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गिरता शैक्षिक स्तर चिंता का सबब
ब्यूरो/अमर उजाला चित्रकूट।
Updated Mon, 06 Jul 2015 10:19 PM IST
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प्रधानाचार्य सरकार द्वारा निर्धारित व्यवस्था और नियमावली के अनुसार शिक्षण कार्य कराएं। व्यवस्था दुरुस्त करा योजनाओं का सही ढंग से क्रियान्वयन भी कराएं। जिला विद्यालय निरीक्षक मो. रफीक ने सोमवार को हुई बैठक में प्रधानाचार्यों को ये निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानाचार्यों की समस्याएं भी सुनीं और निराकरण का भरोसा दिया। गिरते शैक्षिक स्तर पर उन्होंने चिंतन कर सुधार लाने को कहा।
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डीआईओएस ने कहा कि पूर्व दशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति के आवेदन 31 जुलाई तक ही किए जा सकते हैं। सभी प्रधानाचार्य इस पर ध्यान दें। बच्चों के आधार कार्ड भी जरूर बनवाएं। जो विद्यालय जूनियर तक मान्यता प्राप्त हैं वे दूसरे कालेजों से अपने यहां के बच्चों का अटैचमेंट न करें। निरीक्षण के दौरान किसी कालेज में अवैध प्रवेश या संबद्धीकरण पाया गया तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होगी। इनको काली सूची में भी डाला जा सकता है।
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राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है लेकिन शैक्षिक गुणवत्ता बनाए रखें। डीआईओएस ने विकलांग छात्र-छात्राओं के प्रवेश हर हाल में करने की हिदायत दी। साथ ही नए मेन्यू के हिसाब से भोजन बनवाने को कहा। बैठक के दौरान जिला समाज कल्याण अधिकारी डीडी मुदगल ने छात्रवृत्ति योजना की जानकारी दी। बैठक में डा. रणवीर सिंह चौहान, जेपी मिश्र, डा. घनश्याम दत्त मिश्र, राजेश सिंह, जेआर राही, शिवलाल सिंह राजपूत आदि मौजूद रहे।
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