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Chitrakoot News: कम पड़ गई एंबुलेंस, प्राइवेट वाहन बुलाए
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रोते-बिलखते परिजन।
- फोटो : संवाद
चित्रकूट। हाईवे पर डीसीएम व पिकअप की टक्कर के बाद घायल व मृतकों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस भी कम पड़ गई। घटना की सूचना के लगभग 15 मिनट बाद एक एबुंलेंस पहुंची। 30 मिनट बाद दो एंबुलेंस और पहुंची। सभी रामनगर सीएचसी पहुंची। यहां पर नाममात्र का इलाज होने के बाद सभीको रेफर किया गया। तीन एंबुलेंस तो घायलों को लेकर जिला अस्पताल की ओर चल दीं। अब प्रयागराज ले जाने के लिए एंबुलेंस का इंतजार करना पड़ा। ऐसे में एसपी अरुण कुमार सिंह ने दो बार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बातचीत की। पूरी घटना की जानकारी डीएम शिवशरणप्पा को भी दी। इसी बीच मऊ मानिकपुर विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी ने तीन बोलेरो को बुलाकर घायलों को प्रयागराज की ओर रवाना किया।
दोपहर लगभग 12 बजे सन्नाटा था। इसी बीच भखरवार मोड़ पर टकराने की तेज आवाज आई। आसपास के लोग दौड़कर सड़क पर पहुंचे तो वहां का दृश्य देखकर चीख पड़े। चारों तरफ पड़े घायल चीख रहे थे। उनकी आंसू से आंसू बह रहे थे। यह देखकर ग्रामीणों की रूह कांप गई। तुरंत लोग राहत कार्य में जुट गए। राम साहू और दुर्गा को जब बाहर निकाला तो कराह रहे थे। ये लोग पानी मांग रहे थे। कंंधे का सहारा देकर लाया तो दोनों सड़क पर गिर गए।अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
20 मिनट बाद पहुंची पुलिस, 40 मिनट बाद एसपी
लगभग 20 मिनट बाद रैपुरा थाना पुलिस टीम पहुंची और 40 मिनट बाद एसपी भी मौके पर पहुंचे। लगभग एक घंटे बाद विधायक भी पहुंचे। पुलिसकर्मी भी ग्रामीणों की मदद से घायलों को एंबुलेंस से लिटा रहे थे।इसके बाद एसपी सीएचसी पहुंचे तो वहां मौजूद स्टॉफ आनन फानन में सबके इलाज में जुट गया। रामनगर अस्पताल की हालत यह थी कि वहां गंदे बेड थे और महज दो स्टॉफ था। घटना की जानकारी होने के बाद अस्पताल कैंपस में रहने वाले दो डॉक्टर पहुंचे इसके बाद घायलों का लगभग 20 मिनट बाद इलाज शुरु हो सका।
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नींद पूरी नहीं हो पाई, फिर भी बरात लेकर गया रामू
बल्हौरा गांव निवासी पिकअप चालक/मालिक रामू साहू को झपकी आने के पीछे उनके रिश्तेदार संतोष कुमार ने बताया कि शनिवार को वह पिकअप से भाड़े पर माल लेकर मऊ से शंकरगढ़ गया था। उसका पिकअप रविवार को शादी में बैंड बाजा वालों को ले जाने के लिए तय था। युबह उसके घर लोग बारात में ले जाने के लिए पहुंचे तो वह सो रहा था। इसके बाद सुबह लगभग 11 बजे वह बिना नहाए ही पिकअप लेकर चल दिया। उसके परिजनों ने खाना खाकर जाने के लिए जिद की लेकिन उसने कहा कि वह बरात में जा रहा है वहीं खा लेगा। रास्ते में शायद उसे झपकी आई और वह दूसरी लेन में जाकर डीसीएम से टकरा गया।
पंचनामा के लिए शाम को छह बजे पहुंची पुलिस
चित्रकूट। पिकअप और डीसीएम की सीधी भिडंत में पांच लोगों की मौत हो गई। इसमें पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। जिला अस्पताल में संतराम और बच्चा को दोपहर करीब दो बजे मृत घोषित किया गया था। इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी शव का पंचनामा के लिए पुलिस शाम करीब छह बजे जिला अस्पताल पहुंची। इससे परिजनों में नाराजगी रही। इह प्रयागराज ले जाते रास्ते में कौनेन की मौत के बाद परिजन शव लेकर पोस्टमार्टम के लिए पहुंच गए। वहां से मेमो न होने की बात कहकर लौटा दिया गया। उसके बाद परिजन शव लेकर छह बजे जिला अस्पताल पहुंचे। वहां पंचनामा भरा गया।
