को गांव में एलटी लाइन पोल से करीब 20 मीटर केबल खींचकर लगभग एक किलोवाट बिजली चोरी करने का आरोप था। अवर अभियंता अजीत भट्ट ने प्रवर्तन दल के साथ जांच के दौरान यह पाया था। जय प्रकाश ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था। अधिवक्ता ने अदालत में आरोपी जय प्रकाश की जमानत अर्जी डाली थी।



सुनवाई के दौरान अधिवक्ता ने तर्क दिया कि आरोपी जय प्रकाश निर्दोष बताते हुए उस पर झूठा आरोप लगाया गया है। उसका कोई पूर्व आपराधिक इतिहास भी नहीं है। उसने 13 फरवरी 2023 को शमन शुल्क और निर्धारित राजस्व विद्युत विभाग में जमा कर दिया था। विद्युत विभाग ने इसकी पुष्टि की। इस पर अदालत ने आरोपी जय प्रकाश को जमानत पर रिहा करने का पर्याप्त आधार पाया। इसी तरह से बिजली चोरी के आरोपी अवधेश कुमार उर्फ अवधेश नारायण को भी अदालत ने दोषमुक्त कर दिया।



कर्वी कोतवाली के बनाड़ी सिद्धपुर निवासी अवधेश कुमार पर 21 सितंबर 2022 को कर्वी थाना क्षेत्र के बनाड़ी गांव में अपनी आटा चक्की के लिए लगभग तीन किलोवाट बिजली चोरी करने का आरोप था। उन्होंने 7,957 रुपये का शमन शुल्क और 31,829 रुपये व 12 हजार रुपये के बकाया बिजली बिल जमा किए। विद्युत विभाग ने भी इसकी पुष्टि की। इस आधार पर अदालत ने अवधेश कुमार को बरी कर दिया। (संवाद)

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गैंगस्टर एक्ट में मैकू केवट को एक लाख रुपये के मुचलके पर जमानत



चित्रकूट। अपर सत्र न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) राम मणि पाठक ने गैंगस्टर एक्ट के मामले में आरोपी मैकू केवट को जमानत दे दी है। न्यायालय ने एक लाख रुपये के व्यक्तिगत मुचलके और इतनी ही धनराशि की एक जमानत दाखिल करने पर उसे रिहा करने का आदेश दिया।




मऊ थाना क्षेत्र के शुभासभेकरा निवासी मैकू केवट पर वर्ष 2020 में उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम 1986 की धारा 2/3 के तहत मानिकपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। वह पूर्व में भी इस मामले में जमानत पर था, लेकिन न्यायालय में अनुपस्थित रहने के कारण 20 अगस्त 2025 को उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोपी मैकू केवट ने बताया कि वह मजदूरी करने बाहर चला गया था, जिस कारण न्यायालय में उपस्थित नहीं हो सका। 25 फरवरी 2026 को उसकी वारंट वापसी की अर्जी खारिज कर दी गई थी और उसे जेल भेज दिया गया था। आरोपी मैकू केवट की जमानत अर्जी अदालत में डाली गई थी। सुनवाई में अदालत ने तथ्यों व परिस्थितियों पर विचार कर आरोपी को जमानत पर छोड़ने का पर्याप्त आधार पाया। आदेश में कहा कि जमानत की शर्तों में मैकू केवट को पेशी के दौरान प्रत्येक तिथि पर न्यायालय में उपस्थित रहना होगा और साक्ष्य कार्रवाई में सहयोग करना होगा। (संवाद)
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