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मुख्यालय से 58 हजार में मास्टर माइंड को मिली थी पिस्टल
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अपहरण के लिए मुख्यालय से खरीदी थी पिस्टल
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। जिले की सीमा से सटे जानकीकुंड स्कूल परिसर से जुड़वां बच्चों को अगवा करने वाले हत्यारोपी छात्रों ने काफी पहले से तैयारियां शुरू कर दी थी। अपहरण के लिए जिले के मुख्यालय कर्वी से पिस्टल खरीदा था। यह पिस्टल हमीरपुर जिले के सुमेरपुर के एक युवक ने आरोपियों तक पहुंचाया था। पिस्टल बेचने वाले का नाम सामने आने के बाद भी पुुलिस कार्रवाई के नाम पर चुप्पी साधे बैठी है।
रामघाट निवासी तेल उद्यमी बृजेश रावत के जुड़वा बेटों श्रेयांश व प्रियांश को अगवा कर फिरौती में मोटी रकम वसूलने की साजिश ट्यूशन टीचर राकेश यादव व अपने भांजे पिंटा उर्फ अपूर्ण यादव के साथ मिलकर रची थी। प्लान मेें मास्टर माइंड पदमकांत शुक्ल, लकी तोमर, विक्रम जीत सिंह, राजू द्विवेदी शामिल हुए। अपहरण के लिए हथियार की आवश्यकता को देखते हुए मास्टरमाइंड पदम ने अपने दोस्तों के जारिए कर्वी शहर से हथियार के सौदागरों से खरीदा था। सूत्रों ने बताया कि जुड़वा भाइयों को अगवा करने का प्लान तैयार करने के बाद आरोपी पदमकांत अपने साथी राजू के साथ कर्वी पहुंचा। जहां उसने 58 हजार रुपये मेें एक जायसवाल नामक युवक से पिस्टल खरीदी। जिसका नाम सामने आने के बाद भी गिरफ्तार पुलिस ने नहीं किया। कहा जा रहा कि अभी जांच चल रही है। क्या पिस्टल बेचने वाले को आरोपी बनाया जाएगा। नया गांव थाना प्रभारी सुनील कुमार का कहना कि एसआईटी से जांच कराई जा रही है। विवेचना में साक्ष्य पर जितने आरोपी मिलेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
घायल पिता-पुत्र का कहीं पता नहीं
चित्रकूट। अगवा जुड़वा भाई की हत्या मेें शामिल पदमकांत शुक्ला के पिता रामकरण शास्त्री और अपने छोटे पुत्र विष्णुकांत शुक्ला के साथ कहा है। इस सवाल का जवाब नया गांव पुललिस व एसटीआई जांच के पास नहीं है। ज्ञात हो कि जब अपहरण कांड का खुला हुआ था तो जनता ने रामकरण शास्त्री उसके छोटे पुत्र विष्णुकांत शुक्ला क ी जमकर पिटाई की थी। जिससे उनको गंभीर चोटें आयी थी। सतना के अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। जहां से वह दोनों लापता है। बताया जा रहा है पिता-पुत्र इस समय गोपनीय तरीके से लखनऊ में इलाज करा रहे है।
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बच्चों के परिजानों को मिलेंगे शस्त्र लाइसेंस
चित्रकूट। अपहृत बच्चों के पिता सहित उसके बच्चों के परिजनों को शस्त्र लाइसेेंस देने की प्रक्रिया शुरू हो गई। जिलाधिकारी चित्रकूट विशाख जी अय्यर ने शस्त्र लाइसेंस देने के लिए कहा है। वही मप्र सरकार के निर्देश पर सतना के जिलाधिकारी सत्येंद्र सिंह ने परिजनों से मिलकर चार शस्त्र लाइसेंस देने के लिए का है। कहा कि यदि और लाइसेंस देने की जरूरत पड़ी तो दिया जाएगा। बच्चों के पिता बृजेश ने बताया कि परिवार के सदस्य अमित अगिभनहोत्र, धर्मेेंद्र गुप्ता, अजय वर्मा, सुनील वर्मा