फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   संशोधित खबर- फाइल- नंबर छह की-

संशोधित खबर- फाइल- नंबर छह की-

Sun, 24 Jun 2018 11:12 PM IST
Updated Sun, 24 Jun 2018 11:12 PM IST
विज्ञापन
संशोधित खबर- फाइल- नंबर छह की-

विज्ञापन

पानी न मिलने से लापता जवान की मौत

अमर उजाला फालोअप
चित्रकूट। डकैतों की तलाश में निकले सीमा क्षेत्र मप्र के एसएएफ के जवान का 72 घंटे बाद शव बटोही जंगल में मिल गया। पुलिस अधिकारियों ने माना है कि उसकी मौत पानी न मिलने से हो गई है। सही जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद होगी। प्यासा जवान जंगल में दो दिन तक भटकता रहा था। शुक्रवार की शाम लगभग छह बजे जिले की सीमा क्षेत्र में साढ़े पंाच लाख के इनामी डाकू बबुली कोल गैंग की मौजूदगी की सूचना पर मप्र की छह पुलिस टीमें घेराबंदी करने जंगल में उतरी थीं। मझगवंा टीम के साथ प्रभारी समेत चार पुलिस कर्मियों की गर्मी व उमस के कारण तबियत बिगड़ी तो मौके पर पहुंचे नया गांव थाने की टीम ने प्रभारी को सतना अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया। अन्य चार जवान एक पेड़ के नीचे बेसुध बैठ कर मदद का इंतजार करते रहे। जिसमें एक एसएएफ का जवान सचिन शर्मा लापता हो गया था। रविवार की सुबह रींवा आईजी उमेश जोगा, डीआईजी अविनाश शर्मा व सतना एसपी राजेश हिंगडकर खुद जंगल पहुंचे। दोपहर तक बटोही, बगदरा घाटी, सती अनुसुइया व बरकट बाबा के जंगलों में खाक छानने के बाद पुलिस अधिकारी लौट गए। इसके अलावा तीन टीमें अलग खोजबीन कर रहीं थी।
देर शाम लगभग सात बजे नया गांव थानाक्षेत्र के बटोही के जंगल में एक शव पड़ा होने की सूचना चरवाहे ने पुलिस को दी। जिस पर एसडीओपी ओपी शर्मा व थानाप्रभारी सुधांशू तिवारी मय फोर्स जंगल पहुंचे। शव की शिनाख्त एसएएफ जवान सचिन के रूप में की गई। आईजी रींवा उमेश जोगा का कहना है कि प्रथम दृष्टया तो जवान की मौत पानी न मिलने से हुई लगती है। जब वह भटका था तभी वह प्यास के कारण ही डिहाईड्रेशन का शिकार हुआ था। शव को पोस्टमार्टम के लिए मझगवां लाया जा रहा है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद मौत के सही कारण की जानकारी हो सकेगी।
विज्ञापन


एक साथी को तलाश रहे थे 155 पुलिसकर्मी
चित्रकूट। बगदरा घाटी के एसएएफ जवान सचिन को तीन दिन से पुलिस नहीं ढूंढ पाई है। उसकी तलाश में सतना रींवा के पुलिस अधिकारियों के साथ कुल 155 जवान लगाए गए थे । इसके अलावा पुलिस ने वनकर्मी, चरवाहे व स्थानीय लोगों की भी मदद ली गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


अन्य जवानों को छिपा रही पुलिस
चित्रकूट। लापता जवान का शव मिलने के बाद कांबिंग के दौरान मृतक के साथ मौजूद तीन अन्य जवानों में रामलाल तो लगातार पुलिस टीम के साथ जंगल में खोजबीन में जुटा था लेकिन बीमार सर्वेश शर्मा को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसे किसी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिससे किसी से नहीं मिलने दिया जा रहा है। इनकी भूमिका पर भी संदेह उठ रहा है।


परिवार भी पहुंचा जंगल
चित्रकूट। लापता जवान सचिन शर्मा मूल रूप से बोहरा थाना रॉन जिला भिंड के निवासी थे। वह 14 वीं बटालियन की ई कंपनी में तैनात थे। इस घटना की जानकारी होते ही उसके परिवार के सदस्य भी चित्रकूट पहुंचे थे। उसके बेटे देवेश शर्मा ने बताया कि 23 जून को पुलिस विभाग की ओर से घर फोन आया था कि सचिन घर में हैं क्या। इसकी जानकारी के बाद पता चला कि वह गायब हैं तो सभी परेशान हैं। उसके बेटे के साथ उसका साला व ममेरा भाई भी आया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed