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रिमझिम बारिश में लाखों श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी में लगाई डुबकी
चित्रकूट
Updated Sun, 23 Jul 2017 11:30 PM IST
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रामघाट
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चित्रकूट। श्रावणी मास की अमवास्या में10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बारिश के बीच मंदाकिनी नदी में डुबकी लगा स्वामी मत्यगयेंद्रनाथ नाथ में जलाभिषेक किया। इसके बाद भगवान कामता नाथ की पूजा कर पंचकोषी परिक्रमा लगाई।
श्रावण मास की अमावस्या में अधिक महत्व होने से बड़ी संख्या में श्रद्धालु धर्मनगरी पहुंचे। जिन्होेंने रामघाट पर स्थित प्रसिद्ध स्वामी मत्यगयेंद्रनाथ मेें मंदिर में जलाभिषेक किया। इसके बाद भगवान कामतानाथ में माथा टेका। तेज बारिश के बाद भी पंचकोषी परिक्रमा लगाते रहे। जिसमें महिलाएं व बच्चे भी शामिल रहे।
सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में शांति व्यवस्था के लिए छह जोन एवं 13 सेक्टर बनाए गए है। जिसमें क्षेह क्षेत्राधिकारी 25 थाना प्रभारी 80 उप निरीक्षक 400 आरक्षी महिला उप निरीक्षक 30 व यातायात पुलिस के 25 जवान लगे रहे। इसके साथ ही डिस्पोजन स्काड एंटी सेवाटास टीम एवं फायटेंड भी लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त एक कंपनी पीएसी तथा एक प्लाटून गोताखोर पीएसी लगी रही। जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी व पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेंद्र ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर अधिकारियों को व्यवस्था दुरूस्त रखने के निर्देश दिया।
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हालांकि प्राइवेट बस स्टैंडों व मार्गो में जलभराव होने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
--इनसेट
चित्रकूट। टेपों चालको की मनमानी के कारण कई स्थानों पर सवारिया भरने के चक्कर में जाम लगा रहा। शम्भू बाबू पेट्रोल पंप के पास दोपहर तीन बजे अधिक जाम लगा गया। जब पुलिस कर्मियों ने वाहनो को हटाया तब जाकर जाम खुला। वहीं चोर उचक्कों की चांदी रही। मौका पाते ही श्रद्धालुओं के बैग व रुपये निकाल लिए गए। कौशंबी जिले के हटावा गांव के राजकुमार ने बताया कि स्टेशन में बैठा था उसी समय उसका किसी ने बैग गायब कर दिया। जबलपुर के रोहित ने बताया कि उसके जेब एक हजार रुपये निकाल लिए।
----इनसेट
अच्छी फसल की कामना
चित्रकूट। सावन माह की अमावस्या होने के कारण इसे हरियाली अमावस्या भी कहा जाता है। मान्यता है कि बुंदेलखंड के किसान इसी अमावस्या पर मंदाकिनी के जल से स्वामी मत्गयेंद्रनाथ का जलाभिष्ेाक कर अच्छे उत्पादन की कामना करते हैं। किसान यहां से जाने के बाद जुताई हो चुके खेतों में बुआई करते हैं।
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श्रावण मास की अमावस्या में अधिक महत्व होने से बड़ी संख्या में श्रद्धालु धर्मनगरी पहुंचे। जिन्होेंने रामघाट पर स्थित प्रसिद्ध स्वामी मत्यगयेंद्रनाथ मेें मंदिर में जलाभिषेक किया। इसके बाद भगवान कामतानाथ में माथा टेका। तेज बारिश के बाद भी पंचकोषी परिक्रमा लगाते रहे। जिसमें महिलाएं व बच्चे भी शामिल रहे।
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सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में शांति व्यवस्था के लिए छह जोन एवं 13 सेक्टर बनाए गए है। जिसमें क्षेह क्षेत्राधिकारी 25 थाना प्रभारी 80 उप निरीक्षक 400 आरक्षी महिला उप निरीक्षक 30 व यातायात पुलिस के 25 जवान लगे रहे। इसके साथ ही डिस्पोजन स्काड एंटी सेवाटास टीम एवं फायटेंड भी लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त एक कंपनी पीएसी तथा एक प्लाटून गोताखोर पीएसी लगी रही। जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी व पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेंद्र ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर अधिकारियों को व्यवस्था दुरूस्त रखने के निर्देश दिया।
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हालांकि प्राइवेट बस स्टैंडों व मार्गो में जलभराव होने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
--इनसेट
चित्रकूट। टेपों चालको की मनमानी के कारण कई स्थानों पर सवारिया भरने के चक्कर में जाम लगा रहा। शम्भू बाबू पेट्रोल पंप के पास दोपहर तीन बजे अधिक जाम लगा गया। जब पुलिस कर्मियों ने वाहनो को हटाया तब जाकर जाम खुला। वहीं चोर उचक्कों की चांदी रही। मौका पाते ही श्रद्धालुओं के बैग व रुपये निकाल लिए गए। कौशंबी जिले के हटावा गांव के राजकुमार ने बताया कि स्टेशन में बैठा था उसी समय उसका किसी ने बैग गायब कर दिया। जबलपुर के रोहित ने बताया कि उसके जेब एक हजार रुपये निकाल लिए।
----इनसेट
अच्छी फसल की कामना
चित्रकूट। सावन माह की अमावस्या होने के कारण इसे हरियाली अमावस्या भी कहा जाता है। मान्यता है कि बुंदेलखंड के किसान इसी अमावस्या पर मंदाकिनी के जल से स्वामी मत्गयेंद्रनाथ का जलाभिष्ेाक कर अच्छे उत्पादन की कामना करते हैं। किसान यहां से जाने के बाद जुताई हो चुके खेतों में बुआई करते हैं।