के नाम से शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन किया गया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। जिले की सीमा से सटे जानकीकुंड स्कूल परिसर से जुड़वां बच्चों को अगवा करने वाले हत्यारोपी छात्रों ने काफी पहले से तैयारियां शुरू कर दी थी। अपहरण के लिए जिले के मुख्यालय कर्वी से पिस्टल खरीदा था। यह पिस्टल हमीरपुर जिले के सुमेरपुर के एक युवक ने आरोपियों तक पहुंचाया था। पिस्टल बेचने वाले का नाम सामने आने के बाद भी पुुलिस कार्रवाई के नाम पर चुप्पी साधे बैठी है।
रामघाट निवासी तेल उद्यमी बृजेश रावत के जुड़वा बेटों श्रेयांश व प्रियांश को अगवा कर फिरौती में मोटी रकम वसूलने की साजिश ट्यूशन टीचर राकेश यादव व अपने भांजे पिंटा उर्फ अपूर्ण यादव के साथ मिलकर रची थी। प्लान मेें मास्टर माइंड पदमकांत शुक्ल, लकी तोमर, विक्रम जीत सिंह, राजू द्विवेदी शामिल हुए। अपहरण के लिए हथियार की आवश्यकता को देखते हुए मास्टरमाइंड पदम ने अपने दोस्तों के जारिए कर्वी शहर से हथियार के सौदागरों से खरीदा था। सूत्रों ने बताया कि जुड़वा भाइयों को अगवा करने का प्लान तैयार करने के बाद आरोपी पदमकांत अपने साथी राजू के साथ कर्वी पहुंचा। जहां उसने 58 हजार रुपये मेें एक जायसवाल नामक युवक से पिस्टल खरीदी। जिसका नाम सामने आने के बाद भी गिरफ्तार पुलिस ने नहीं किया। कहा जा रहा कि अभी जांच चल रही है। क्या पिस्टल बेचने वाले को आरोपी बनाया जाएगा। नया गांव थाना प्रभारी सुनील कुमार का कहना कि एसआईटी से जांच कराई जा रही है। विवेचना में साक्ष्य पर जितने आरोपी मिलेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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घायल पिता-पुत्र का कहीं पता नहीं
चित्रकूट। अगवा जुड़वा भाई की हत्या मेें शामिल पदमकांत शुक्ला के पिता रामकरण शास्त्री और अपने छोटे पुत्र विष्णुकांत शुक्ला के साथ कहा है। इस सवाल का जवाब नया गांव पुललिस व एसटीआई जांच के पास नहीं है। ज्ञात हो कि जब अपहरण कांड का खुला हुआ था तो जनता ने रामकरण शास्त्री उसके छोटे पुत्र विष्णुकांत शुक्ला क ी जमकर पिटाई की थी। जिससे उनको गंभीर चोटें आयी थी। सतना के अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। जहां से वह दोनों लापता है। बताया जा रहा है पिता-पुत्र इस समय गोपनीय तरीके से लखनऊ में इलाज करा रहे है।
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बच्चों के परिजानों को मिलेंगे शस्त्र लाइसेंस
चित्रकूट। अपहृत बच्चों के पिता सहित उसके बच्चों के परिजनों को शस्त्र लाइसेेंस देने की प्रक्रिया शुरू हो गई। जिलाधिकारी चित्रकूट विशाख जी अय्यर ने शस्त्र लाइसेंस देने के लिए कहा है। वही मप्र सरकार के निर्देश पर सतना के जिलाधिकारी सत्येंद्र सिंह ने परिजनों से मिलकर चार शस्त्र लाइसेंस देने के लिए का है। कहा कि यदि और लाइसेंस देने की जरूरत पड़ी तो दिया जाएगा। बच्चों के पिता बृजेश ने बताया कि परिवार के सदस्य अमित अगिभनहोत्र, धर्मेेंद्र गुप्ता, अजय वर्मा, सुनील वर्मा के नाम से शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन किया गया है।