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एक सप्ताह बाद भी गैंग का सरगना हाथ से दूर
Updated Mon, 10 Jul 2017 11:43 PM IST
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गैंग के सरगना तक नहीं पहुंच पा रही है पुलिस
तिहरे हत्याकांड के बाद आईजी समेत उच्चाधिकारियों ने जल्द खुलासा का किया था दावा
अमर उजाला ब्यूरो फालोअप
खोही(चित्रकूट)। जिले की सीमा से सटे जंगल में तीन ग्रामीणों की हत्या के बाद शव फूकने के मामले में पुलिस डकैंत गैंग के सरगना ललित पटेल को नहीं ढूढ पाई है। सोमवार को गैंग के दो डाकुओं के पकड़े जाने के बाद पता चला है कि अभी गैंग में चार, पांच डाकू ही बचे हैं।
गौरतलब है कि मुखबिरी के शक में30 हजार के इनामी डाकू ललित पटेल ने मप्र के नयागांव निवासी तीन ग्रामीणाें को पकड़कर हत्या कर दी। तीनों शव को यूपी के भरतकूप चौकी क्षेत्र के कोल्हुआ खंभरिहा के जंगल में आग लगाकर फूंक भी दिया। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से चित्रकूटधाम मंडल के कमिश्नर, डीआईजी, चित्रकूट, बांदा के एसपी मौके पर पहुंचे थे। माना था कि वारदात डाकू ललित पटेल गैैंग ने ही की है। रीवा मप्र आईजी व सतना एसपी ने तो एडी टीम के साथ जंगल में दो दिन तक डेरा भी जमाया और दावा किया जल्द ही पूरे गैंग का खात्मा कर दिया जाएगा।
--इनसेट
मुन्ना को बुलाने आया था सूरज
चित्रकूट। पकड़े गए सदस्यों के बारे में पुलिस ने दावा किया कि दोनों तिहरे हत्याकांड में शामिल थे जबकि पकड़े गए लल्ली पटेल और सूरज मवासी ने बताया कि वह मृतकों को पहचानते नहीं हैं। जब उन्हें मारकर जलाया गया तो वह मौके से बहुत दूर थे। एडी टीम प्रभारी अनिमेष द्विवेदी, कप्तान सिंह, अनिल तिवारी, ओपी चौगडे़ व संतोष ने बताया कि मुन्ना यादव को गांव से बुलाने के लिए सूरज मवासी ही गया था। जिसकी शिनाख्त मृतक मुन्ना के भाई पप्पू ने की है।
तिहरे हत्याकांड के बाद आईजी समेत उच्चाधिकारियों ने जल्द खुलासा का किया था दावा
अमर उजाला ब्यूरो फालोअप
खोही(चित्रकूट)। जिले की सीमा से सटे जंगल में तीन ग्रामीणों की हत्या के बाद शव फूकने के मामले में पुलिस डकैंत गैंग के सरगना ललित पटेल को नहीं ढूढ पाई है। सोमवार को गैंग के दो डाकुओं के पकड़े जाने के बाद पता चला है कि अभी गैंग में चार, पांच डाकू ही बचे हैं।
गौरतलब है कि मुखबिरी के शक में30 हजार के इनामी डाकू ललित पटेल ने मप्र के नयागांव निवासी तीन ग्रामीणाें को पकड़कर हत्या कर दी। तीनों शव को यूपी के भरतकूप चौकी क्षेत्र के कोल्हुआ खंभरिहा के जंगल में आग लगाकर फूंक भी दिया। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से चित्रकूटधाम मंडल के कमिश्नर, डीआईजी, चित्रकूट, बांदा के एसपी मौके पर पहुंचे थे। माना था कि वारदात डाकू ललित पटेल गैैंग ने ही की है। रीवा मप्र आईजी व सतना एसपी ने तो एडी टीम के साथ जंगल में दो दिन तक डेरा भी जमाया और दावा किया जल्द ही पूरे गैंग का खात्मा कर दिया जाएगा।
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--इनसेट
मुन्ना को बुलाने आया था सूरज
चित्रकूट। पकड़े गए सदस्यों के बारे में पुलिस ने दावा किया कि दोनों तिहरे हत्याकांड में शामिल थे जबकि पकड़े गए लल्ली पटेल और सूरज मवासी ने बताया कि वह मृतकों को पहचानते नहीं हैं। जब उन्हें मारकर जलाया गया तो वह मौके से बहुत दूर थे। एडी टीम प्रभारी अनिमेष द्विवेदी, कप्तान सिंह, अनिल तिवारी, ओपी चौगडे़ व संतोष ने बताया कि मुन्ना यादव को गांव से बुलाने के लिए सूरज मवासी ही गया था। जिसकी शिनाख्त मृतक मुन्ना के भाई पप्पू ने की है।
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