वहीं दुर्घटना की सूचना मिलते ही जिला अस्पताल में एंबुलेंस पहुंचने के पहले ही डाॅ. तनवीर अफरोज, डाॅ. प्रबल प्रताप सिंह, डाॅ. आशुतोष कुमार, डाॅ. सुनील सहित अन्य स्टाप मौके पर पहुंच गए थे। घायलों के पहुंचते ही एक-एक डाॅक्टर ने इलाज शुरु कर दिया था।
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दोपहर लगभग 12 बजे सन्नाटा था। इसी बीच भखरवार मोड़ पर टकराने की तेज आवाज आई। आसपास के लोग दौड़कर सड़क पर पहुंचे तो वहां का दृश्य देखकर चीख पड़े। चारों तरफ पड़े घायल चीख रहे थे। उनकी आंसू से आंसू बह रहे थे। यह देखकर ग्रामीणों की रूह कांप गई। तुरंत लोग राहत कार्य में जुट गए। राम साहू और दुर्गा को जब बाहर निकाला तो कराह रहे थे। ये लोग पानी मांग रहे थे। कंंधे का सहारा देकर लाया तो दोनों सड़क पर गिर गए।अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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20 मिनट बाद पहुंची पुलिस, 40 मिनट बाद एसपी
लगभग 20 मिनट बाद रैपुरा थाना पुलिस टीम पहुंची और 40 मिनट बाद एसपी भी मौके पर पहुंचे। लगभग एक घंटे बाद विधायक भी पहुंचे। पुलिसकर्मी भी ग्रामीणों की मदद से घायलों को एंबुलेंस से लिटा रहे थे।इसके बाद एसपी सीएचसी पहुंचे तो वहां मौजूद स्टॉफ आनन फानन में सबके इलाज में जुट गया। रामनगर अस्पताल की हालत यह थी कि वहां गंदे बेड थे और महज दो स्टॉफ था। घटना की जानकारी होने के बाद अस्पताल कैंपस में रहने वाले दो डॉक्टर पहुंचे इसके बाद घायलों का लगभग 20 मिनट बाद इलाज शुरु हो सका।
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नींद पूरी नहीं हो पाई, फिर भी बरात लेकर गया रामू
बल्हौरा गांव निवासी पिकअप चालक/मालिक रामू साहू को झपकी आने के पीछे उनके रिश्तेदार संतोष कुमार ने बताया कि शनिवार को वह पिकअप से भाड़े पर माल लेकर मऊ से शंकरगढ़ गया था। उसका पिकअप रविवार को शादी में बैंड बाजा वालों को ले जाने के लिए तय था। युबह उसके घर लोग बारात में ले जाने के लिए पहुंचे तो वह सो रहा था। इसके बाद सुबह लगभग 11 बजे वह बिना नहाए ही पिकअप लेकर चल दिया। उसके परिजनों ने खाना खाकर जाने के लिए जिद की लेकिन उसने कहा कि वह बरात में जा रहा है वहीं खा लेगा। रास्ते में शायद उसे झपकी आई और वह दूसरी लेन में जाकर डीसीएम से टकरा गया।
पंचनामा के लिए शाम को छह बजे पहुंची पुलिस
चित्रकूट। पिकअप और डीसीएम की सीधी भिडंत में पांच लोगों की मौत हो गई। इसमें पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। जिला अस्पताल में संतराम और बच्चा को दोपहर करीब दो बजे मृत घोषित किया गया था। इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी शव का पंचनामा के लिए पुलिस शाम करीब छह बजे जिला अस्पताल पहुंची। इससे परिजनों में नाराजगी रही। इह प्रयागराज ले जाते रास्ते में कौनेन की मौत के बाद परिजन शव लेकर पोस्टमार्टम के लिए पहुंच गए। वहां से मेमो न होने की बात कहकर लौटा दिया गया। उसके बाद परिजन शव लेकर छह बजे जिला अस्पताल पहुंचे। वहां पंचनामा भरा गया।
वहीं दुर्घटना की सूचना मिलते ही जिला अस्पताल में एंबुलेंस पहुंचने के पहले ही डाॅ. तनवीर अफरोज, डाॅ. प्रबल प्रताप सिंह, डाॅ. आशुतोष कुमार, डाॅ. सुनील सहित अन्य स्टाप मौके पर पहुंच गए थे। घायलों के पहुंचते ही एक-एक डाॅक्टर ने इलाज शुरु कर दिया था।