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मंदाकिनी का कहर: 250 से अधिक दुकानें तबाह, पूरा होटल डूबा, सामान खराब, बह गईं डिग्रियां; 100 करोड़ का नुकसान!

Sat, 05 Sep 2026 04:17 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, चित्रकूट
अमर उजाला नेटवर्क, चित्रकूट Published by: Sharukh Khan Updated Sat, 05 Sep 2026 04:17 PM IST
सार

चित्रकूट में मंदाकिनी का कहर जारी है। 250 से ज्यादा दुकानें तबाह हो गई हैं। एक होटल डूब गया। 100 करोड़ के नुकसान का दावा किया जा रहा है।

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Chitrakoot Flood More than 250 shops have been destroyed A hotel has been submerged
चित्रकूट में मंदाकिनी का कहर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

चित्रकूट में मंदाकिनी का पानी उतरा तो रामघाट में बाढ़ की तबाही का भयावह मंजर सामने आ गया। बृहस्पतिवार शाम तक जहां दुकानें और मंदिर पानी में डूबे थे, शुक्रवार को वहां पानी उतरने से हर तरफ आठ से नौ फीट तक मलबा जमा मिला। 
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जिला उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने दावा किया कि 250 से अधिक दुकानदार प्रभावित हैं। बाढ़ से 100 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। कई व्यापारियों के पास खाने तक का सामान नहीं बचा।
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शुक्रवार को नदी का जलस्तर 125.400 मीटर दर्ज हुआ, जो खतरे के निशान 126.500 मीटर से करीब एक मीटर नीचे है। पानी घटने पर जो स्थिति सामने आई है, उसमें सामने आया कि तुलसीदास मंदिर, जागेश्वर धाम और भरत मंदिर बाढ़ में गिर गए हैं। 

 

राठी धर्मशाला और निरमोही अखाड़े में साधु-संतों का सामान बर्बाद हो गया। धारा आश्रम के ऊपर से पानी बहने से दरारें आ गई हैं। रामघाट और बाहर के होटलों का फर्नीचर, गेट तक बह गया।

 
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रामघाट की 80 से ज्यादा दुकानें और मंदिर बाढ़ की चपेट में रहे। कई दुकानों का सामान तेज बहाव में बह गया, कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। बाहर क्षेत्र की 200 से ज्यादा दुकानों में व्यापारी दिनभर मलबा हटाते रहे। वहीं आसपास मिलाकर 250 के करीब दुकानदारों की दुकानें तबाह हो गईं।

 

उधर, मंदाकिनी के उफान से कर्वी के 19, राजापुर के 7 और मानिकपुर के 10, कुल 36 गांवों के 13,906 लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन भोजन, राहत सामग्री और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचा रहा है।

रामकरन, भोला प्रसाद, कैलाश मिश्रा, मनकू तिवारी ने बताया कि पानी बाहर क्षेत्र तक पहुंचा तो लगा अब नहीं बढ़ेगा लेकिन 15 मिनट में ही जलस्तर तेजी से बढ़ा। लोगों को सामान और कागज निकालने तक का मौका नहीं मिला। देखते ही देखते दुकानें-मकान डूब गए।

पूरा होटल डूब गया, सामान खराब, बह गईं डिग्रियां
रामघाट गेट के पास सुशीला रेजीडेंसी के संचालक पुष्पेंद्र त्रिपाठी ने बताया, पूरा होटल डूब गया, 16 कमरों का फर्नीचर, सोफे बह गए, लाखों का नुकसान हुआ। ऑटो पार्ट्स व्यापारी विनय अग्रवाल बोले, दुकान-गोदाम का सारा सामान खराब हो गया, जरूरी कागज बह गए। बाहर क्षेत्र के राधे रमण त्रिपाठी ने छत पर रहकर जान बचाई, पूरा घर तबाह हो गया। छात्र राहुल मिश्र की एमए की डिग्रियां और कागज बाढ़ में बह गए, मलबे में तलाश जारी है।
 
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