चित्रकूट: मंदाकिनी की बाढ़ ने उजाड़ा रामघाट, सड़क बही तो बना 30 फीट गहरा गड्ढा; मलबे में जिंदगी तलाश रहे लोग
Chitrakoot News: मंदाकिनी का पानी उतर चुका है, लेकिन रामघाट में बाढ़ की तबाही के निशान अब साफ दिखाई देने लगे हैं। तीन दिन बाद भी इलाके में हर तरफ मलबा, कीचड़ और बर्बादी का मंजर है। दुकानें और मकान मलबे से पटे हैं।
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दुकानदार और स्थानीय लोग हाथों से कीचड़ और मलबा हटाकर उसमें अपनी जिंदगी और सामान के बचे-खुचे निशान तलाश रहे हैं। किसी का शटर बह गया तो किसी की दुकान और घर का सामान पानी के तेज बहाव में बह गया। रामघाट जाने वाली मुख्य सड़क बाढ़ के तेज बहाव में कटकर खत्म हो गई है। जहां कभी रास्ता था, वहां अब 30 फीट से अधिक गहरा गड्ढा बन गया है। सड़क का बड़ा हिस्सा पूरी तरह गायब हो चुका है। ऐसे में लोग नदी किनारे बनी संकरी पटरी से जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं।
मलबे में दबी दुकानें, घरों में नहीं बचा सामान
रामघाट और आसपास के इलाकों में बाढ़ का पानी उतरने के बाद तबाही का असली मंजर सामने आया है। दुकानों में जमा मलबा हटाने में लोग जुटे हैं। कई जगह दुकानें पूरी तरह मलबे में दब गई हैं। उतारा बाजार जाने वाला रास्ता भी मलबे के कारण बंद पड़ा है। आरोग्यधाम में पुल के ऊपर से अब भी पानी बह रहा है। इसके बावजूद लोग उसी रास्ते से निकलने को मजबूर हैं। रामघाट के 10 से अधिक आरती स्थल भी अभी मंदाकिनी की जलधारा में डूबे हुए हैं।
जनवरी में बेटी की शादी, बाढ़ ने उजाड़ा घर-दुकान
रामघाट छोटे पुल के पास रहने वाले शिवशंकर गुप्ता की बेटी मौसमी की जनवरी में शहडोल जिले में शादी होनी है। परिवार शादी की तैयारियों में जुटा था, लेकिन बाढ़ ने उनकी खुशियों पर पानी फेर दिया। शिवशंकर ने बताया कि दुकान और मकान में रखा पूरा सामान पानी के तेज बहाव में बह गया। घर के दो तल पानी में डूबे रहे और परिवार तीसरे तल पर बैठकर पानी उतरने का इंतजार करता रहा। पानी उतरने के बाद नीचे पहुंचे तो सामान के नाम पर कुछ नहीं बचा था। अब बेटी की शादी को लेकर परिवार चिंतित है।
शटर तक बहा, मलबे में दबी नाश्ते की दुकान
छोटे पुल के पास नाश्ते की दुकान चलाने वाले राकेश गुप्ता ने बताया कि बाढ़ में दुकान का पूरा सामान बह गया। यहां तक कि दुकान का शटर भी पानी में बह गया। अब पूरी दुकान मलबे में दबी है। उन्होंने बताया कि नुकसान देखने के बाद दुकान की तरफ जाने का भी मन नहीं करता। घर में खाने-पीने तक की परेशानी है और पूरा रोजगार चौपट हो गया है। अब आगे क्या होगा, इसकी चिंता सता रही है।
35 बिजली पोल और छह ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त
29 अगस्त को आई भीषण बाढ़ से रामघाट क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को भी भारी नुकसान हुआ। बाढ़ के तेज बहाव में 35 बिजली पोल और छह ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। कई पोल पानी में बह गए, जबकि कुछ टूटकर जमीन पर गिर गए। छह ट्रांसफार्मर पानी में डूबने से खराब हो गए। इससे रामघाट और उतारा बाजार क्षेत्र में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। बिजली व्यवस्था को सामान्य करने के लिए विभाग की ओर से काम किया जा रहा है।
दो ट्रांसफार्मर ठीक, 12-13 नए पोल लगाए
अधिशासी अभियंता रतन कश्यप ने बताया कि छह खराब ट्रांसफार्मरों में से दो को ठीक कर बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई है। 12 से 13 नए पोल भी लगाए जा चुके हैं। रामघाट क्षेत्र में अभी मलबा जमा होने के कारण बिजली आपूर्ति शुरू नहीं की जा रही है। मलबा हटने के बाद एक-दो दिन में आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। बाकी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति चालू है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद अब रामघाट के सामने सबसे बड़ी चुनौती मलबा हटाने, रास्तों को बहाल करने और उजड़े परिवारों को दोबारा जिंदगी पटरी पर लाने की है।