{"_id":"60fda1e98ebc3e57f71d45d9","slug":"bam-bomb-naive-s-cheers-echoed-in-pagodas-chitrakoot-news-knp642375225","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिवालयों में गूंजे बम-बम भोले के जयकारे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिवालयों में गूंजे बम-बम भोले के जयकारे
विज्ञापन
Bam-bomb naive's cheers echoed in pagodas
- फोटो : CHITRAKOOT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चित्रकूट/खोही। सावन माह के पहले दिन शिवालयों में भक्त पूजन अर्चन को पहुंचे। रामघाट में स्थित महाराजाधिराज मत्यगजेंद्रनाथ मंदिर में भक्तों ने जलाभिषेक किया। ग्रामीण क्षेत्रों के प्राचीन शिवालयों में भी विधि-विधान से पूजा पाठ किया गया।
सावन माह की शुरुआत रविवार से होते ही शिव मंदिरों में पहुंचे भक्तों ने भगवान शंकर को जलाभिषेक किया। बेलपत्र व अन्य सामग्री चढ़ाकर विधि-विधान से पूजा पाठ किया। रामघाट स्थित मत्यगजेेंद्रनाथ मंदिर में परिवार सहित जलाभिषेक करने के लिए भक्त पहुंचे। मंदिर में कोविड नियमों के आधार पर भक्तों को दर्शन कराया जा रहा है। वह भरतकूप क्षेत्र के मड़फा, मऊ के ऋषियन आश्रम, मानिकपुर क्षेत्र के सोमनाथ मंदिर, पहाड़ी कस्बा स्थित पालेश्वनाथ मंदिर व अन्य प्राचीन शिवालयों में सावन माह में श्रद्धालु दूर-दूर से आ रहे है। मत्स्यगजेंद्र नाथ मंदिर के संत विपिन विहारी तिवारी ने बताया कि सोमवार के दिन भक्तों की भीड़ रहेगी। इसके लिए जिला प्रशासन की मदद के साथ कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी गई है।
शिव की उपासना का महीना है सावन
चित्रकूट। भागवत कथा वाचक रमन तिवारी ने बताया कि पुराणों के अनुसार श्रावण मास में शिव की उपासना तथा शिवतत्व को जानने का महीना है। शिव को सृष्टि का मूल तत्व पालक माना गया है। शिव का स्वरूप तथा उनका परिवार मानव को सांसारिक संकीर्ण वैचारिक परिधि से बाहर निकालकर वसुधैव कुटंबकम की परिकल्पना समझाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सावन माह की शुरुआत रविवार से होते ही शिव मंदिरों में पहुंचे भक्तों ने भगवान शंकर को जलाभिषेक किया। बेलपत्र व अन्य सामग्री चढ़ाकर विधि-विधान से पूजा पाठ किया। रामघाट स्थित मत्यगजेेंद्रनाथ मंदिर में परिवार सहित जलाभिषेक करने के लिए भक्त पहुंचे। मंदिर में कोविड नियमों के आधार पर भक्तों को दर्शन कराया जा रहा है। वह भरतकूप क्षेत्र के मड़फा, मऊ के ऋषियन आश्रम, मानिकपुर क्षेत्र के सोमनाथ मंदिर, पहाड़ी कस्बा स्थित पालेश्वनाथ मंदिर व अन्य प्राचीन शिवालयों में सावन माह में श्रद्धालु दूर-दूर से आ रहे है। मत्स्यगजेंद्र नाथ मंदिर के संत विपिन विहारी तिवारी ने बताया कि सोमवार के दिन भक्तों की भीड़ रहेगी। इसके लिए जिला प्रशासन की मदद के साथ कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी गई है।
विज्ञापन
शिव की उपासना का महीना है सावन
चित्रकूट। भागवत कथा वाचक रमन तिवारी ने बताया कि पुराणों के अनुसार श्रावण मास में शिव की उपासना तथा शिवतत्व को जानने का महीना है। शिव को सृष्टि का मूल तत्व पालक माना गया है। शिव का स्वरूप तथा उनका परिवार मानव को सांसारिक संकीर्ण वैचारिक परिधि से बाहर निकालकर वसुधैव कुटंबकम की परिकल्पना समझाता है।
विज्ञापन