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बंदूक के डर से पीछे हट गए बाराती

Tue, 16 May 2017 10:49 PM IST
चित्रकूट
चित्रकूट Updated Tue, 16 May 2017 10:49 PM IST
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Baramati retreated from fear of gun
मौके पर पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
चित्रकूट। हाल ही में डाकू राजू ठाकुर को तो बारतियों ने सबक सिखाकर परलोक पहुंचा दिया पर सात लाख के इनामी डाकू बबुली गैंग के पास अधिक अस्त्र-शस्त्र होने के कारण एक बार हिम्मत दिखाने के बाद बारातियों का हौसला टूट गया। स्थानीय ग्रामीण भी बोलने तक की हिम्मत नहीं जुटा नहीं सके।
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माना जा रहा है कि यदि बारातियों के पास कुछ शस्त्र लाइसेंस होते तो शायद यह दांव डकैतों को उल्टा पड़ जाता।

         गौरतलब है कि डाकू बबुली कोल ने मानिकपुर विकास खंड लक्षमणपुर गांव में आई बारातियों पर हमला बोलकर लूटपाट करने के साथ ही जमकर मारा पीटा है। ऐसी वारदात डाकू राजू सिंह ने भरतकूप क्षेत्र के कोलौहा गांव में की थी। जिसमें शादी समारोह में आई महिलाओं के साथ अभद्रता कर जेवरात लूटने का प्रयास किया था। जिस समय डाकू राजू ने हमला बोला था।
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उसके गैंग में सदस्यों की संख्या कम थी। अस्त्र-शस्त्र कम थे। जिससे नाराज बारातियों ने हिम्मत कर डाकू राजू को मौत के घाट के उतार दिया था। इस घटना के बाद डाकू बबुली गैंग ने ऐसी ही घटना की है। फर्क इतना कि डाकू बबुली के पास अस्त्र-शस्त्र के साथ गैंग के सदस्यों की संख्या अधिक थी जिससे बाराती खामोश रहे।
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         बारातियों में शामिल कुछ युवक मानसिंह, फुत्तू व लखन ने बताया कि जब डकैतों ने हमला किया तो वह कुछ समझ नहीं पाए और जब कुछ लोग उन्हें पकड़कर मोबाइल छीनने लगे तो विरोध कर पटक दिया था। यह देखकर अन्य सदस्य असलहे लेकर आ गए और सीने में असलहे लगाकर गोली मारने की धमकी दी। युवकों ने बताया कि उनके पास तो असलहे नहीं थे तो वह डरकर पीछे हट गए और डकैतों को नगदी व मोबाइल दे दिया।
क्या डाकुओं के नाम से डरती है पुलिस
:- अमर उजाला ब्यूरो
मानिकपुर (चित्रकूट)। जनवासे में डकैतों ने धावा बोलकर जिस अंदाज में बारातियों की धुनाई की उसे देखकर सभी भयभीत हो गए। घायल बारातियों के साथ कुछ स्थानीय लोगों ने पुुलिस कार्यशैली पर भी सवाल उठाए।

बताया कि घटना के दौरान ही यूपी 100 को फोन किया गया था लेकिन आराम से डाकू लगभग एक घंटे तक नंगनाच करते रहे और पुलिस नहीं पहुंची। यूपी 100 व थाना पुलिस लगभग ढाई घंटे बाद पहुंची तब तक डाकू जंगल की ओर भाग चुके थे।


स्थानीय लोगों ने कहा कि थाने से गांव की दूरी लगभग 20 किमी है। यूपी 100 का मापदंड है कि सूचना के 20 मिनट बाद घटनास्थल पर पहुंचती है लेकिन यह दूरी पूरी करने में दो घंटे लग गए। इस मामले में थानाध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि सूचना जैसे की उन्हें मिली तो उच्चाधिकारियों को अवगत कराकर फोर्स को तैयार कर थाने से निकले थे। रास्ते में भी डकैतों की तलाश करते ही आए थे।
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