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बारिश से फसलें जमींदोज
ब्यूरो/अमर उजाला, चित्रकूट
Updated Sat, 28 Feb 2015 11:27 PM IST
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दो घंटे की बारिश और ओलावृष्टि ने ऐसा कहर बरपाया कि कई जगह फसलें जमींदोज हो गईं। इसमें अरहर, चना और सरसों को भारी नुकसान हुआ। अपनी मेहनत पर पानी फिरता देख किसानों के मुंह से बस यही निकला, अई गोहार, अब का होई।
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शुक्रवार शाम हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि से सबसे ज्यादा तबाही रामनगर ब्लाक में हुई। यहां भखरवार, खजुरिहा कलां, सिंहपुर, घुरेहटा, छीबों, अतरसुई, खजुरिहा खुर्द, पियरिया माफी, करौंदी कलां आदि दर्जनों गांव-मजरों में अरहर, चना, गेहूं और सरसों की फसलें बर्बाद हो गइ।
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करीब दो सौ गांवों में ओलों ने फसल का ऐसा नुकसान किया, जिसकी किसान ने एक दिन पहले तक कल्पना भी नहीं की थी। मानिकपुर ब्लाक के चमरौंहा, सकरौंहा, ऊंचाडीह, कोटा कदैला, बन्ना, गड़वारा, रैपुरा मरवा में भी तबाही का मंजर हर तरफ नजर आया।
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कर्वी ब्लाक के कंठीपुर, सपहा, रगौली, सीतापुर ग्रामीण, सेमरिया जगन्नाथवासी, गनीवां और उधर, भरतकूप क्षेत्र के अमिलिहा, करारी, धौरही माफी आदि गांवों में भी प्रकृति ने तबाही मचाई। गौरतलब है कि गत वर्ष ओलावृष्टि से प्रभावित बहुत से किसानों को अब तक क्षतिपूर्ति की चेक नहीं मिल सकी है।
ऐसे में एक बार फिर फसलों को नुकसान होने से उनके सिर पर मुसीबतों का पहाड़ खड़ा हो गया है। मऊ प्रतिनिधि के अनुसार, मऊ खपटिहा, नीबी, चित्रवार, मोहिनी, बिरेहटा, पुरा, कोटवारा, बरिया, मवई खुर्द, करही, सिकरौर, उबरी, अमरपुर, खुरेहटा, छीबों आदि गांवों में भी ओलावृष्टि ने किसानों को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया।