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Chitrakoot News: मनरेगा मजदूरों की एनएमएमएस एप पर भरी जाएगी हाजिरी
Thu, 06 Nov 2025 11:38 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Thu, 06 Nov 2025 11:38 PM IST
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चित्रकूट। मनरेगा के तहत काम करने वाले मजदूरों की अब नेशनल मोबाइल मॉनीटरिंग सिस्टम एप के जरिए हाजिरी भरी जाएगी। एप को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस तकनीक से लैस किया गया है। यह नई पहल विभाग ने लागू हो गई है। मनरेगा में मिट्टी पटाई, तालाब खोदाई सहित अन्य काम कराए जाते हैं। अभी मैनुअल तरीके से मजदूरी की हाजिरी भरी जाती थी लेकिन अब एप से हाजिरी हाेने पर फर्जीवाड़े पर भी लगाम लगेगी। कोई भी गलत जानकारी फीड नहीं कर पाएंगे। इसका मजदूरों को सीधे लाभ होगा।
मनरेगा में लगभग एक लाख मजदूर हैं। जो लगातार काम करते हैं। अभी तक मनरेगा में फर्जी हाजिरी दिखाकर भुगतान किया जाता रहा। इसकी शासन तक शिकायत पहुंची थी। इस पर शासन ने रोक लगाते हुए नेशनल मोबाइल मानीटरिंग सिस्टम एप के माध्यम से मजदूरों की हाजिरी भरने के निर्देश दिए हैं। आदेश के लिए मनरेगा में कार्य करने वाले मजदूरों की एप के जरिए ऑनलाइन हाजिरी लगाई जाएगी। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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मनरेगा से ये होते हैं काम
ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत कच्चा रास्ता, आंगनबाड़ी भवन, खेल मैदान, तालाब खोदाई, सुंदरीकरण, नाली, खडंजा, अन्नपूर्णा भवन, प्रधानमंत्री आवास सहित अन्य काम होते हैं। इसमें मनरेगा के मजदूर ही काम करते हैं। इसके लिए मनरेगा से हर माह लाखों रुपये का भुगतान भी किया जाता है।
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ऐसे काम करेगा एप
एनएमएमएस एप पर हाजिरी लगाने के लिए वर्क आईडी, मास्टर रोल, श्रमिक की पंजीयन संख्या, कार्य का प्रकार, मजदूरों की संख्या, लोकेशन मेट, रोजगार सेवक का नाम, विकास खंड का नाम ऑनलाइन फीड करने के बाद सभी मजदूरों को एक साथ खड़ा कर फोटो ली जाएगी। इसमें कोई भी जानकारी गलत होने पर एप में जानकारी फीड नहीं होगी। तीन बार से अधिक गलत फीड करने पर सूचना मनरेगा सेल को चली जाएगी।
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एप में आ रही समस्या
एनएमएमएस एप से हाजिरी भरने में ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की बड़ी समस्या है। अंग्रेजी भाषा में एप में जानकारी दी हुई है। आधे से अधिक कर्मचारियों को इसके बारे में जानकारी नहीं है। अभी भी एप में तकनीकि समस्याएं आ रहीं हैं। आए दिन एप का सर्वर खराब होने से समस्या होती है।
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बाेले जिम्मेदार
एप लागू हो गया है, इससे कामों में पारदर्शिता आएगी। फर्जीवाड़े पर भी लगाम लगेगी।
- डीएन पांडेय, डीसी मनरेगा।
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मनरेगा में लगभग एक लाख मजदूर हैं। जो लगातार काम करते हैं। अभी तक मनरेगा में फर्जी हाजिरी दिखाकर भुगतान किया जाता रहा। इसकी शासन तक शिकायत पहुंची थी। इस पर शासन ने रोक लगाते हुए नेशनल मोबाइल मानीटरिंग सिस्टम एप के माध्यम से मजदूरों की हाजिरी भरने के निर्देश दिए हैं। आदेश के लिए मनरेगा में कार्य करने वाले मजदूरों की एप के जरिए ऑनलाइन हाजिरी लगाई जाएगी। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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मनरेगा से ये होते हैं काम
ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत कच्चा रास्ता, आंगनबाड़ी भवन, खेल मैदान, तालाब खोदाई, सुंदरीकरण, नाली, खडंजा, अन्नपूर्णा भवन, प्रधानमंत्री आवास सहित अन्य काम होते हैं। इसमें मनरेगा के मजदूर ही काम करते हैं। इसके लिए मनरेगा से हर माह लाखों रुपये का भुगतान भी किया जाता है।
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ऐसे काम करेगा एप
एनएमएमएस एप पर हाजिरी लगाने के लिए वर्क आईडी, मास्टर रोल, श्रमिक की पंजीयन संख्या, कार्य का प्रकार, मजदूरों की संख्या, लोकेशन मेट, रोजगार सेवक का नाम, विकास खंड का नाम ऑनलाइन फीड करने के बाद सभी मजदूरों को एक साथ खड़ा कर फोटो ली जाएगी। इसमें कोई भी जानकारी गलत होने पर एप में जानकारी फीड नहीं होगी। तीन बार से अधिक गलत फीड करने पर सूचना मनरेगा सेल को चली जाएगी।
एप में आ रही समस्या
एनएमएमएस एप से हाजिरी भरने में ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की बड़ी समस्या है। अंग्रेजी भाषा में एप में जानकारी दी हुई है। आधे से अधिक कर्मचारियों को इसके बारे में जानकारी नहीं है। अभी भी एप में तकनीकि समस्याएं आ रहीं हैं। आए दिन एप का सर्वर खराब होने से समस्या होती है।
बाेले जिम्मेदार
एप लागू हो गया है, इससे कामों में पारदर्शिता आएगी। फर्जीवाड़े पर भी लगाम लगेगी।
- डीएन पांडेय, डीसी मनरेगा।