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भरतकूप के मड़ुफा और कोल्हुआ पहुंची दर्शन यात्रा
चित्रकूट
Updated Mon, 11 Sep 2017 11:42 PM IST
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रामघाट
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चित्रकूट। क्षेत्र के दिव्य धाम के ऐतिहासिक पौराणिक स्थलों में घूम रही दर्शन यात्रा सोमवार को भरतकूप के मड़फा और कोल्हुआ पहुंची। मान्यता के अनुसार इन स्थलों पर एतिहासिक धरोहर व भगवान की मूर्तियों के दर्शन कर यात्रा में शामिल यात्रियों ने अनुभव बांटे।
सोमवार को पहले भरतकूप मंदिर के कुएं के पास पहुंची यात्रा में शामिल यात्रा संयोजक संतोष बंसल ने बताया कि वनवास काल में भगवान राम को मनाने आए उनके भाई भरत जब उनको वापस अयोध्या वापस नहीं ले जा सके तो उन्होंने गुरु वशिष्ठ की आज्ञा से अपने साथ लाए गए समस्त तीर्थों के जल को चित्रकूट के एक कुएं में डाल दिया था। भरत द्वारा जिस कुएं में वह जल डाला गया उसे भरतकूप और जिस जगह वह कुआं था उसे भारतपुर के नाम से जाना जाने लगा। क्षेत्र के तमाम महत्वपूर्ण स्थलों को युनेस्को द्वारा विश्व धरोहरों की सूची सहित भारत के पर्यटन मानचित्र में स्थान दिलाने की मुहिम और इन स्थलों की वर्तमान स्थिति का सर्वे कर केंद्र व राज्य सरकारों तक उसकी रिपोर्ट भेजने का काम यात्रा में शामिल टीम के सदस्य कर रहे हैं।
इसके बाद टीम मानपुर गांव के पास हरी भरी पहाड़ियों के शिखर पर पांच मुख और आठ भुजाओं वाले क्रोधित स्वरूप में विराजे शिव का धाम मड़फा पहुंची। इस स्थान में पत्थरों की विशाल चट्टानों के नीचे बने आरामदायी प्राकृतिक विश्राम स्थलों में पहुंचकर हर कोई वाह वाह कर उठता है। साहसिक पर्यटन प्रेमियों को चित्रकूट का यह धाम खूब भाता है।
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सोमवार को पहले भरतकूप मंदिर के कुएं के पास पहुंची यात्रा में शामिल यात्रा संयोजक संतोष बंसल ने बताया कि वनवास काल में भगवान राम को मनाने आए उनके भाई भरत जब उनको वापस अयोध्या वापस नहीं ले जा सके तो उन्होंने गुरु वशिष्ठ की आज्ञा से अपने साथ लाए गए समस्त तीर्थों के जल को चित्रकूट के एक कुएं में डाल दिया था। भरत द्वारा जिस कुएं में वह जल डाला गया उसे भरतकूप और जिस जगह वह कुआं था उसे भारतपुर के नाम से जाना जाने लगा। क्षेत्र के तमाम महत्वपूर्ण स्थलों को युनेस्को द्वारा विश्व धरोहरों की सूची सहित भारत के पर्यटन मानचित्र में स्थान दिलाने की मुहिम और इन स्थलों की वर्तमान स्थिति का सर्वे कर केंद्र व राज्य सरकारों तक उसकी रिपोर्ट भेजने का काम यात्रा में शामिल टीम के सदस्य कर रहे हैं।
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इसके बाद टीम मानपुर गांव के पास हरी भरी पहाड़ियों के शिखर पर पांच मुख और आठ भुजाओं वाले क्रोधित स्वरूप में विराजे शिव का धाम मड़फा पहुंची। इस स्थान में पत्थरों की विशाल चट्टानों के नीचे बने आरामदायी प्राकृतिक विश्राम स्थलों में पहुंचकर हर कोई वाह वाह कर उठता है। साहसिक पर्यटन प्रेमियों को चित्रकूट का यह धाम खूब भाता है।
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