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अपहृत प्रधानाध्यापक छूटा, नहीं छूटा संदेह बरकरार
चित्रकूट
Updated Sun, 16 Jul 2017 11:01 PM IST
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Shimla police
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अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। जिले के सीमावर्ती बरौंधा जिला सतना मप्र से अपहृत प्रधानाध्यापक की डाकू ललित पटेल गैंग से पकड़ छूटने को लेकर ऊहापोह की स्थिति बनी रही। चित्रकूट जिल के सीमावर्ती पुलिस चौकी प्रभारियों ने बताया कि पकड़ छूट गई है लेकिन मप्र सतना के प्रभारी पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जल्द ही सफलता मिलेगी। अभी फिलहाल पकड़ नहीं छूटी है। उधर प्रधानाध्यापक के रिश्तेदारों ने दावा किया कि फिरौती की रकम पहुंचने के बाद डकैतों ने उन्हें छोड़ दिया है।
पूरे मामले में अपहृत के सबके सामने न आने पर संशय बना हुआ है।
गौरतलब है कि नौ जुलाई की रात को तीस हजार के इनामी डाकू ललित पटेल गैंग ने जिले की सीमा से जुडे़ बरौंधा थानाक्षेत्र के मुठियादेव गांव में एक सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक यशोदा प्रसाद कोल का अपहरण कर बीस लाख की फिरौती मांगी थी। इसके बाद से चित्रकू ट व सतना पुलिस टीमें लगातार अपहृत को छुड़ाने के प्रयास में लगी हैं। शनिवार की देर रात को अपहृत प्रधानाध्यापक के रिश्तेदार(नया गांव निवासी) ने दावा किया कि फिरौती पहुंचने के बाद डकैतों ने उन्हें छोड़ दिया है।
भरतकूप, शिवरामपुर व सीतापुर पुलिस चौकी प्रभारी सुजीत कुमार, शरद पटेल व शेषमणि त्रिपाठी ने भी बताया कि शनिवार को डाकू ललित पटेल गैंग का मूवमेंट कोल्हुआ व कोढ़न जंगल की ओर था। जिस पर घेराबंदी का प्रयास किया गया था लेकिन गैंग बच निकला था। इस दौरान डकैतों ने पुलिस के दबाव के चलते साथ में मौजूद प्रधानाध्यापक को छोड़ दिया है। यह भी बताया कि वह प्रधानाध्यापक किसी पुलिस अधिकारी से मिला नहीं है लेकिन पकड़ छूटने की संभावना है। जिसकी अधिकृत पुष्टि तो मप्र पुलिस ही कर सकती है।
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उधर सतना मप्र के प्रभारी पुलिस अधीक्षक रामेश्वर प्रसाद ने बताया कि डाकू ललित पटेल गैंग की घेराबंदी कोढ़न व कोल्हुआं जंगल में की गई थी लेकिन अभी अपहृत प्रधानाध्यापक की पकड़ छूटी नहीं है। उन्होेंने यह भी दावा किया है कि पुलिस गैंग के बेहद नजदीक पहुंच गई है लेकिन प्राथमिकता अपहृत को सकुशल छुड़ाना है। एकाध दिन के अंदर ही सफलता मिल जाएगी।
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चित्रकूट। जिले के सीमावर्ती बरौंधा जिला सतना मप्र से अपहृत प्रधानाध्यापक की डाकू ललित पटेल गैंग से पकड़ छूटने को लेकर ऊहापोह की स्थिति बनी रही। चित्रकूट जिल के सीमावर्ती पुलिस चौकी प्रभारियों ने बताया कि पकड़ छूट गई है लेकिन मप्र सतना के प्रभारी पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जल्द ही सफलता मिलेगी। अभी फिलहाल पकड़ नहीं छूटी है। उधर प्रधानाध्यापक के रिश्तेदारों ने दावा किया कि फिरौती की रकम पहुंचने के बाद डकैतों ने उन्हें छोड़ दिया है।
पूरे मामले में अपहृत के सबके सामने न आने पर संशय बना हुआ है।
गौरतलब है कि नौ जुलाई की रात को तीस हजार के इनामी डाकू ललित पटेल गैंग ने जिले की सीमा से जुडे़ बरौंधा थानाक्षेत्र के मुठियादेव गांव में एक सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक यशोदा प्रसाद कोल का अपहरण कर बीस लाख की फिरौती मांगी थी। इसके बाद से चित्रकू ट व सतना पुलिस टीमें लगातार अपहृत को छुड़ाने के प्रयास में लगी हैं। शनिवार की देर रात को अपहृत प्रधानाध्यापक के रिश्तेदार(नया गांव निवासी) ने दावा किया कि फिरौती पहुंचने के बाद डकैतों ने उन्हें छोड़ दिया है।
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भरतकूप, शिवरामपुर व सीतापुर पुलिस चौकी प्रभारी सुजीत कुमार, शरद पटेल व शेषमणि त्रिपाठी ने भी बताया कि शनिवार को डाकू ललित पटेल गैंग का मूवमेंट कोल्हुआ व कोढ़न जंगल की ओर था। जिस पर घेराबंदी का प्रयास किया गया था लेकिन गैंग बच निकला था। इस दौरान डकैतों ने पुलिस के दबाव के चलते साथ में मौजूद प्रधानाध्यापक को छोड़ दिया है। यह भी बताया कि वह प्रधानाध्यापक किसी पुलिस अधिकारी से मिला नहीं है लेकिन पकड़ छूटने की संभावना है। जिसकी अधिकृत पुष्टि तो मप्र पुलिस ही कर सकती है।
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उधर सतना मप्र के प्रभारी पुलिस अधीक्षक रामेश्वर प्रसाद ने बताया कि डाकू ललित पटेल गैंग की घेराबंदी कोढ़न व कोल्हुआं जंगल में की गई थी लेकिन अभी अपहृत प्रधानाध्यापक की पकड़ छूटी नहीं है। उन्होेंने यह भी दावा किया है कि पुलिस गैंग के बेहद नजदीक पहुंच गई है लेकिन प्राथमिकता अपहृत को सकुशल छुड़ाना है। एकाध दिन के अंदर ही सफलता मिल जाएगी।